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Maa ki chudai मॉं की मस्ती
11-24-2017, 01:08 PM,
#61
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
आरती के कहने पर वो दोनो जने कमरे से बाहर आ गये,और उनके बाहर आते ही आरती ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.बाहर वो दोनो मनु के रूम मे आ गये,रमण और मनु दोनो जने आज बहुत खुश थे,रमण को तो जो उसने कहा था वो मिल गया था,और मनु भी अपनी मा को चोदने मे सफल हो गया था.

रमण ने मनु से कहा कि यार आज तो रात को मज़ा आ गया, जो भी प्लान किया था वो सक्सेस्फुल हो गया,और मेरे साथ-2 तुम्हारे भी मज़े हो गये.

मनु-हां भैया आपने तो कल कमाल ही कर दिया मुझे नही पता था कि आप एक ही रात मे इतना आगे तक बढ़ जाओगे.

रमण-यार इसमे तुम्हारा भी तो रोल है,तुम सही टाइम पर बाहर चले गये नही तो तुम्हारी मम्मी शरमाने के कारण खुल नही पा रही थी.

मनु-पर भैया आप की टाइमिंग बहुत बढ़िया है,आप ने सही टाइम पर मुझे बुला भी लिया नही तो मुझे मज़े के लिए तरसना पड़ता.

रमण-आरे मेरे भाई ऐसा कैसे हो सकता है जब तुम ने मेरे लिए इतना किया तो मैं क्या तुम्हारे लिए ये भी नही कर सकता था,पर अब आगे के लिए तो तुम्हारे मज़े हो गये हैं,अब तुम्हारी माँ सारे दिन रात तुम्हारे साथ है तुम जब मर्ज़ी उसकी ले सकते हो.

मनु-बात तो आपकी सही है,पर इस काम में भी आप को मेरा गुरु बन-ना पड़ेगा तभी ये हो पाएगा.

रमण-मैं हमेशा ही तुम्हारे साथ हूँ पर तुम भी कहीं अपनी माँ के साथ मिल कर मुझे भूल मत जाना.

मनु-ये आप क्या कह रहे हो ऐसा हो ही नही सकता,पर हां अभी मम्मी को और भी ज़्यादा मस्का लगाना होगा,कहीं ऐसा ना हो कि अब उनको हमारे साथ कोई प्राब्लम हो.

रमण-नही-2 तुम बिल्कुल मत घबराओ अब तो हम जैसा कहेंगे वो वैसे ही करेंगी,क्यूंकी मज़ा खाली हमे ही नही उनको भी आया है,अभी तुमने देखा नही अगर कामवाली आने वाली नही होती तो अभी भी तुम्हारी मा हमारे साथ एक-2 राउंड और लगा लेती,पर हां अभी उनको और मनाना होगा कि घर पर वो तुम्हारे और मेरे सामने कपड़े ज़रा काम -2 ही पहने.
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11-24-2017, 01:08 PM,
#62
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
तभी आरती कपड़े पहन कर आ गयी,उसने देखा कि वो दोनो आपस मे बातें कर रहें हैं तो उसने कहा क्या बाते चल रही हैं.आरती की आवाज़ सुन कर दोनो ने आरती की तरफ देखा आरती ने अब गाउन पहन लिया था,और वो नहा कर और भी सुंदर लग रही थी,पर उन दोनो को तो ये देख कर शॉक लगा कि आरती ने उनकी बात ना मान कर गाउन के साथ-2 अंडरगार्मेंट्स भी पहन लिए थे,जबकि वो ये चाहते थे कि अब आरती उनके सामने कम से कम कपड़ों मे रहे.

तो रमण ने कहा कि तुम्हारी ही बातें हो रही थी जान पर ये क्या तुम तो इतने सारे कपड़े डाल कर आ गयी अब अगर हमारा मन करेगा तो इतने कपड़े उतारने पड़ेंगे.

आरती-इसलिए ही तो मैं ने कपड़े कम नही पहने तुम लोगों का क्या है कहीं भी मुझे देखा तो तुम्हारा तो हमेशा खड़ा रहता है वहीं पर डाल दोगे.

मनु-पर मम्मी अभी तो आप कह रही थी कि ऐसा नही करोगी.

आरती-मेरे बेटे रमण तुम नही समझोगे अभी काम वाली आएगी तो अगर उसने देखा कि मैं ऐसे कपड़ों मे घर मे हूँ तो अच्छा नही रहेगा,एक बार वो काम करके चली जाए तो तुम जैसे कहोगे वैसे ही रहूंगी.

मनु-वाउ मोम ये हुई ना बात.

आरती-अच्छा चलो अब आज तो मेरे बस की और करवाना नही है,अब मैं नाश्ता तैयार कर रही हूँ तुम लोग कर लेना,फिर आज जो तुमने मेरे साथ किया है उसके कारण मुझे आराम करना पड़ेगा.

ये कह कर आरती मनु के रूम से निकल गयी,तब रमण ने कहा कि अच्छा अब मे चलता हूँ जब तुम्हारी मम्मी ने कह ही दिया कि आज और कुछ नही होगा तो मैं रुक कर क्या करूँगा,और ये कह कर रमण वहाँ से निकल गया.

रमण के जाने का बाद मनु किचेन मैं आपनी माँ के पास आया और बोला मम्मी क्या बना रही हो,और पीछे से आरती से चिपक गया.

आरती नेपीछे मूड कर कहा कि ये क्या कर रहे हो,मैने अभी-2 तुम को क्या कहा था.

मनु-पर पहले काम वाली को आने तो दो,जब तक वो नही आती मैं ऐसे ही आप से चिपक के कुछ तो मज़े कर ही लूँ.

आरती-नही ऐसे मत करो अच्छा नही है फिर रमण क्या सोचगा कि अभी तो मैने उसके सामने मना किया और अब तुम ऐसे कर रहे हो.

मनु-पर रमण भैया तो चले गये.

आरती-अच्छा कब गया रमण

मनु-अभी-2 कह रहे थे कि आज तो आपने मना कर दिया फिर रुक कर क्या करेंगे.

तभी बाहर की बेल बजी और मनु ने जा कर दरवाजा खोला तो काम वाली आई थी,फिर मनु अपने रूम में चला गया.

जब काम वाली काम निपटा कर गयी और गेट बंद होने की आवाज़ आई मनु तुरंत बाहर आया,तो उसने देखा कि आरती अपने कमरे मैं सोई हुई थी,वो समझ गया कि अब उसकी मम्मी रात भर की चुदाई की थकान उतार रही है और वो भी अपने कमरे में जा कर सो गया. 

शाम को आरती मनु को उठाने उसके कमरे मैं आई तो मनु बेसूध पड़ा सो रहा था,तब तक आरती की थकान और शरीर का दर्द कुछ कम हो गया था,जब उसने मनु को ऐसे सोते हुए देखा तो उसके शरीर मैं फिर से खुमारी चढ़ने लगी,कहते हैं ना कि एक बार जिसको बाहर का खाने की आदत पड़ जाए वो हमेशा उसी चक्कर में ही रहता है,तो फिर आरती को एक शरारत सूझी वो अपने कमरे मैं गयी और जा कर नाइटी के नीचे से अपने अंडर गारमेंट्स निकाल दिए और अपने नंगे जिस्म पर सिर्फ़ एक पतली सी नाइटी डाल कर मनु के रूम में उसको जगाने के लिए आई.

आरती ने अब मनु के रूम में आ कर धीरे से मनु को कहा कि मनु बेटा उठो ना अब उठना नही क्या,कब से सो रहे हो.अपनी मा की आवाज़ सुन कर मनु की नींद खुली तो उसने अपनी आँखें खोल कर देखा और जैसे ही उसकी नज़र अपनी माँ के आध नंगे जिस्म पर पड़ी उसकी तो नींद ही उड़ गयी,आरती इस टाइम एक पतली सी नाइटी में उसके सामने खड़ी थी,जिसमें से उसके मोटे -2 मम्मे बाहर आने को तैयार हो रहे थे और नीचे उसकी सुडौल भारी-2 जंघें भी नंगी नज़र आ रही थी,वो नाइटी कुछ शॉर्ट थी,और वो किसी को भी सिड्यूस करने में समर्थ थी.
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11-24-2017, 01:08 PM,
#63
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
वैसे भी आरती के रूप का जलवा उस नाइटी में और ज़्यादा निखार के आ रहा था,तो अब तो मनु की आँखें अपनी माँ पर ही जम गयी और वो पालक झपकाना भी भूल गया,जब आरती ने उसको ऐसे अपने आप को घूरते हुए देखा तो वो मन ही मन बहुत खुस हुई कि उसके रूप का जादू इस नाइटी में उसको और भी कातिल बना रहा है,और वो मनु पे चल गया है,अब वो उसको चिडाने वाले अंदाज़ में बोली क्या उठोगे नही सोए ही रहोगे.

और ये कह कर वो बाहर आ गयी,जब आरती मनु के रूम से निकल गयी तब जा कर मनु का ध्यान भंग हुआ नही तो वो अपनी माँ के रूप का ही रस्पान किए जा रहा था,अब मनु जल्दी से उठा और वॉशरूम में जा कर मूह वगेरह धो कर बाहर आ गया.

बाहर आरती अब किचेन में थी वो रात के खाने की तैयारी करने लगी थी,मनु ने जब देखा कि उसकी माँ उस अध नंगी अवस्था में खाना बनाने की तैयारी कर रही है,तो वो उसके पास चला गया और फिर से पीछे से उस-से चिपक गया,और धीरे-2 उसके चुतडो पर हाथ फेरने लगा.

आरती को जब मनु का स्पर्श अपने शरीर पेर और फिर अपनी गान्ड पर महसूस हुआ तो उसको बहुत अच्छा लगा पर वो मनु से बोली कि ये क्या कर रहे हो मुझे काम करने दो.

मनु बोला कि मैं तुम्हे काम करने से कहाँ रोक रहा हूँ पर मैं भी तो अपना काम कर रहा हूँ,मुझे भी अपना काम करने दो.ये कह कर उसने अपनी माँ की नाइटी को थोड़ा सा उपर किया और अपनी माँ की चिकनी नंगी गान्ड पर हाथ फेरते हुए अपनी उंगली आरती की नरम गान्ड में घुसा दी.

जैसे ही मनु की उंगली आरती की गान्ड के अंदर गयी उसकी तो चीख सी निकल गयी,पर वो बोली कुछ नही और वैसे ही अपना काम करती रही, अब मनु समझ गया कि उसकी माँ को भी उसका यूँ मस्ती करना अच्छा लग रहा है तो उसने अपनी उंगली को थोड़ा सा बाहर किया और फिर से अपनी माँ की गान्ड में पेल दिया अब की बार आरती के मूह से एक मादक सिसकारी ही निकली.

अब मनु समझ गया कि आरती भी मज़े कर रही है तो उसने अपनी उंगली को फिर से अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और उसके ऐसे करने पर हर बार आरती बहुत मादक-2 सिसकियाँ लेने लगी,तब मनु ने अपना बरमूडा खोल कर नीचे गिरा दिया और अंडरवेर भी उतार दिया और अपना खड़ा हुआ लंड अपनी माँ की नंगी चिकनी गान्ड पर रगड़ने लगा

अपनी माँ की नरम गान्ड पर जब उसने अपना लंड रगड़ना शुरू किया तो वो तो तंबू की तरह से तन गया और उसमे से थोड़ा सा पानी भी निकलने लगा,उस पानी से उसके लंड का टोपा भी चिकना हो गया अब वो अपने लंड को वैसे ही अपनी माँ की गान्ड में लगा कर बिना अंदर किए ही आगे-पीछे करने लगा था,और इस-से आरती को भी बहुत मज़ा आ रहा था,जब वो अपने लंड को आगे करता तो आरती भी अपनी गान्ड को पीछे को धकेल रही थी.
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11-24-2017, 01:09 PM,
#64
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
मनु समझ गया कि आरती भी अब उसकी रागड़ाई का फुल मज़ा ले रही है,फिर उसने अपना हाथ आगे करके अब अपनी उंगली अपनी माँ की चूत के पास ले गया,पर वहाँ से तो इतना पानी टपक रहा था जैसे की उसकी माँ ने वहाँ पर सूसू कर दिया हो,फिर मनु ने पहले तो अपनी उंगली को अपनी नाक के पास ला कर सूँघा,तो उसमें से इतनी मादक खुसबू आ रही थी कि वो मदहोश ही हो गया और वो उंगली उसने अपने मूह में ले ली और उसको चूसने लगा, उसको अपनी मा की चूत के रस का स्वाद इतना अच्छा लगा कि वो फिर से अपनी उंगली को अपनी माँ की चूत के पास ले गया पर इस बार उसने अपनी 2 उंगलियाँ आरती की चूत में डाल दी,जैसे ही मनु की उंगली आरती की चूत में गयी वो तो बिल्कुल ही मदहोश हो गयी और ज़ोर-2 से सिसकारियाँ भरने लगी,और उसकी सिसकारियो से मनु को भी जोश बढ़ गया,फिर उसने वो उंगलियाँ अपनी माँ की चूत से निकाली और एक बार फिर से अपनी नाक के पास ले जा कर पहले उसको सूँघा और फिर उन उंगलियो को अपनी जीभ निकाल कर चाटना शुरू कर दिया,जिस तरह से वो चाट रहा था ऐसे लग रहा था कि वो चूत का रस ना हो कर अमृत हो.

अब आरती का ध्यान भी खाना बनाने पर ना हो कर अपनी चूत की आग पर ही था और वो भी कह रही थी कि अब मनु उसकी चूत की ठुकाई कर दे,तो उसने अपना हाथ पीछे करके मनु के लंड पर रख दिया,और फिर वो पीछे को घूम गयी अब आरती और मनु आमने-सामने थे,मनु का तना हुआ लंड आरती के हाथ में था और दोनो एक दूसरे को वासना भरी कामुक नज़रो से देख रहे थे 

अब आरती और मनु मा और बेटा दोनो आमने सामने खड़े थे मनु का तना हुआ लंड उसकी माँ आरती के नरम हाथों मैं था,और वो अपने हाथ को धीरे-2 मनु के लंड पर फिरा रही थी,मनु का लंड आरती के हाथों के स्पर्श से और ज़्यादा तना जा रहा था.

फिर मनु ने अपनी माँ की चुचियो को गाउन के अंदर हाथ डाल कर पकड़ लिया और उनको दबाने लगा,आरती को भी अपनी चुचियाँ मसलवाने में मज़ा आ रहा था,वो भी अब मनु के हाथों से चुचियाँ मसलवाने में आनंद ले रही थी,फिर मनु ने अपने हाथों से अपनी मा की छोटी सी नाइटी को उतार फेंका अब आरती किचन में मनु के सामने बिल्कुल ही नंगी खड़ी थी,और मनु ने भी सिवाए टीशर्ट के कुछ भी नही पहना हुआ था.

अब मनु ने अपनी माँ की चुचि को अपने मूह में ले लिया और खड़ा-2 ही उसको चूसने लगा, आरती भी मज़े में एक हाथ से तो उसके लंड को सहला रही थी,पर दूसरे हाथ से अपनी चुचि को दबा कर मनु के मूह में डाल रही थी,अब वो दोनो ही वासना के नशे में डूब गये थे,अब आरती को लग रहा था कि उसकी चूत को अब तो मनु के लंड की बहुत ही ज़्यादा ज़रूरत हुई नही तो वो सहन नही कर पाएगी,तो उसने मनु से कहा कि बेटा अब बस भी करो क्या इनको ही चूस्ते रहोगे, और अपने एक हाथ से मनु का हाथ पकड़ा और अपनी बहती हुई चूत पर ले जा कर रख दिया और बोली -इसका भी कुछ ख़याल करो ना.

मनु समझ गया कि अब उसकी माँ चुदवाने के लिए गरम हो चुकी है अब उसको अपना लंड मा की चूत में डाल देना चाहिए, तो उसने कहा कि माँ क्या यहीं कर लें क्या?

आरती ने कहा और नही तो क्या अब यहीं पर मुझे चोद दो मेरी चूत में अपना ये गरम लंड डाल कर इसकी गर्मी को शांत कर दो.

मनु ने कहा कि ठीक है और फिर उसने अपनी टीशर्ट भी उतार दी और अपनी माँ को आगे करके किचन में ही सेल्फ़ के साथ ले जा कर खड़ा कर दिया आरती समझ गयी वो तो पहले ही बहुत खेली-खाई हुई थी कि मनु क्या चाहता है, तो उसने भी घूम कर अपने आपको सेल्फ़ के सहारे झुका कर खड़ा कर लिया, और अपनी गान्ड को पीछे की तरफ फैला दिया,और टाँगें खोल दी,अब पोज़ीशन ये थी कि आरती की खुली हुई चूत मनु को निमंत्रण दे रही थी कि वो अपने लंड को उसमें डाल कर उसको चोद डाले.

मनु ने अपने लंड को हाथ में लिया और आगे बढ़ कर अपने लंड को अपनी माँ की चूत पर लगा दिया,उसकी चूत तो पहले ही रस के कारण चिकनी हो रही थी,इसलिए जैसे ही उसने धक्का लगाया तो उसका लंड सरक कर आरती की चूत में समा गया.

आरती ने जब महसूस किया कि मनु का लंड पूरे का पूरा उसकी चूत में घुस गया है तो उसको बड़ा मज़ा आया,और उसने एक बार हाथ पीछे ले जा कर देखा कि अब लंड बाहर तो नही है,जब उसने देखा कि पूरा लंड जा चुका है,तो उसने कहा कि मनु बेटा अब धक्के लगा कर मेरी चूत को जम कर चोदो,अब इसको चाहे फाड़ डालो मैं कुछ नही कहूँगी,पर इसकी आग को तुम शांत कर दो.

मनु बोला कि माँ तुम देखती जाओ अब मैं कैसे तुम्हारी चूत को चोद-2 कर इसका भोसड़ा बना दूँगा अब तो मैं सारे दिन और रात ही तुमको घर पर नंगा ही रख कर तुम्हारी चूत मारता रहूँगा,रमण भैया तो कभी-2 ही आएँगे अब मैं तुमको हर टाइम अपने लंड के नीचे ही रखूँगा.

आरती बोली ठीक है बेटा मैं भी अब घर में कपड़े नही पहनूँगी और जैसे तुम कहोगे वैसे ही रहूंगी,अगर तुम कहोगे तो मैं तुम्हारी रंडी बन जाउन्गि,मुझे तुम लोगों ने जो चुदाई का आनंद दिया है वो कभी भी नही मिला.

मनु ने जब अपनी माँ के मूह से ये सब सुना तो उसका जोश और ज़्यादा बढ़ गया-वो बोला ठीक है माँ अब में तुमको घर में अपनी रंडी की तरह से ही ट्रीट करूँगा और मैं जो भी कहूँगा तुम वो सब फॉलो करना.

आरती-ठीक है बेटा पर तुम अभी बातें कम करो और मेरी चुदाई पर ज़्यादा ध्यान दो.


ये कह कर आरती अपनी कमर को आगे-पीछे करने लगी और अब मनु ने भी अपने धक्को की रफ़्तार बढ़ा दी थी,उसको इस बात की बहुत ख़ुसी थी कि अब उसकी माँ पूरी तरह से उसकी मुट्ठी में थी,अब वो जब चाहे घर पर उसको चोद सकता था,और वो भी अपनी चूत की खुजली मिटाने के लिए जैसे मनु चाहे करने को तैयार थी.

कुछ ही देर में मनु ने कहा कि माँ अब में झड़ने वाला हूँ,तो आरती ने कहा कि ठीक है कुछ देर रूको तो मेरा भी तुम्हारे ही साथ निकल जाएगा,मनु ने कहा कि ठीक है माँ,मैं कोशिस करता हूँ,और अब उसने अपनी रफ़्तार कुछ कम कर दी,पर आरती वैसे ही अपनी कमर को हिलाती रही, कुछ ही देर में आरती बोली कि मनु अब अपनी रफ़्तार फिर से बढ़ा दो अब मैं भी झड़ने के लिए तैयार हूँ.


ये सुन कर मनु ने भी अपनी रफ़्तार तेज़ कर दी,अब दोनो माँ-बेटे किचन में बहुत तेज़ी से चुदाई कर रहे थे और कुछ ही देर में दोनो जने साथ-2 झाड़ गये,झड़ने के बाद मनु ने अपना लंड अपनी माँ की चूत से बाहर निकाल लिया.

मनु के लंड को बाहर निकलते ही जैसे आरती की चूत का कॉर्क खुल गया और उसमें से दोनो के रस का मिक्स्चर बह कर बाहर आने लगा,आरती को अपनी जांघों पर कुछ रिस्ता हुआ लगा,तो उसने हाथ नीचे करके अपनी चूत पर लगाया,तो दोनो के रस का कॉकटेल उसकी उंगलियो पर लग गया,मनु ने ऐसा करते हुए देख लिया कि उसकी माँ की उंगलियो पर उसकी चूत का मिक्स्चर लगा हुआ है,तो उसने अपनी माँ का हाथ पकड़ कर उसको उसके ही मूह के पास ले गया,आरती समझ गयी कि मनु क्या चाहता है,वो मनु के इशारे को समझ गयी और उसने अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी उंगलियो को चाटना शुरू कर दिया,वो बहुत ही सिड्यूसिव तरीके से अपनी ही उंगलियो को चाट रही थी,ये देख कर मनु के लंड में फिर से हरकत होने लगी,अब आरती ने अपनी उंगलियो को अपने मूह में ले लिया और वो उनको चूसने लगी.
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11-24-2017, 01:12 PM,
#65
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
अब तो मनु को बहुत ही मज़ा आ रहा था,अब तो उसकी माँ उसके हर तरह के इशारे को समझ कर जैसे वो चाहता था वैसे ही कर रही थी,फिर मनु वहीं पर नीचे बैठ गया और उसने अपना मूह अपनी माँ की चुदि हुई चूत पर रख दिया और वो उसमे भरे हुए रस को चूसने लगा,आरती को भी अपनी चूत चुसवाने में मज़ा आ रहा था.

अब आरती के लिए खड़ा होना मुश्किल हो गया था,तो वो मनु से बोली कि मनु अब मेरे से खड़ा नही हुआ जा रहा.

तो मनु ने कहा कि कोई बात नही तुम यहीं पर लेट जाओ और ये कह कर उसने अपनी माँ को वहीं पर लिटा दिया,और फिर से उसकी चूत में मूह घुसा दिया और उसको चूसने लगा,आरती अब मनु की चुसाइ से बुरी तरह से सीसीयाने लगी थी,और अपनी कमर को उपर उछालने लगी थी.

फिर कुछ ही देर में आरती की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया,और उसकी चूत का पानी मनु ने सारे का सारा चूस लिया.

आरती कुछ ही देर में दो बार झाड़ चुकी थी अब उसकी टाँगों में इतनी ताक़त नही थी कि वो खड़ी हो सके तो उसने मनु से कहा कि अब मैं खाना नही बना सकती तुम बाहर से ही कुछ मॅंगा लो,मनु ने कहा कि ठीक है और उसने फिर बाहर से पिज़ा का ऑर्डर दे दिया,और फिर से किचन में आ गया वहाँ आरती वैसे ही नंगी हालत में फर्श पर लेटी हुई थी,ये सीन मनु को बहुत ही इरोटिक लगा और उसने अपनी माँ की इस हालत में फोटो खींच ली.

आरती की आँख खुली तो उसने देखा की मनु उसको देखे जा रहा है,तो वो बोली कि ऐसे क्या देख रहा है,मनु बोला माँ तुम ऐसे नंगी लेटी हुई बहुत सुंदर लग रही हो,तो इसलिए ही तुमको निहार रहा था.

आरती बोली अब बस भी करो और वो उठने लगी तो मनु ने उसको अपनी गोद मैं उठा लिया और उसको ले जा कर उसके बेड पर लिटा दिया.कुछ ही देर में वो सो गयी.

इस तरह से अब मनु की तो लॉटरी लग गयी थी,वो अब स्कूल से आने के बाद ज़्यादा समय अपनी माँ के साथ ही गुज़ारता था,और ऐसे ही रमण भी जब भी मनु को ट्यूशन पढ़ाने के लिए आता था तो कम से कम एक बार तो आरती को ज़रूर ही चोद्ता था,अब आरती को भी चुदाई की इतनी आदत हो गयी थी कि वो घर में हर समय कम कपड़ों में ही रहती थी और ब्रा और पैंटी पहन-ना तो उसने तक़रीबान बंद ही कर दिया था.

जैसे ही उन दोनो जनो में से कोई भी उसको चोदना चाहता था वो हर समय तैयार ही रहती थी,एक तरह से हर टाइम उसकी चूत में किसी ना किसी के लंड का पानी बहता ही रहता था,क्यूंकी वो उसको सॉफ नही करती थी,उसको लंड के पानी को अपनी चूत में महसूस करके बहुत मज़ा आता था,अगर कभी भी उसको पैंटी पहननि पड़ती थी तो वो वैसे ही हालत में ही पैंटी पहन लेती थी और उसको बहुत मज़ा आता था.

रमण जब मनु को ट्यूशन पढ़ाने आता था तो वो आ कर उसकी गोद में बैठ जाती और फिर वहीं से उनकी मस्ती शुरू हो जाती थी और चुदाई पर जा कर ही रुकती थी,पर इस बीच में रमण मनु को वहीं पढ़ने की हिदायात दे कर दूसरे कमरे में ले जा कर आरती की चूत को अपने लंड की खुराक देता था.

इस तरह से अब आरती की चुदाई और मनु की पढ़ाई दोनो साथ-2 चल रही थी,पर कुछ दिनो से रमण को इसमे कुछ बदलाव करने की चाहत हो रही थी

और एक दिन जब रमण हमेशा की तरह से आरती की चूत मार रहा था,तो वो बोला कि जान आज तो कुछ अलग करने का दिल है.
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11-24-2017, 01:12 PM,
#66
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
आरती ने कहा क्या हुआ क्या मेरे से दिल भर गया तुम्हारा.

रमण-नही मैने ये कब कहा मैं तो आज तुम्हारी चूत के साथ-2 तुम्हारी गान्ड भी मारना चाहता हूँ,वैसे तो तुम्हारी चूत इतनी दिलकश है कि कोई सारी उमर भी चोद्ता रहे तो उसका दिल नही भरेगा,पर थोड़ा सा चेंज करने में ज़्यादा मज़ा आएगा.

रमण की ये बात सुन कर आरती एक बार तो घबरा गयी,वैसे तो उसने अपनी कई सहेलियो से सुन रखा था जो कि अपनी गान्ड मरवाती थी कि जैसा मज़ा चूत मरवाने में आता है उस-से कहीं ज़्यादा मज़ा गान्ड फड़वाने में आता है,और उसका दिल भी कई बार चाहता था कि वो रमण या मनु से कहे कि वो उसकी गान्ड मारें,पर वो बोलती नही थी,दिल के किसी कोने में उसको गान्ड मारने के दर्द का डर लगता था,इसलिए वो चुप रहती थी,पर आज जब रमण ने खुद उसकी गान्ड मारने का प्रस्ताव दिया तो उसकी ये दिली इच्छा उभर कर आ गयी,और वो समझ गयी कि आज उसकी गान्ड का भी उद्घाटन हो ही जाए गा.

पर कहते हैं ना वो औरत ही क्या जो एक बार में ही मान जाए तो वो बोली कि नही मैं अपनी गान्ड तुम्हारे इस गधे जैसे लंड से फड़वाने वाली नही हूँ,तुम बस मेरी चूत ही मारो.

पर आज रमण ने अपने दिल में ये फ़ैसला कर लिया था कि वो आरती की गान्ड को फाड़ कर ही रहेगा,तो वो बोला कि जानेमन तुम ये क्या कह रही हो तुम एक बार ले कर तो देखो अगर तुमको अच्छा नही लगा तो मैं ज़िद नही करूँगा,पर मेरी ये शर्त है कि तुमको मेरे से भी ज़्यादा मज़ा आएगा.

आरती ने कहा कि नही-2 ये नही हो सकता तुम्हारा ये लंड अगर मेरी कुँवारी गान्ड में गया तो ये तो फॅट ही जाएगी.

रमण समझ गया कि आरती ने आज तक अपनी गान्ड नही मरवाई है,और जैसे ही ये विचार उसके दिमाग़ में आया तो उसका लंड और ज़्यादा फन-फ़ना कर तन गया कि आज तो उसको कोरी गान्ड मारने को मिलने वाली है,और वो ये मौका किसी भी हालत में नही छोड़ने वाला था,तो उसने आरती को कहा कि डार्लिंग तुम एक बार ले कर देखो अगर तुम्हे ज़्यादा दर्द हुआ तो मैं नही करूँगा.

ऐसे रमण ने जब कई बार कहा तो आरती ने सोचा कि अब ज़्यादा नखरा नही करना कहिए कहीं ये गान्ड मारने का विचार त्याग ही ना दे तो वो बोली कि ठीक है पर अगर मेरे को ज़्यादा दर्द हुआ तो तुम आगे नही करना और अपना ये निकाल लेना.

रमण ने कहा कि ये मेरा प्रॉमिस है कि मैं तुम्हारे रोकते ही रुक जाउन्गा.(जबकि अंदर ही अंदर वो सोच रहा था कि एक बार तू ले तो ले साली फिर तो जब तक ये अंदर का पूरा दर्शन नही कर आएगा और अपना जाल नही चढ़ा देगा तब तक मैं तुझे छोड़ने वाला नही हूँ)पर बाहर से उसने ऐसा कुछ भी फील नही होने दिया.

फिर रमण ने आरती को उसके बेड पर उल्टा लिटा दिया और उसकी गान्ड के नीचे एक तकिया लगा दिया, फिर अपनी एक उंगली उसकी गान्ड में डाली तो आरती की कसी हुई गान्ड में थोड़ा सा दर्द हुआ, पर साथ ही साथ आरती को आनंद की एक मीठी अनुभूति भी हुई,और उसकी आह निकल गयी.
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11-24-2017, 01:12 PM,
#67
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
रमण को भी बहुत अच्छा लगा क्यूंकी उसकी गान्ड इतनी टाइट थी कि उसकी उंगली को भी अंदर जाने में परेशानी हो रही थी,फिर रमण ने अपनी उंगली निकाली और उसको अपनी नाक के पास ले जा कर सूँघा तो उसमे से बड़ी मादक खुसबू आ रही थी,फिर उसने वो उंगली अपने मूह में ली और उसको अपने थूक से अच्छी तरह से गीला कर लिया अब उसने आरती की गान्ड को थोड़ा सा फैलाया और अपनी उंगली फिर से उसकी गान्ड में डाल दी इस बार वो बहुत आराम से अंदर चली गयी,अब उसने अपनी दो उंगलियों को गीला करके अंदर डाला तो थोड़ी सी मेहनत से वो भी चली गयी, फिर रमण ने उनको अंदर बाहर करना शुरू कर दिया,कुछ ही देर में आरती की गंद 2-2 उंगलियाँ अंदर लेने लगी,अब रमण ने सोचा कि ये टाइम सही है,अब उसकी गान्ड मार ही लेनी चाहिए.

फिर रमण खड़ा हुआ और आरती की ड्रेसिंग टेबल से क्रीम की शीशी उठा लाया,अब उसने उस क्रीम को अच्छी तरह से आरती की गान्ड मे लगाया और छेद के अंदर तक उस-से मालिश की, फिर उसने क्रीम अपने लंड पर भी बहुत अच्छी तरह से लगाई.अब उसने आरती की कमर को ताक़ीए से उपर उठा कर उसको कुतिया बना दिया और अपना लंड उसकी गान्ड के सुराख पर लगाया,और दोनो हाथों से उसको फैला कर अपना सुपाडा उसमें फँसा दिया,फिर उसने आरती की कमर को कस कर पकड़ा और एक धक्का लगाया,जैसे ही उसका लंड थोड़ा सा अंदर गया तो आरती को दर्द का अहसास हुआ और वो बोली कि रमण अभी रूको दर्द हो रहा है,आरती के ये कहने पर रमण थोड़ा रुक गया और अपने हाथ आगे ले जा कर उसकी चुचियो को मसल्ने लगा जब आरती को दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसकी सिसकारी निकलने लगी,रमण समझ गया कि अब आगे बढ़ना है और उसने फिर से पोज़ीशन बना कर अबकी बार एक तेज़ धक्का मारा और अपना आधे से ज़्यादा लंड एक ही बार में आरती की अन्चुदि हुई गान्ड में डाल दिया

जब रमण का आधे से ज़्यादा लंड एक ही झटके मे अंदर घुस गया,तो आरती की तो साँसें ही रुक गयी,और उसको ऐसा फील हुआ जैसे कि कोई गरम लोहे की रोड उसकी गान्ड में घुस गयी हो,और उसको अपनी गान्ड में इतनी तेज़ दर्द हुआ कि उसकी चीख ही निकल गयी.

जब आरती चीखी तो उसकी चीख मनु को भी सुनाई दी और उसका कुछ-2 ध्यान वैसे भी उस तरफ ही होता था, जब भी रमण उसकी माँ को चोदने के लिए ले कर जाता था तो वो उनकी चुदाई के बारे में ही सोच-2 कर इतना गरम हो जाता था कि जैसे ही ट्यूशन ख़तम होती थी और रमण जाता था मनु वहीं पर अपनी अर्धनगन माँ की नाइटी उठा कर उसकी चुदि हुई गीली चूत में ही अपना लंड डाल देता था,ये उसका हर बार का रूटिन बना हुआ था.

तो जैसे ही आरती की चीख उसको सुनाई दी वो जल्दी से उठ कर अपनी माँ के बेडरूम में गया वहाँ जा कर देखा तो उसकी माँ कुतिया बनी हुई है और रमण उसकी गान्ड में अपना घोड़े जैसा मोटा लंड डाल रहा है,ये देख कर उसका तना हुआ लंड और तन गया,और वो वहीं पर खड़ा हो कर रह गया. 

इधर रमण के लंड से आरती की हालत खराब हो रही थी,वो उसको बोली कि हाई ये तुमने क्या किया जब मैने तुमको कहा था कि धीरे-2 डालना तो तुमने इतनी तेज़ धक्का क्यों मारा अब अपने लंड को बाहर निकालो मेरी जान निकली जा रही है.

पर अब रमण कहाँ उसकी सुनने वाला था,उसने कहा कि जान ऐसा क्या हो गया अगर अन्चुदि गान्ड में लंड जाएगा तो थोड़ा सा दर्द तो होगा ही,अभी कुछ देर सबर करो तेरा दर्द ख़तम हो जाएगा.रमण इस मौके को गँवाने वाला नही था वैसे भी.

मनु ने जब सुना कि रमण उसकी माँ की कुँवारी गान्ड को आज फाड़ रहा है तो उसको और भी ज़्यादा अच्छा लगा और अब उसको एक बात और लगी कि अब वो भी अपनी माँ के दोनो छेद का मज़ा ले सकेगा,इसलिए वो चाहता था कि रमण आज इस काम को बीच में ना छोड़े और आरती की गान्ड को एक बार अच्छी तरह से मार ले, जिससे कि वो उसको मार सके,उसका लंड तो ये सोच-2 कर ही कड़क से कड़क हो रहा था कि अब उसकी माँ आरती की गान्ड मारने का मौका उसको मिला करेगा,वो तो कब से अपनी माँ की गान्ड का दीवाना था,पर उसकी हिम्मत ही नही होती थी, पर आज उसकी दिली इच्छा पूरी होने वाली थी.



रमण कुछ देर तक उसी पोज़ मे आरती को लिए खड़ा रहा,फिर जब उसकी नज़र मनु पर पड़ी तो उसने उसको इशारे से अंदर बुला लिया, जब मनु उसके पास आया तो उसने मनु से कहा कि मनु तुम अपनी माँ का दर्द कम करने के लिए आगे से उसके मम्मों को थोड़ा सा मस्लो,इस-से उसको राहत महसूस होगी.

मनु रमण की बात को समझ गया और बेड पर बैठ गया फिर वो आगे हो कर कुतिया बनी हुई आरती के मम्मों को मसल्ने लगा,जब उसका हाथ अपने मम्मों पर महसूस हुआ तो आरती ने उसकी तरफ देखा,आरती की आँखों में उस टाइम दर्द के कारण आँसू आ रहे थे,जब मनु ने अपनी माँ को ऐसे देखा तो उसको अपनी माँ पर बहुत दया आई,और वो रमण से बोला कि भैया आप अपना लंड माँ की गान्ड से निकाल लो माँ को बहुत दर्द हो रहा है.
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11-24-2017, 01:12 PM,
#68
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
रमण बोला -अर्रे यार तुम माँ बेटे कुछ देर के लिए सबर तो करो अगर अभी कुछ ही देर मे तुम्हारी यही माँ अपनी गान्ड उछाल-2 कर कहेगी कि अब मैं जब भी लंड लूँगी तो यहीं लूँगी,तुम देखना अभी इसको इतना मज़ा आएगा कि ये खुद ही अपनी गान्ड मारने को कहेगी.तुम बस जैसे मैने कहा है वैसे ही इसकी चुचियो को मस्लो इस-से इसका दर्द कम हो जाएगा.

ये सुन कर मनु फिर से अपनी माँ आरती के मम्मों को मसल्ने लगा, फिर उसने आगे हो कर लेट कर अपनी माँ की एक चुचि को चूसना शुरू कर दिया,इस-से आरती को अपनी गान्ड मे दर्द कम लगने लगा और अब वो सिसकारियाँ भरने लगी,कुछ देर तक ऐसे ही चलता रहा, जब आरती की सिसकारियाँ और तेज़ होने लगी तो रमण भी धीरे-2 अपने लंड को उतना ही अंदर अंदर-बाहर करने लगा,इससे आरती की गान्ड मे दर्द भी कम हो रहा था और थोड़ा सा चिकनाई होने से वो आ-जा भी आराम से रहा था.

अब रमण को लगा कि आरती भी अब रिदम में आ गयी है अब उसको और आगे बढ़ना चाहिए तो उसने फिर से एक बार आरती की कमर को ठीक से पकड़ा और इस बार के शॉट में अपना पूरे का पूरा लंड आरती की गान्ड मे पेल दिया,इस बार जब रमण ने धक्का लगाने से पहले आरती की कमर को पकड़ा था तो आरती समझ गयी थी कि अब रमण उसकी गान्ड को फाड़ कर ही मानेगा तो उसने अपनी चीख को पहले से ही काबू मे कर लिया था,और अपने दाँत पर दाँत रख कर मूह को बंद कर लिया था,और अपना ध्यान अपनी चुचि की चुसाइ की तरफ लगा दिया था,इसलिए उसको बहुत ज़्यादा दर्द का अहसास नही हुआ. 

जब रमण ने देखा कि इस बार आरती ने चीख नही मारी तो एक बार तो उसको ऐसा लगा कि कहीं उसने गान्ड की जगह आरती की चूत में तो लंड नही डाल दिया है,पर फिर जब उसने देखा कि नही लंड तो गान्ड मे ही गया है और वो भी पूरे का पूरा तो उसकी ख़ुसी का ठिकाना नही रहा और अब वो अपनी कमर को धीरे-2 आगे पीछे करने लगा,कुछ ही देर में लंड आराम से अंदर-बाहर होने लगा और अब आरती को भी राहत के साथ-2 मज़े की अनुभूति होने लगी थी और वो भी रमण का साथ देने लगी थी.

जब मनु ने अपनी माँ को ऐसे मज़े लेते हुए देखा तो वो वहाँ से उठ गया और खड़ा हो कर अपनी माँ की गान्ड मराइ देखने लगा,उसको अपनी माँ की गान्ड मराइ देखने मे बहुत मज़ा आने लगा,और उसने अपना लंड निकाल लिया और उसको मसल्ने लगा,आरती ने जब उसको ऐसे करते हुए देखा तो अपने पास बुला लिया और उसके लंड को अपने मूह में ले लिया अब आरती पीछे से गान्ड मरवा रही थी और आगे से मनु का लंड चूस रही थी.
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11-24-2017, 01:12 PM,
#69
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
कुछ ही देर मे रमण ने अपने धक्को की स्पीड और तेज़ कर दी अब आरती भी पीछे को तेज़ी से धक्के लगा रही थी,और कमरे में खूब मादक सिसकारियाँ गूँज रही थी,तभी मनु अपनी माँ के मूह मे ही झड गया,और आरती उसके लंड का सारा रस पी गयी,अब रमण भी झड़ने को तैयार हो गया था,कुछ ही देर मे रमण ने अपना सारा माल आरती की गान्ड में ही गिरा दिया और आरती के उपर ही ढेर हो गया आरती भी वहीं पेर बेड पर ढेर हो गयी थी.

वो तीनों वहीं कमरे में रास लीला के बाद थक कर लेट गये,अब रमण आरती पर से हट गया था,और आरती वैसे ही लेटी हुई थी,और उसकी गान्ड में से रमण का माल बाहर आ रहा था,ये देख-2 कर मनु के लंड में फिर से हरकत होने लगी थी.पर अभी उसको पता था कि उसकी माँ अभी-2 गान्ड फटवा कर हटी है कुछ टाइम तक वो उसका लंड नही लेगी,इसलिए वो मन मार कर रह गया.

थोड़ी ही देर में रमण उठा और अपने कपड़े पहन-ने लगा,उसने देखा कि आरती की गान्ड का छेद अच्छी तरह से खुल चुका है,वो बोला जानेमन आज तो चुदाई में बहुत मज़ा आया.

आरती बोली-वो तो तुम्हे आना ही था, आज तुमको मेरी कुँवारी गान्ड जो फाड़ने को मिली थी,पर तुम्हारे इस मोटे लंड ने मेरी गान्ड की हालत खराब कर दी,अब मेरी गान्ड में बहुत दर्द हो रहा है,पता नही मैं उठ भी पाउन्गि या नही.

रमण-आरे ऐसा कुछ नही होगा, मनु अभी तुम्हारी गान्ड की गरम पानी से कुछ सिकाई कर देगा तो ठीक हो जाएगा दर्द,अच्छा अब मैं चलता हूँ.

और ये कह कर रमण चला गया,अब घर में माँ-बेटा ही रह गये थे.मनु ने पूछा माँ क्या बहुत दर्द हो रहा है,आरती ने कहा नही कुछ खास नही मैं तो ऐसे ही बोल रही थी,मुझे लगा कहीं वो रमण फिर से ना शुरू हो जाए,मैं अभी फ्रेश हो कर आती हूँ.

ये कह कर आरती उठी और बाथरूम में चली गयी,थोड़ी ही देर में आरती फ्रेश हो कर नाइटी पहन कर बाहर आ गयी,अभी उसको देख कर कुछ खास पता नही चल रहा था कि इसकी अभी-2 गान्ड फाडी गयी है,मनु भी समझ गया कि उसकी माँ को कुछ ज़्यादा तकलीफ़ नही हुई है गान्ड मरवाने में तो ऐसे मैं वो भी उसकी गान्ड मार सकता है,ये सोच कर ही उसका लंड फिर से तन गया.
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11-24-2017, 01:13 PM,
#70
RE: Maa ki chudai मॉं की मस्ती
आरती ने भी देखा कि मनु का लंड तन गया है,और चुदाई के लिए तैयार हो गया है,पर अभी वो उसका लंड गान्ड मे लेने के मूड मे नही थी,तो वो मनु से बोली कि तुम्हारा तो ये तैयार है आ जाओ और इसको मेरी चूत मे डाल कर मेरी चुदाई करो,मेरी चूत में भी खुजली हो रही है.

मनु अपनी माँ की ये बात सुन कर थोड़ा सा निराश हो गया,वो तो आज अपनी माँ की नयी-2 गान्ड मारने की फिराक में था.

ये बात आरती को भी समझ मे आ रही थी,पर वो अभी अपनी गान्ड दुबारा नही मरवा सकती थी,इसलिए वो मनु को बोली कि बेटा अभी ऐसे निराश होने की क्या ज़रूरत है मैं या मेरी गान्ड कहीं भागी नही जा रही हैं,आज-2 रहने दो इसमे दर्द है,कल से तुम भी इसको खूब मारना मैं तुमको नही रोकूंगी.

ये सुन कर मनु खुश हो गया कि आज नही तो कल तो उसको अपनी माँ की गान्ड मारने को मिलने ही वाली है,और फिर उसने अपनी माँ की नाइटी उतार दी,नाइटी के नीचे तो आरती ने कुछ पहना ही नही था और वो नाइटी उतरते ही बिल्कुल नंगी हो गयी,जब से ये दोनो उसको चोदने लगे थे,उसको नंगे रहने मे बहुत मज़ा आने लगा था,और वो घर मे हर समय नंगा ही रहना चाहती थी,अब कपड़े तो वो किसी के आने पर या बाहर जाने पर ही पहनती थी,नही तो घर मे सिर्फ़ नाइटी मे ही घूमती रहती थी.

मनु को भी अपनी माँ के इस नंगे पन में बहुत मज़ा आता था,और वो रात दिन अपनी माँ को ऐसे ही देखना चाहता था,वो तो उसका बाप घर पर आता था,नही तो वो अपनी माँ को घर में हर समय ऐसे ही पसंद करता था.

आरती के नंगे होते ही मनु सबसे पहले उसकी गोद मे लेट गया और उसके मम्मों को चूसने लगा,आरती भी उसके सिर पर हाथ फेरने लगी और एक चुचि को प्कड़ कर उसके मूह में दे दिया, जिस-से मनु को और मज़ा आने लगा,आरती की गोद में लेटे -2 ही मनु अपनी एक उंगली उसकी नंगी चूत में डाल देता है,तो आरती की सिसकारी निकल गयी और वो मदहोश होने लगी.

फिर आरती बोली कि ले बेटा आज अपनी माँ की चुचियो का सारा दूध पी जा,मैं कब से तुझको अपना दूध ऐसे ही गोद मे पिलाना चाहती थी,आज इनको निचोड़ ले, हाई ये तू क्या कर रहा है,अपनी नंगी माँ की चूत में भी अपनी उंगली डाल रहा है और चुचि भी चूस रहा है,हाई बेटा आज तो मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा है.

कुछ ही देर मे मनु ने आरती की दोनो चुचियो को बुरी तरह से चूस लिया और वो उन पर अपने दाँत भी गढ़ा रहा था,जब भी वो उसकी चुचि को अपने दाँत से काट-ता था आरती की तेज़ सिसकारी निकल जाती थी.फिर वो थोड़ा सा घुमा और उसने अपना मूह वैसे ही हालत में अपनी माँ की चूत पर लगा दिया,अब तो आरती के आनंद का कोई हिसाब ही नही रहा था,और वो आनंद के सागर में घूम रही थी,जब मनु उसकी चूत को ऐसे चाट रहा था,तो उसने अपने पाँव थोडा खोल दिए जिस-से कि मनु को उसकी चूत चाटने में परेशानी ना हो.

मनु अपनी माँ की चूत को अब अपनी जीभ से अच्छी तरह से चाट रहा था,फिर वो उसकी चूत की दोनो पुट्टियो को अपने दाँतों से काटने लगा जब उसने आरती की चूत को ऐसे काटा तो आरती ने अपने पाँव बिल्कुल ही खोल दिए और वो अपना सिर इधर-उधर पटाकने लगी,और बड़बड़ाने लगी-साले आज क्या मेरी चूत को खा ही जाएगा क्या, इसको अपने मूह मे भर ले और इसको ऐसे ही काट -2 कर खा जा,अब आरती को बहुत ही मज़ा आ रहा था,और उसकी चूत बहुत ज़्यादा पानी छोड़ने लगी थी,ऐसे ही करते-2 और पानी छोड़ते -2 ही मज़े -2 मे आरती का थोड़ा सा पिशाब भी निकल गया,जब ऐसा हुआ तो उसका अलग ही नमकीन स्वाद मनु को आया,और उसने उसको भी चूस लिया पर वो बहुत ही गरम लगा तो उसने अपना मूह हटा लिया पर आरती अब अपना मूत रोक नही सकी और उसने मनु का सिर पकड़ा और फिर से अपनी चूत पर लगा दिया.
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