चूतो का समुंदर - Printable Version

+- Sex Baba (//penzpromstroy.ru)
+-- Forum: Indian Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-indian-stories)
+--- Forum: Hindi Sex Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-hindi-sex-stories)
+--- Thread: चूतो का समुंदर (/Thread-%E0%A4%9A%E0%A5%82%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0)



RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

पता नही क्यो पारूल को खुश देख कर मेरा मन खुश हो जाता था...और उसे उदास देख कर मैं उदास हो जाता..

कभी- कभी लगता है कि कुछ तो है हमारे बीच ...पर पता नही क्या...

पारूल सब बताते- बताते मेरे गले लग गई और सुबकने लगी...

मैं- अरे...क्या हुआ...??

पारूल- थॅंक यू भैया...ये जो सब आपने मेरे लिए किया...कोई नही कर सकता था...

मैं- अरे पगली...भैया भी बोलती है और थॅंक यू भी...मैं बात नही करूगा ...

पारूल- सॉरी-सॉरी...अब नही बोलूँगी..

फिर पारूल ने अलग हो कर आसू पोछ लिए...

पारूल- ऑर भैया...मैने इंग्लीश बोलनी सीख ली...कुछ- कुछ...जैसे सॉरी, थॅंक यू, और वेलकम ...और...

मैं- बस- बस..मेरी गुड़िया....तू तो बहुत होसियार है...बस तू स्कूल जाने लगेगी तो सब सीख जायगी...और भी ज़्यादा...

पारूल- पर कब जाउन्गी...???

मैं- ह्म्म..बस 3 दिन मे...खुश...??

पारूल- बहुत खुश..

तभी सविता कॉफी ले आई और सोनू भी पाब भाजी ले कर आ गया....

हम ने बैठ कर खाया-पिया और मैं 2 दिन बाद आने का बोल कर संजू के घर निकल आया......

संजू के घर आते हुए मुझे सुषमा का बेटा सोनू दिखाई दिया...वो अपनी कार साइड मे पार्क किए हुए खड़ा था...

सोनू को देख कर हमें अपनी पुरानी बातें याद आ गई...जो उसकी मोम को चोदने के बारे मे हुई थी...

पर जब से हम कामिनी के घर की शादी से वाइस आए थे...तबसे सिर्फ़ एक बार ही हमारी बात हुई थी...

और तब सोनू ने कहा था कि उसकी मोम की दिलवाने के लिए मैं उसकी हेल्प करने उसके घर आउ...


मैने कार साइड की और सोनू के पास गया...

मैं- हाई सोनू...

सोनू(सकपका गया)- त्त..तुम...ह्ही..

मैं- अबे कोई भूत देख लिया क्या...??..ऐसे क्यो बोल रहा है...??

सोनू- नही..कुछ नही...कैसे हो...

मैं- मस्त...तू बता ..कहाँ गायब था...??

सोनू- कहीं नही...क्यो..??

मैं- क्यो मतलब क्या...भूल गया तू अपनी माँ के साथ...ह्म्म

सोनू- हाँ भाई...वो तो अभी भी चाहता हूँ...बस कुछ काम से अपने गाओं गया था....कल ही वापिस आया..

मैं- तो फिर क्या सोचा...मोम का...

सोनू- मैं तुम्हे कॉल करके बुलाउन्गा तो आ जाना...तभी बात करेंगे मोम के बारे मे...

मैं- ओके पर ये बता कि आज तो तुम्हारी माँ कामिनी जी के घर पर थी...वहाँ तुम दोनो भाई-बेहन नही दिखे...

सोनू-अरे हाँ..वो हम घर पर थे...कल मिल आए थे कामिनी आंटी से..

मुझे पता नही क्यो...ऐसा लग रहा था कि सोनू बहुत घबराया हुआ है...शायद वो किसी बात से डरा हुआ था...पर मैं उससे डाइरेक्ट पुच्छू तो कैसे...

मैं- क्या हुआ सोनू...तू ठीक तो है ना..??

सोनू- हाँ...हाँ ठीक हूँ...मुझे क्या हुआ...

मैं- तू जबसे यहाँ-वहाँ देख रहा है...किसी का वेट कर रहा था क्या...??

सोनू- हाँ..वो सोनम सामने शॉप पर गई है...उसी का...

मैं- क्या..सोनम...

सोनम का नाम आते ही मेरे दिल मे दबे ज़ज्बात बाहर आने लगे...

मैं सोचने लगा उस दिन के बारे मे...जब मैने सोनम को प्रपोज किया था...

इस समय मुझे सोनम अपने सामने खड़ी हुई दिखाई दे रही थी...मैं बस यही सोच रहा था कि सोनम एक बार मुझे आन्सर दे दे...

मैं भी सोनू के साथ सोनम का वेट करने लगा...

काफ़ी देर तक हम बाते करते रहे पर सोनम नही आई...

लेकिन मेरे फ़ोन मे अनु का मेसेज आ गया..."भैया जल्दी घर आओ...अर्जेंट है"

अनु का मेसेज आते ही मैं सोचने लगा कि अब क्या करूँ...फिर सोचा कि अनु के पास जाता हूँ...वो तो मेरी हो चुकी...सोनम से बाद मे निपट लुगा...

मैने सोनू को कॉल करने का बोला और निकल आया...मुझे ऐसा लगा जैसे सोनू मेरे जाने की बात सुनकर खुश हो गया और चैने की साँस ले ली....

यहाँ मैं कार से संजू के घर निकला और वहाँ सोनू के सामने एक लेडी आ गई...

सोनू- तुम..तुमसे कहा था कि मुझे मत फासाओ इस सब मे...आज अगर वो तुम्हे देख लेता तो क्या सोचता मेरे बारे मे...

लेडी- हे..बस..टेन्षन मत ले...तुझे कुछ नही होगा...और मुँह खोला तो तेरी...

सोनू- नही-नही..मैं चुप रहुगा...कुछ मत करना...

लेडी- ह्म्म..वैसे मैने उसे देख लिया था...इसलिए छिप गई थी...

सोनू- ह्म्म..पर तुम मुझे कब छोड़ोगी...मुझे इस सब से बाहर रखो...

लेडी- कुछ महीने और...पर टेन्षन मत ले..बॉस ने चुप रहने का बोला है...तेरा काम सिर्फ़ इतना है कि मुँह बंद रखो...

सोनू- तो अब कहाँ चलना है...

लेडी- मुझे मेरे घर छोड़ दे और तू अपने घर निकल जाना ..और हाँ...अपनी माँ को चोदने अंकित को जल्दी बुलाना..हहहे...

सोनू- अभी जल्दी चलो...मुझे घर जाना है...

फिर वो लेडी के साथ सोनू निकल गया.....



यहाँ मैं कार मे था....तभी मुझे कुछ याद आते ही एक झटका सा लगा ...

मौने कार साइड मे रोक दी और कुछ याद करने लगा.....

मैं बहादुर की बातों के बारे मे सोच रहा था ...

बहादुर ने कहा था कि वो मेरे परिवार मे नौकर था...

मेरे डॅड के साथ गाओं से बाहर आ गया था...

डॅड ने उसको अपने से दूर भेज दिया...


बहादुर किसी नये गाओं मे बस गया ...

अचानक मेरे दादाजी का संदेश बहादुर को मिला....

संदेश भेजने वाला आक्सिडेंट मे मारा गया...

बहादुर का मेरे डॅड से मिलने यहाँ आना...

मुझे सारी बाते ठीक से हजम नही हो रही थी....फिर मुझे विनोद अंकल की बात याद आई कि अभी 5-6 महीने तक मेरे दुश्मन चुप रहेगे...

मैं सोचने लगा कि बहादुर का आना और मेरे दुश्मनो का चुप हो जाना....क्या ये दोनो बाते आपस मे लिंक है...

क्या बहादुर ग़लत इरादे से आया है...??

ऐसा तो नही की दुश्मन बहादुर के ज़रिए मेरे डॅड को....नही-नही...

मैं ऐसा नही होने दे सकता...बहादुर मेरे क़ब्ज़े मे है...और जब भी डॅड आयगे तो मैं उसे डॅड से अपनी निगरानी मे मिलवाउन्गा...

तब पता चल जाएगा कि बहादुर सच्चा है या झूठा.....

और मैं सब प्लान कर के संजू के घर निकल गया....
संजू के घर आते ही मैं सीधा उपर अनु के रूम मे निकल गया...

वैसे भी नीचे हॉल मे इस वक़्त कोई नही था...

अनु के रूम मे जाते ही...

मैं- अनु...क्या हुआ...अर्जेंट मे क्यो बुलाया.....??

रक्षा- रिलॅक्स भैया...साँस तो ले लो...

रक्षा की आवाज़ सुनकर मैने गौर किया कि अनु के साथ रक्षा और रूबी भी रूम मे है और मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी....

मैं- अब तुम लोगो को क्या हुआ...??

रक्षा- कुछ नही...हम तो बस इसलिए हँस रही है कि आपको अनु की कितनी फ़िक्र है...काश हमारी भी ऐसी फ़िक्र करते...

मैं- चुप रहो...मैं तुम्हारी फ़िक्र भी करता हूँ और तुम ये जानती हो....

मेरी बात सुनकर रक्षा चुप हो गई और शरमा गई...पर अनु मुझे घूरे जा रही थी...

मुझे लगा कि कही रक्षा और रूबी ने हमारी चुदाई के बारे मे तो नही बता दिया....

मैं- बोलो अनु...ऐसे घूर क्या रही हो...क्यो बुलाया..??

अनु- वो..मैने कुछ नही किया...ये सब रक्षा ने किया...मेरे फ़ोन से मेसेज कर दिया और मुझे बाद मे बताया...

मैं- ह्म्म(मन मे- चलो इन दोनो ने अनु से चुदाई के बारे मे कुछ नही कहा...)

रक्षा- अरे भैया..अनु की कोई ग़लती नही ...असल मे हमें आपसे काम था...

मैं- ह्म्म..काम...ओके..तो मैं फ्रेश होने जा रहा हूँ...जो भी काम है वो बाद मे बताना...ओके

रक्षा(आँखो से इशारा किया की बाहर मिलो)- जी भैया...

मैं संजू के रूम मे आया..फ्रेश हो कर चेंज किया और बेड पर लेट गया...

संजू- भाई...आज कुछ होगा कि नही..???

मैं- क्या..किस बारे मे बोल रहा है...

संजू- मोम...

मैं - ओह हाँ...मैं बात करता हूँ...फिर बताउन्गा...

संजू- भाई जल्दी कर...आज और कल रात ही है..कैसे भी करवा ही दे..

मैं- हाँ यार...अभी बात करता हूँ ओके...

संजू वापिस से पढ़ने लगा और थोड़ी देर मे ही रक्षा रूम के गेट पर आ कर खड़ी हो गई...

रक्षा ने इशारे से मुझे उपेर छत पर आने को कहा और निकल गई....

मैं भी जल्दी से उपेर आ गया...और मेरे आते ही रक्षा ने मुझे कस के गले लगा लिया और किस्सस की बौछार कर दी...


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

मैं भी उसकी हालत समझ रहा था...नई-नई चूत खुली है तो गर्मी कुछ ज़्यादा थी....थोड़ी देर बाद मैने उसे रोका....

मैं- बस कर यार...क्या हुआ...काम की बात कर...टाइम कम है...

रक्षा- ह्म्म..तो आज रात को मैं और रूबी आपके साथ...

मैं- पागल है क्या...घर मे अकेले नही है हम...नही-नही..

रक्षा- प्ल्ज़्ज़ भैया...कुछ करो ना...बहुत खुजली हो रही है....

मैं(मुस्कुरा कर)- सच मे...ठीक है ..कुछ सोचता हूँ...फिर बताउन्गा...ओके

रक्षा- थॅंक यू भैया...

मैं- पर ..कल पेपर है यार...

रक्षा- हिन्दी का है...रेडी है सब...आप बस मेरा काम कर दो...

मैं- ओके..बताता हूँ...अब चल..डिन्नर कर ले फिर कुछ सोचते है...

फिर हम नीचे आ गये और थोड़ी देर मे डिन्नर की टेबल पर...

टेबल पर मेरे सामने पूनम, रजनी आंटी, मेघा आंटी थी और मेरे आजू- बाजू...रक्षा और रूबी ......


हम आराम से डिन्नर कर रहे थे तभी मुझे लगा कि कोई मेरे पैर पर पैर रगड़ रहा है...

मैने सामने देखा तो किसी के चेहरे से समझ नही आया कि कौन है...मैने सोचा कि ज़रूर आंटी या पूनम होगी..मेघा आंटी नही हो सकती....

मैने डिसाइड किया कि जो चल रहा है चलने दो...और खाने मे बिज़ी हो गया ..

पर तुरंत ही मुझे झटका लगा...ये झटका रक्षा ने दिया था...

रक्षा मेरे लंड पर अपना हाथ फिराने लगी...

मैने एक बार उसकी तरफ देखा पर वो नोर्मलि खाना खाती रही....

मैं सोचने लगा कि सच मे इसकी चूत जल रही है लंड खाने को...इसका कुछ करना ही होगा.....

पर यहाँ इसकी ये हरकते .....साली इसकी चूत की आग कहीं मरवा ना दे....मैं नही चाहता था कि किसी को मेरे और रक्षा के बारे मे पता चले...

मैं भी चुप-चाप रहा और रक्षा को उसका काम करने दिया...

थोड़ी देर तक मेरे पैर पर किसी के पैर की रगड़ और रक्षा के लंड सहलाने से मेरा लंड कड़क होने लगा पर मैं चुप-चाप खाना ख़ाता रहा...

जैसे तैसे कंट्रोल कर के मैने खाना निपटा लिया ....

डिन्नर के बाद सब अपने -2 रूम मे चले गये सिर्फ़ मैं और संजू टीवी देखने लगे....

थोड़ी देर बाद संजू भी उपेर चला गया और जाते हुए मुझे अपनी बात याद दिला गया...


मैं परेसान बैठा था....एक तरफ संजू अपनी माँ को चोदने के लिए मरा जा रहा था और दूसरी तरफ रक्षा की चूत मेरा लंड खाने को मर रही थी.....

मैने रक्षा को मेसेज करके पूछा कि उसे आज ही करना है, कल नही हो सकता...??

तो रक्षा ने रिप्लाइ कर दिया कि रूबी कल उसके साथ नही होगी और वो रूबी के साथ ही करेगी...आज ही...

मैने कुछ सोचकर डिसाइड किया कि आज रात रक्षा और रूबी के नाम...संजू को आंटी कल मिलेगी...और मैं उपेर निकल गया....

उपेर आते ही मैने संजू को जैसे तैसे समझा दिया और संजू भी कल के लिए मान गया...

पर प्राब्लम अभी भी थी...रक्षा और रूबी की.....मैं उनके बारे मे सोच रहा था कि संजू बोला...

संजू- यार मैं गेस्ट रूम मे जा रहा हूँ...वही पढ़ुगा और वही सो जाउन्गा...

मैं- ओके...

मैं तो खुश था क्योकि अब मैं रक्षा और रूबी को खुल कर चोद सकता था.....

संजू चला गया और मैने रक्षा को मेसेज कर के बोल दिया कि 1घंटे मे मेरे रूम मे आ जाना...

मैं फिर रिलॅक्स हुआ ही था कि आंटी का कॉल आ गया...


(कॉल पर)

आंटी- हेलो बेटा..क्या कर रहे हो...

मैं- आंटी मैं तो पढ़ाई...पर आप इतने धीरे क्यो बोल रही हो...??

आंटी- वो अंकल है ना...सोए नही...

मैं- ह्म्म..बोलो क्या हुआ...

आंटी- वो बेटा...मेघा का रही थी कि...

मैं(बात काट कर)- आंटी, उसको फ़ुर्सत मे चोदुगा...बोला तो था...

आंटी- ओके...मैने भी उसे बोल दिया था...अब मेरी बात करूँ...

मैं- अब आपका क्या...

आंटी- बेटा..खुजली बढ़ गई है..आज...

मैं- आज नही आंटी...कल पेपर है...समझो ना...

आंटी- ओह हाँ...ओके...बाद मे...बाइ...

आंटी ने कॉल कट कर दी और मैने सोचने लगा कि साली अब विनोद को बुलाएगी...एक नंबर की चुद्दकद है...बिना लंड खाए सोयगी नही....

करीब 40 मिनट तक मैं थोड़ा पढ़ता रहा और फिर रक्षा, रूबी के साथ रूम मे आ गई...

मैं- तुम दोनो...इतनी जल्दी...यार अनु को तो सो जाने दो...

रक्षा- भैया वो सो गई...तभी हम आए...

मैं- ओके...तो बोलो..क्या काम है...???

रक्षा( मुँह बना कर)- भैया...आप भी...

मैं- अरे...बोल ना....

रक्षा- ह्म्म..अब आप जल्दी करो...सोना भी है...

और रक्षा आ कर मेरे पास बैठ गई..और मुझे किस करने लगी...वहाँ रूबी भी मेरे साइड मे बैठ गई और मेरी जाँघ सहलाने लगी....


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

मैं(किस तोड़ कर)- देखो...कल पेपर है..तो जल्दी करो...और हाँ...मैं कोई रहम नही करूगा...दम से ठोकुन्गा...

रक्षा- यही तो हम चाहते है कि आप हमें निचोड़ दो...

मैं- और तुम रूबी...तैयार...??

रूबी- ह्म्म..फाड़ दो...हहहे...

फिर हम सब हँसने लगे और हँसते हुए ही दोनो लड़कियों ने मुझे नंगा कर दिया और खुद भी नंगी हो गई...

फिर रक्षा ने मुझे बेड पर लिटा दिया...और दोनो मेरे लंड पर झुक गई...

दोनो मेरे लंड को बड़े जोश मे चूमने -चाटने लगी....
रूबी- उउंम..सस्स्रररुउउप्प...उउंम...

रक्षा- उम्म...लंड मुझे दे तू बॉल्स चूस...

रूबी- रुक तो...थोड़ा तो चूसने दे...फिर तू चूस लेना...

रूबी और रक्षा, दोनो लंड के लिए मरी जा रही थी....

मैं- ह्म्म..जल्दी करो...बाते कम...काम ज़्यादा...

फिर दोनो मिलकर लंड को तैयार करने लगी....

कभी लंड के टोपे को कभी बॉल्स को...कभी मुँह मे भरकर और कभी दोनो अपने होंठो के बीच मेरे लंड को फसाकर...

ऐसी ही मेरे लंड को चूस-चाट कर दोनो ने खड़ा कर दिया.....लंड खड़ा होते ही....

मैं- अब आओ...पहले किसे फडवानी है...

रूबी- पहले रक्षा की फाडो...एक बार मे पूरा डालना भैया...मुझे इसकी चीख सुनना है...मज़ा आएगा.....

मैं- मज़े की बच्ची...किसी ने सुन लिया तो हम सबकी फट जयगी...चलो रक्षा... ज़्यादा चीखना मत...

रक्षा - जी भैया...कोशिश करूगी...

मैने रक्षा को लिटाया और लंड उसकी चूत पर सेट किया...

मैने एक जोरदार झटका मारा और लंड अंदर...

रक्षा- आहह..उम्म्म्म...

रक्षा की आह निकल गई पर उसने होंठो को दांतो से दबा कर आवाज़ रोक ली...

रूबी ने जल्दी से रक्षा के सामने अपनी चूत खोल दी और राक्षस ने उसे चाटना शुरू कर दिया...यहा मैने भी तेज़ी से धक्के मारना शुरू कर दिया....

अब धीरे-धीरे रूम मे हमारी मस्ती की आवाज़े आने लगी थी...

मैं- यस बेबी...टेक इट..यह...

रक्षा- आहह..ज़ोर से भैया...ऊ..ऊहह.

रूबी- आहह..रक्षा...ज़ोर से चाट ना...जीभ घुसा दे...उम्म्म...

ऐसे ही थोड़ी देर तक रक्षा को चोदने के बाद मैने चुदाई रोकी और लेट गया...

रक्षा जल्दी से मेरे लंड को चूत मे ले कर बैठ गई और रूबी मेरे मुँह पर चूत रख कर बैठ गई...और चुदाई शुरू हो गई....
यहाँ रक्षा उछल- उछल कर मेरा लंड खा रही थी और रूबी अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ रही थी...

मैने भी रूबी की चूत चूस्टे हुए नीचे से रक्षा की चूत मे लंड पेलने लगा...

रक्षा- यस..भैया..आ...आहह...फक..फक्क....

रूबी- आहह..भैया...उउंम...चूस लो....आअहह....

मैं- सस्ररुउपप...सस्रररुउपप....उउंम..उउंम..

करीब 10 मिनट बाद रूबी और रक्षा ने झड़ना शुरू कर दिया....

रक्षा- आअहह..आहह..कोँमिंग...भैया...येस..येस्स...एसस्स...कूँमीन्गगग...

रूबी- मैं भी....आआईयइ...ऊहब...एस्स...सक...सुक्क्क..आहह...आहब...

मैं- उउंम..उउंम..उउंम..

रूबी और रक्षा झड गई और मैने रूबी का चूत रस पी लिया ..

दोनो झड़ने के बाद साइड मे लूड़क गई औट साँसे लेने लगी.....

थोड़ी देर रेस्ट करने के बाद....


रक्षा- मज़ा आ गया भैया...खुजली मिट गई...एक बार और करो...

रूबी- नही भैया...अब मेरी बारी....

मैं- ह्म्म..चलो रूबी ..तुम आओ...

रक्षा- भैया इसकी गान्ड मारो...

मैं- क्यो रूबी...??

रूबी- हाँ भैया...गान्ड मरवाने मे ज़्यादा मज़ा आता है...गान्ड ही मारो...

मैं ओके...आओ...उपेर आ जाओ...

रूबी और रक्षा ने फिर से एक बार लंड को चूसा और फिर रूबी मेरे ऊपर आई और लंड को धीरे- धीरे गान्ड मे लेने लगी...तभी मैने उसे पकड़ के बैठा दिया और लंड सट से गान्ड मे घुस गया...

रूबी- आइईइ...और रूबी मेरे उपेर ही लेट गई...

मैने यहाँ रूबी के बूब्स को मसलना शुरू किया और वहाँ रक्षा ने उठ कर मेरी बॉल्स को मुँह मे भर कर चूसने लगी....
थोड़ी देर बाद मैने नीचे से धक्के मारना शुरू कर दिया और रूबी भी लंड पर बैठ कर गान्ड उछाल कर गान्ड मरवाने लगी...

रक्षा कभी रूबी की चूत चाट ती तो कभी मेरी बॉल्स...ऐसे ही रूबी की गान्ड चुदाई होने लगी....

रूबी- यस...भैया ...ज़ोर से...फाड़ दी...आहह...ज़ोर से भैया...

रक्षा- आहह...भैया...मेरी भी ऐसे फाड़ना...ऊहह...कैसे खुल गई इसकी गान्ड...मस्त...फाडो भैया फाडो...

मैं- हाँ बेटा .....तेरी भी फाडुन्गा..थोड़ा रुक जा...एग्ज़ॅम के बाद...आजा तेरी चूत खा लूँ...

रक्षा आकर मेरे मुँह पर बैठ गई और हम तीनो चुदाई का आनंद लेने लगे.....

थोड़ी देर बाद मैने दोनो को बेड पर कुतिया बना दिया और एक की चूत मे लंड डाला और दूसरी की चूत मे उंगली...और दोनो को चोदना शुरू कर दिया....
राशा- आहह..आहह...भैया...ज़ोर से...यस..येस्स..

रूबी- भैया..लंड डालो...प्लीज़...जल्दी...

मैने रक्षा की चूत से लंड निकाला और रूबी की चूत मे डाल दिया और रक्षा की चूत मे उंगलियाँ...
ऐसे ही बदल- बदल कर मैं दोनो को लंड और उंगलियों से चोदता रहा...

रक्षा- आहह..आहह...ज़ोर से भैया...होने वाला है...

रूबी- हाँ मेरा भी...आहह..ज़ोर से...भैया...ज़ोर से...

ऐसे ही चुदाई करवाते हुए दोनो झड़ने लगी...

रूबी- हाँ..भैया..निकालना मत...ज़ोर से डालो...मैं....आऐईयइ....आअहह..

रूबी के झड़ने के बाद..मैने लंड रक्षा की चूत मे डाल दिया...थोड़ी देर बाद...

रकक्षा- आहह ...आहह..आहह..भैया...ज़ोर से...ज़ोर से...आअहह...आऐईइ...ऊहह..ऊहह...

और रक्षा भी झड गई...मेरा भी झड़ने का टाइम आ गया था...तो मैने दोनो को लिटाया और मूठ मार कर दोनो के बूब्स और मुँह पर अपना लंड रस की पिचकारी मार दी...

दोनो ने एक दूसरे को चाट कर लंड रस का स्वाद लिया और फिर मेरा लंड चाट कर सॉफ कर दिया.....

फिर थोड़ा रेस्ट करने के बाद हम सब फ्रेश हुए और फिर रेस्ट करने लगे.....

दमदार चुदाई के बाद मैने रक्षा और रूबी को उनके रूम तक छोड़ दिया और पानी पीने नीचे चला गया...

जब मैं किचन मे पानी पी कर वापिस आने लगा तो मुझे कुछ आवाज़े सुनाई दी...

ये आवाज़े चुदाई की थी..जो बहुत धीरे-2 आ रही थी...

मैने आवाज़ का पीछा किया और जब सामने का नज़ारा देखा तो...मुझे शॉक लगा...

ये नज़ारा देख कर शॉक तो लगा था पर साथ मे मेरे चेहरे पर एक कमीनी स्माइल आ गई...और मैने चुदाई करने वालो को झटका देने का प्लान सोच लिया...

एक तरफ मैने सोचा कि अभी इन्हे रंगे हाथो पकड़ लूँ और इनके मज़े लूँ...फिर सोचा कि इनका मज़ा खराब क्यो करूँ...अभी इन्हे मज़ा करने दो...फिर बाद मे इनकी क्लास लूँगा...

यही सोच कर मैं सीधा संजू के रूम मे आ गया और सोने लगा...


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

सोते टाइम भी मुझे बहादुर की बातें याद आ रही थी...मैं तय नही कर पा रहा था कि बहादुर सही आदमी है या ग़लत...

इसी सोच के साथ मैं सपनो की दुनिया मे चला गया....

सुबह हम रेडी होकर एग्ज़ॅम देने गये और एग्ज़ॅम के बाद हमेशा की तरह ...मैं, अकरम और संजू कॉफी पीने निकल गये....

कॉफी पीने के बाद मैने संजू और बाकी सबको मेरी कार से घर पहुचा दिया और मैं अकरम के साथ रुक गया...

मैं- अब बोल क्यो रोका मुझे...कुछ खास बात...??

अकरम- बात तो है...पर खास है कि नही ...ये तू डिसाइड करना...और हाँ..असल मे दो बाते है...

मैं- ह्म्म..तो पहले वो बता जो तुझे ज़्यादा टेन्षन दे रही है....

अकरम- ओके...तो पहली बात ये है कि दाद अब बाहर चले गये है...कुछ मंत्स के लिए...और मैं भी एग्ज़ॅम के कुछ दिन बाद एक कॅंप पर जाने वाला हूँ...जहाँ सीबीआइ ट्रैनिंग के लिए प्रॅप्रेशन होनी है...

मैं- ह्म्म...तो फिर से तेरी मोम यहा आज़ाद हो जायगी...इसी बात की टेन्षन है ना...

अकरम- हाँ...और तूने कहा था कि कुछ दिन मे तू मेरी प्राब्लम सॉल्व कर देगा...

मैं- हाँ कहा था...और कुछ दिन मे तेरी प्राब्लम सॉल्व समझ...

अकरम- ह्म्म...वैसे भी अभी कुछ दिन टाइम है..तब तक मोम नज़र मे रहेगी...

मैं- मतलब..??

अकरम- मतलब ये कि कल पेपर के बाद हम सब पास के गाओं मे अपने फार्म पर जा रहे है...2 -3 दिन के लिए...

मैं- गुड...फॅमिली आउटिंग...ग्रेट...

अकरम- उम हूँ...मैने बोला ना हम...इसमे तू भी आता है...

मैं- अरे...ऐसे कैसे...मुझसे पूछा भी नही...मैं कैसे...??

अकरम- साले ..तू मेरा फ्रेंड है..तुझसे पूछना ज़रूरी है क्या...

मैं- नही ..पर..अच्छा..चल..पर ये तो बता कि कौन- कौन जाने वाला है...

अकरम- हाँ..वो ..मेरी फॅमिली...पापा के एक फ्रेंड की फॅमिली...और मेरी गर्लफ्रेंड भी...और तू ..और तू जिसे चाहे...उसे ले चल...

मैं- ह्म्म..अगर मैं गया तो संजू को पूछना पड़ेगा...

अकरम- मैने उसे पहले ही काउंट कर लिया था...और कोई गर्लफ्रेंड हो तो ले चल..मज़ा आएगा...

मैं- अबे मेरी गर्लफ्रेंड तो नही..पर...वो पूनम दी को ले जा सकते है...वो घूमने का बोल रही थी...

अकरम- हाँ ..क्यो नही...वो तो मेरी दीदी को भी जानती है...साथ भी रहेगा...तो बोल..डन ना...

मैं- ओके..पर रात को कन्फर्म करूगा...मुझे डॅड से और संजू की मोम से पूछना पड़ेगा ना...

अकरम- ओके...मुझे पता है तू मना लेगा...

मैं- अब दूसरी बात क्या है ..वो बता...

अकरम- वो ये कि दीदी ने तुझे घर बुलाया है...

मैं- हाँ तो कल आने वाला ही था...कल का ही बोला था ना...

अकरम- आक्च्युयली...प्लान मे थोड़ा चेंज है...तुझे आज आना होगा...शाम तक..चाहे तो अभी चल...


मैं- अभी..नही-नही...मैं शाम को आ जाउन्गा...

अकरम- आ जाना..वरना मेरी बहनो का गुस्सा तू नही जानता...खा जायगी..हाहाहा...

मैं- ओके भाई...आ जाउन्गा...चल मुझे मेरे घर छोड़ दे...

अकरम- ओके...

फिर अकरम मुझे घर छोड़ कर निकल गया और मैने उसे शाम को आने का वादा कर दिया...

मैं घर मे बाउंड्री मे एंटर ही हुआ था की रेणु दीदी का कॉल आ गया.....


(कॉल पर)

रेणु- हेलो डार्लिंग..

मौन- हाई स्वीटी..हाउ आर यू..

रेणु- सो...हॉर्नी...

मैं- आजा तो...ठंडा कर देता हूँ...हाहाहा...

रेणु- आउगि यार..अभी मेरी बात सुनो..खास है...

मैं- हाँ बोलो ना...

रेणु- गुड न्यूज़ है..और वो ये है कि अब तुम 5-6 मंथ के लिए फ्री हो...तुम्हारे दुश्मनो के बॉस ने सबको ऑर्डर दिया है कि कोई भी कुछ नही करेगा....

मैं- ओके..पर क्यो...??

रेणु- वो कोई नही जानता..सिर्फ़ इनका बॉस जानता है...

मैं- ह्म्म..तुम बॉस से नही मिली...??

रेणु- नही यार..ट्राइ कर रही हूँ...मिलुगी तो सबसे पहले तुम्हे बताउन्गी...

मैं- ओके...वैसे तुम ठीक हो...कुछ शक तो नही किसी को...???

रेणु- नही भाई...मैं ठीक हूँ...कोई मुझे समझ नही सकता..कि मैं क्या चीज़ हूँ...

मैं- ओके...तो फिर मैं इस टाइम का यूज़ करता हूँ...

रेणु- क्या करोगे...??

मैं- पता नही..तुम ही बताना कुछ...

रेणु- ह्म..तो अपने सारे ऑफिसस पर नज़र रखो...शायद कुछ हाथ लग जाए...

मैं - ओके..एग्ज़ॅम के बाद यहीं करूगा...

रेणु- ओके..मैं रखती हूँ..बब्यए...

मैं- बब्यए...

फ़ोन रखने के बाद मैं सोचने लगा कि रेणु फिर से ऑफीस जाने का बोलने लगी...क्यो...??..


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

ऐसा क्या हो सकता है डॅड के ऑफिसस मे...??..

खैर ...कहा है तो देख लेगे...तब तक शायद कुछ न्यूज़ और मिल जाए रेणु से....अभी तो ये मेन टेन्षन है कि डॅड कब आयगे और कब मैं डॅड और बहादुर को आमने सामने ला सकता हूँ...

मैने डॅड को कॉल किया और उन्होने 3-4 दिन बाद आने का बोला...मैने साथ मे घूमने जाने की पर्मिशन ले ली..पर ये बोला कि फ्रेंड्स के साथ जा रहा हूँ....

उनसे बात करके मैं टेन्षन फ्री हो गया..क्योकि अब मैं बेफ़िक्र हो कर अकरम की फॅमिली के साथ जा सकता था...

फिर मैं घर के अंदर चला गया..आते ही पारूल ने कॉफी पिलाई और अपने हाथ से मेरे लिए पुलाव बनाया...ल्यूक करने के बाद थोड़ी देर मे अकरम का कॉल आ गया...तो मैं दूसरी कार ले कर अकरम के घर निकल गया....


जब मैं अकरम के घर पहुचा तो अंदर हॉल मे मुझे कोई नही दिखाई दिया...

मैने 2 बार अकरम को आवाज़ दी...फिर भी कोई नही आया...

मुझे लगा कि अकरम रूम मे ही होगा और यही सोच कर मैं उपर निकल गया...

उपर 5 रूम्स थे...और मुझे अकरम का रूम पता भी नही था...क्योकि अकरम के घर ज़्यादा आया भी नही था ...

मैने बारी-बारी रूम्स चेक किए तो 2 रूम्स लॉक मिले....जब मैं तीसरे रूम के सामने आया तो अंदर से सिसकारियों की आवाज़े सुनाई दी...

मैं आवाज़ से समझ गया कि ये तो चुदाई के वक़्त सिसकने की आवाज़ है...

मुझे लगा की घर मे कोई नही है इसका फ़ायदा उठाकर, शायद अकरम ही अपनी गर्लफ्रेंड को चोद रहा होगा...

मैने वही खड़े रह कर मज़े लेने का सोचा...

थोड़ी देर तक तो खड़ा रहा...पर मज़ा नही आ रहा था...

मैने सोचा कि क्यो ना रूम के अंदर झाँकने की जगह ढूंढी जाए...हो सकता है लाइव चुदाई देखने मिल जाए..

यही सोच कर मैं चेक करने लगा..और चेक करते हुए रूम्स के पीछे बनी बालकनी मे पहुच गया...

वहाँ से मैं उस रूम के पीछे पहुचा और किस्मत से वहाँ की खिड़की आधी खुली मिल गई...

मैने धीरे से खिड़की को थोड़ा सा और खोला और अब सामने का नज़ारा मेरे सामने था...

मैं(मन मे)- ओह माइ गोद...ये तो...ये तो अकरम की दीदी ज़िया है... पर ये है किसके साथ....

अकरम की बड़ी दीदी किसी लड़की के साथ थी और अपनी-अपनी सेक्स की भूख मिटाने मे बिज़ी थी...पर ये दूसरी लड़की कौन थी...नज़र नही आ रहा था...

जिस तरफ मैं खड़ा हुआ था..वहाँ से मुझे बेड का साइड सीन दिख रहा था...सीन कुछ इस तरह से चल रहा था....

एक लड़की ज़िया की जाघो के बीच मुँह डाले उनकी चूत को चूस जा रही थी...और ज़िया के पैर हवा मे थे साथ मे ज़िया उस लड़की के सिर को अपनी चूत पर दवाए जा रही थी....

लड़की- सस्स्र्र्ररुउउप्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प...उउंम्म...

ज़िया- ज़ोर से चूस...आअहह...और ज़ोर से....


लड़की- उम्म्म...आहह...आहह...

ज़िया- आहह...आअहह...ज़ोर से....कब्से तरस रही हूँ....खाली कर दे चूस कर...आअहह...

लड़की ज़ोर-ज़ोर से चूत को मुँह मे भर कर चूस जा रही थी और ज़िया मस्ती मे उसके सिर को चूत मे घुसाए जा रही थी...साथ मे एक हाथ से अपने बूब्स दवाए जा रही थी....

मैं(मन मे) - वाउ यार ...क्या मस्त माल है अकरम की दीदी...और प्यासी भी....दिखने मे तो ऐसी नही लगती थी...पर क्या करे चूत की भूख भी तो मिटानी है....डोंट वरी दीदी....अब अंकित का दिल आप पर आ गया है...अब तो आपकी चूत और आपकी इस धासु गान्ड मे मेरा लंड सैर कर के ही रहेगा....

मैं ज़िया को चोदने का सोच-सोच कर गरम होता जा रहा था और अंदर ज़िया भी चूत चुस्वा कर झड़ने लगी....

ज़िया- यस..एस्स..आअहह...कूँमिंग...यस...येस्स...आअहह...आअहह...


ज़िया आवाज़े करते हुए झड़ने लगी और मैं एक्शिटेड हो गया...जिससे मेरा हाथ ग़लती से खिड़की के गेट पर ज़ोर से लगा...

जैसे ही आवाज़ हुई तो मुझे होश आ गया...और ज़िया की भी आँखे खुल गई..जो अभी तक मस्ती मे बंद थी...वो लड़की भी चूत चूस्ते -2 रुक गई...और ज़िया ने आवाज़ की दिशा मे सिर घुमाया...

इससे पहले की ज़िया मुझे देख पाती...मैं भाग कर सामने वाले हिस्से मे आ गया ..पर पता नही मुझे ऐसा लग रहा था कि ज़िया ने मुझे देख लिया...इसी वजह से मुझे थोड़ी टेन्षन होने लगी....

मैं टेन्षन मे धीरे-2 सीडीयाँ उतरते हुए हॉल मे आने लगा कि तभी सामने से अकरम और जूही आ गये....

अकरम- अरे तू आ गया...सॉरी यार मैं जूही के चक्कर मे लेट हो गया...सॉरी...

मैं- कोई नही...पर तू गया कहाँ था...मुझे बुलाया और खुद गायब....

अकरम- नही भाई...वो जूही शॉपिंग करने गई थी मोम के साथ...वहाँ मोम की फ्रेंड उन्हे अपने साथ ले गई और जूही को सामने के साथ वही छोड़ दिया...और मुझे बोल दिया लाने को...

मैं- चलो कोई बात नही....

अकरम- ओके तू बैठ मैं फ्रेश होकर आया...

अकरम के जाने के बाद मैने जूही की तरफ देखा जो सामने रख कर सोफे पर आराम फरमा रही थी....

मैं-और कैसी हो जूही...

जूही(मुँह बना कर)- बड़ी जल्दी देख लिया मुझे...??

मैं- अरे...सॉरी...वो अकरम की बातों मे फस गया था...वरना तुम्हे ना देखु...ऐसी गुस्ताख़ी मैं कर सकता हूँ क्या...

जूही- अच्छा जी....ऐसा है...

मैं- और नही तो क्या...अरे तुम सामने हो तो कोई अँधा ही होगा जो तुम्हे ना देखे...

जूही- अच्छा...अब मस्का लगा रहे हो...

मैं- नही सच मे...तुम्हे देख कर आँखे तुम पर ठहर जाती है....

ये लाइन मैने जूही की आँखो मे देख कर कही...पता नही क्यो...बस कह दी...जूही भी मेरी आँखो मे झाँक रही थी...और अचानक से शरमा गई....

जूही-बस ...अब ज़्यादा मस्का मत मारो...माफ़ किया...

मैं- अरे ये मस्का नही...तुम सच मे बहुत...ह...

जूही(आँखो मे देखते हुए)- बहुत क्या...

मैं- वो..वो ..बहुत.....बहुत...

जूही(इतराते हुए)- हाँ...बहुत..बहुत क्या...बोलो ना...

तभी अकरम की आवाज़ आई....

अकरम- हाँ भाई..बहुत क्या...किस बारे मे बात हो रही है...???


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

अकरम की आवाज़ आते ही हम दोनो सकपका गये...किसी को कोई वर्ड नही मिल रहा था...अकरम अपनी बात कहते हुए मेरे पास आया और मेरे कंधे पर हाथ रख कर बोला.....

अकरम- क्या बहुत...कोई मुझे भी बातायगा...???

जूही(संभालते हुए)- अरे भाई वो अंकित कह रहा था कि बहुत शॉपिंग कर ली...तो मैने पूछा कि बहुत क्या होता है...बस उसी को एक्सप्लेन नही कर पाया...हहहे...

मैं(मुस्कुरा कर)- हाँ..यही तो..अब बहुत को क्या बोलू...वही सोच रहा था....


अकरम- अच्छा...चल छोड़...मेरे रूम मे चलते है...और जूही...तुम लोग सब रेडी हो...??


मैं- रेडी....किस लिए...??

जूही- सर्प्राइज़....जस्ट वेट न्ड ....

और जूही अपनी गान्ड को उपेर- नीचे करती हुई सीडीयाँ चढ़ गई और मैं भी अकरम के साथ उपर उसके रूम मे निकल गये.....


हम अकरम के रूम मे बाते कर रहे थे कि उसको एक कॉल आ गया और वो बाहर निकल कर बाते करने लगा...

अंदर मैं बेड पर बैठा हुआ सोचने लगा कि कुछ टाइम पहले मेरे साथ क्या- क्या हो गया...

पहले ज़िया को चूत चुसवाते हुए देखना...फिर ना चाहते हुए अचानक से जूही के साथ इस तरह की बातें करना जिसे फ्लर्ट कहते है....

मैं(मन मे)- अकरम की दोनो सिस्टर मस्त है...अब तो इन्हे चोदने का ख्याल दिल मे उतरने लगा....पर मैं ऐसा कैसे सोच सकता हूँ...अकरम दोस्त है मेरा...पर उसमे क्या...संजू तो अकरम से खास फ्रेंड है और उसकी बहनो के साथ उसकी मोम को भी चोद दिया तो अकरम की बहने क्यो नही....

मेरे माइंड मे मतभेद थे पर लास्ट मे मेरी भूख की जीत हुई और मैने डिसाइड कर लिया कि अब मैं अकरम की बहनो को चोद कर अपनी भूख मिटाउंगा....

थोड़ी देर बाद अकरम रूम मे आ गया और मुझे नीचे चलने को कहा.....और हम नीचे जाने लगे....

मैं सीडीयाँ उतरते हुए बार-बार ज़िया के साथ हुए इन्सिडेंट के बारे मे सोच रहा था....

मुझे यही डर था कि कही ज़िया ने मुझे देख लिया तो क्या होगा....

इसी सोच के साथ मैं धड़कते दिल के साथ नीचे सबके पास पहुच गया....

जब हम नीचे पहुचे तो वहाँ अकरम की दोनो बहने थी ...साथ मे एक लड़की और खड़ी थी...जो शायद ज़िया की चूत चूसने वाली होगी...मैने उसका चेहरा नही देखा था...सिर्फ़ अंदाज़ा था...

मैने नज़रे उठा कर ज़िया को देखा पर वो नॉर्मल लग रही थी...उसको देख कर मेरी टेन्षन भी कम हो गई थी....

मैं(मन मे)- थॅंक गॉड...इसने मुझे नही देखा...नही तो बिना मतलब के पंगा हो जाता....

तभी जूही बोली...अब टाइम आ गया एक छोटे से सर्प्राइज़ का जो सिर्फ़ तुम्हारे लिए है....

मैं-मेरे लिए..पर क्यो...और क्या है ये सर्प्राइज़...??

ज़िया- अरे यार ..कुछ खास नही...1 मिनट रूको..खुद समझ जाओगे....

फिर ज़िया, जूही और वो लड़की किचेन मे गई और कुछ खाने का समान ले कर वापिस आ गई...और जैसे ही टेबल पर रखा...मेरे मुँह से वाउ निकल गया...

मैने- वाउ...बिरयानी...मुगलाई चिकन...और मीठी सिबई...ग्रेट...

जूही- पसंद आया सर्प्राइज़..??

मैं- बिल्कुल...बट ये सब...क्यो...??

ज़िया- सिर्फ़ तुम्हारे लिए...याद है ना कि उस दिन तुमने बोला था कि तुम हमारे हाथ से बना हुआ चिकन खाने आओगे...इसलिए आज हम ने खुद बनाया...

मैं- हाँ...पर आज...अचानक से क्यो..??

जूही- आक्च्युयली आज दी का बर्थ'डे है...तो हम ने सोचा कि आज ही छोटी सी पार्टी कर ली जाए...बस...

मैं- ओह..हॅपी बर्थ'डे दीदी...

ज़िया- दीदी नही..ज़िया...

मैं- ओके ..ज़िया..बॅट मैं गिफ्ट तो लाया नही...आपको बताना चाहिए था...

ज़िया- कोई बात नही...मैं अपना गिफ्ट ले लुगी..जब मेरी मर्ज़ी होगी...ओके...

मैं- ओके ...गिफ्ट उधार रहा...जब चाहे... हुकुम करना...

ज़िया- ओके..अब चलो...खाना ठंडा ना हो जाए...

फिर हम ने बिरयानी, मुगलाई चिकन एर मीठी सिबई का मज़ा लिया...साथ मे कल जाने वाले टूर की प्लॅनिंग भी करते रहे....

मैं- अरे जूही..ये कौन है..मैने पहचाना नही...??

जूही- कैसे पहचानोगे..ये कल ही आई है...हमारे मामू की बेटी...गुलनार...प्यार से गुल कहते है

मैं- ओह...हाई गुलनार...

गुल- आप भी गुल ही कहिए...ओके

मैं- ओके..

जूही- बाते बाद मे...पहले खाना...ओके...

मैं- ओके

फिर सब खाने मे बिज़ी हो गये...खाना खाने के बाद हम सब बैठे ही थे की अकरम ने सबको एक न्यूज़ दे दी......

अकरम- हे गाइस...अब डॅड भी टूर पर साथ होंगे....वो वापिस आ रहे है...

ज़िया- पर डॅड तो..

अकरम- अरे..उनका काम 1 वीक डिले हो गया तो रास्ते से वापिस आ रहे है...

जूही- तुझे कैसे पता...??

अकरम- अरे मैने कॉल किया था...ये बताने कि अंकित भी हमारे साथ आ रहा है....तो वो बोले कि वो भी टूर मे आएगे.....अब वो भी साथ मे होंगे...

अकरम की बात से सब खुश थे...खास कर उनकी बेटियाँ....

अकरम- पर अब हम कल नही जाएगे...परसो निकलना पड़ेगा....

जूही- क्यो...??

अकरम- आक्च्युयली...डॅड कल शाम तक ही आ पाएगे ..

ज़िया- तो क्या हुआ...हम परसो चलेगे...तू एक काम कर...डॅड के फ्रेंड को भी बोल दे...ओके...

अकरम- ओके..बोल देता हू..

अकरम ने कॉल करके डॅड के फ्रेंड को चेंज के बारे मे बोल दिया और फिर थोड़ी देर तक हम ने गप्पे की और फिर मैं परसो आने का बोलकर संजू के घर निकल गया.....


संजू के घर जाते हुए मैं मन मे बहुत खुश था...एक तो मन पसंद खाना खा कर और दूसरा ज़िया और जूही के बारे मे सोच कर....

वैसे गुलनार भी कम नही थी...वो भी ज़िया और जूही की तरह मस्त बॉडी की मालकिन थी...

पर अभी मैं गुल को साइड मे रख कर सिर्फ़ ज़िया और जूही के बारे मे सोच रहा था...

आज पूरे वक़्त ज़िया तो नॉर्मल थी पर जूही मुझे चोर नज़रों से देखती रही थी...

मैं सोचने लगा कि पहला ट्राइ किस पर मारु...एक तरफ लग रहा था कि जूही मुझे पसंद करती है तो उसे पटाना ईज़ी होगा ...

पर दूसरी तरफ ज़िया की बॉडी मुझे अपनी तरफ खीच रही थी....

फाइनली मैने डिसिशन टाइम पर छोड़ दिया..कि जो पहले मिलेगी वही सही...लेकिन चोदुन्गा तो दोनो को...

मैं मन मे ज़िया और जूही को चोदने का सोच कर आगे जा रहा था कि मेरे आदमी का कॉल आ गया.....मैने कार साइड की और कॉल पिक की.....

(कॉल पर)

मैं- हाँ...बोलो क्या हुआ...??

स- ह्म्म..एक गुड न्यूज़ है...पर ये तुम्हारे दुश्मनो के बारे मे नही है....

मैं- अच्छा...फिर किसके बारे मे...??

स- तुमने कहा था ना कि तुम्हारे फ्रेंड की मोम पर नज़र रखवाऊ...वो अकरम की मोम पर...

मैं- हाँ...कहा था...तो क्या पता चला...???

स- इतना पता चला कि वो वीक मे दो बार मसाज पार्लार जाती है...

मैं- तो इसमे क्या खास है...

स- खास ये है कि ये पार्लार कोई आम पारलुर नही...उसकी असलियत कुछ और ही है...

मैं- मतलब...???

स- मतलब ये कि इस पार्लार मे सेक्षुयल आक्टिविटीस होती है...

मैं- और किस तरह की आक्टिविटी होती है...आइ मीन कोई लिमिट या...

स- कोई लिमिट नही...कस्टमर जो चाहे वो...मैसेज से सेटिस्फॅक्षन...बॉडी से भी....मर्द के लिए औरत और औरत के लिए मर्द प्रवाइड करते है यहाँ...

मैं- तो इसमे मेरे लिए क्या खास है...मुझे तो अकरम की मोम को उसके साथ पकड़ना है..जिसके साथ उनका अफेर है...हो सकता है वो सिर्फ़ मसाज करती हो वहाँ...फिगर मैनटैने करने..यू नो...

स- आइ नो...बट यहा ऐसा इंतज़ाम भी है कि अपने पार्ट्नर के साथ आओ और ऐश करो...और यही बात तुम्हारे काम की है...और हाँ कोई भी सिंपल मसाज के लिए रात को 8 बजे नही जाता...हमेशा तो नही...

मैं- ओह्ह ..तो तुम्हे लगता है कि वो दोनो साथ मे...अच्छा...तो अब कब जा रहे है ..

स- आज रात...अपाय्नमेंट है पहले से...

मैं- ओके..मैं देखता हूँ...तुम टाइम पर मिलना...

स- मैं पहुच जाउन्गा...वाहा अपनी सेट्टिंग भी है..न्यूज़ पक्की है...

मैं- ओके...फिर मिलते है...बाइ

स- ओके..बब्यए


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

मैने कॉल कट की और सोच लिया कि आज तो अकरम की मोम की वॉट लगा कर ही रहुगा....और फिर टूर मे वो साथ होगी तो उन्हे उनकी ग़लती भी समझा दूँगा...शायद सुधर जाए....


और फिर से कार संजू के घर की तरफ दौड़ा दी ....

संजू के घर सब पढ़ाई मे बिज़ी थे...सिर्फ़ दोनो आंटी ही हॉल मे गुपसुप कर रही थी....

मुझे देखते ही मेघा आंटी सकपका गई और जल्दी से अपने रूम मे निकल गई...

मैं उनकी हरकत से थोड़ा परेशान था पर तभी आंटी बोली...

आंटी- अरे बेटा...कहाँ रह गया था..खाना खाया कि नही...???

मैं- अरे आंटी घर गया था...और खाना भी खा लिया...बाकी सब कहाँ है...??

आंटी- उपेर है...शायद पढ़ रहे हो या सो रहे होंगे...तू बैठ ..मैं कॉफी बनाती हूँ...

मैं- आंटी एक काम करो...कॉफी पूनम दी के रूम मे ले आना...मुझे आपसे कुछ बात भी करनी है...संजू और पूनम दी के बारे मे...

आंटी- क्या...??

मैं- आप आइए तो...फिर बताता हू..ओके

आंटी - ओके..तू चल ..मैं सबके लिए कॉफी लाती हूँ...

आंटी कॉफी बनाने निकल गई और मैं संजू को लेकर पूनम दी के रूम मे आ गया...

फिर वही आंटी भी आ गई और मैने कॉफी पीते हुए उनको अकरम की फॅमिली के साथ ..पूनम और संजू को ले जाने के लिए मना लिया.....

आंटी मान गई और नीचे निकल गई...संजू और पूनम भी खुश हो गये घूमने के नाम पर....

सानू- वाह भाई..क्या प्लान किया...मस्त...मज़ा आएगा..क्यो दी...??

पूनम- हाँ भाई...बहुत मज़ा करेंगे...

मैं- ह्म्म..मैने सोचा कि तुम दोनो को मज़े करने का मौका मिल जाएगा...है ना..

मेरी बात सुनते ही दोनो शॉक्ड हो गये...जैसे गान्ड फट गई हो....

मैं- अरे क्या हुआ...ऐसे मौसम मे फार्म पर मज़ा आएगा ना...क्यो...

संजू- हाँ..हाँ...बिल्कुल...

पूनम- ह्म्म..सही कहा...

मैं- हाँ तो फिर रेडी हो जाना...कुछ शॉपिंग करना हो तो कर लेना...परसो सुबह निकलना है ओके...

फिर संजू अपने रूम मे निकल गया और मैं अनु के रूम मे...

मैने अपने जाने की बात अनु और रक्षा को बता दी...

रक्षा तो गुस्सा हो गई..क्योकि उसे घूमने नही ले जा रहा हूँ...पर अनु उदास हो गई...

रक्षा- भैया आप बहुत बुरे हो....हमे क्यो नही ले जा सकते ...



मैं- समझो बेटा...ये मेरा प्लान नही है...मैं खुद दूसरे के साथ जा रहा हूँ...संजू और पूनम भी....हम सब सेम एज वाले है..ओके

रक्षा- पर..

मैं(बीच मे)- मैं तुम्हे घुमाने ले जाउन्गा..प्रोमिस...और कल शॉपिंग पर चलेगे ..ओके..अब खुश

रक्षा- ह्म्म..शॉपिंग...बहुत खुश...

मैं- तो अब तू एक काम कर ...मेरे कपड़े वॉशिंग मशीन मे डाल देगी...

रक्षा- ओके ..अभी लो...

रक्षा को तो मैने रूम से भगा दिया बट अब अनु क्या करेगी ये सोच कर टेन्षन होने लगी...

पर इस बार अनु ने मुझ पर गुस्सा नही किया...मेरी बात समझी और एंजाय करने को कहा...

अनु मेरे जाने से उदास थी पर समझदार भी थी..यही बात मुझे अच्छी लगी...

मैने अनु को भी घुमाने का प्रोमिस किया,..साथ मे कल शॉपिंग चलने का भी कहा...और उसे किस कर दिया...अनु भी उदासी भूल कर खुश हो गई...

मैने सबको मना तो लिया था...पर मुझे टेन्षन ये थी की एग्ज़ॅम के बाद मैने डाइयरी पढ़ने का सोचा था..और अब ये घूमने का प्लान बन गया...

मेरे पास आज की रात, कल का दिन और रात है..टूर पर जाने से पहले...जिसमे से आज की रात तो अकरम की मोम के चक्कर मे निकल जायगी...कल का दिन एग्ज़ॅम और शॉपिंग मे...बची कल की रात...

मैने सोचा लिया कि कल की रात मैं पूरी डाइयरी ख़त्म करके ही रहुगा...

मैं अपनी फॅमिली के बारे मे जान कर ही टूर पर जाउन्गा....

क्योकि जितनी जल्दी मेरे सामने सच आ जाएगा..मुझे उतना ही ज़्यादा टाइम मिलेगा अपने प्लान को कामयाब करने के लिए...

और फिर मुझे अपना बाजूद भी पता करना था...जो डाइयरी से ही पता चलेगा...

और अब मुझे इंतज़ार था रात के 8 बजने का...आख़िर देखु तो सही की अकरम की मोम पार्लार मे आ कर क्या गुल खिलाती है....

और मैं फ्रेश होकर नीचे आया..कॉफी पी और आंटी को बहाना करके निकल गया पार्लार की तरफ.....

जैसे ही मैं उस पार्लार मे पहुचा ..वहाँ मेरा आदमी पहले से वेट कर रहा था...

हम दोनो रिसेप्षन काउंटर के पास खड़े हो गये जहाँ बैठी लड़की मेरे आदमी ने सेट कर ली थी...

ये लड़की कोई 27-28 साल की होगी..और उसकी बॉडी भी मस्त दिख रही थी...उसे देख कर तो मेरा मन उसे चोदने का होने लगा...पर फिर सोचा कि एक बार काम हो जाए फिर इसके बारे मे सोचुगा.....

उस लड़की ने हमे अपाय्नमेंट दिखाया जो सबनम नाम से था...मतलब अकरम की मोम...


मैं- ये सबनम..इसको तुम फेस से जानती हो...??

लड़की- जी सर...हर हफ्ते मे दो बार आती है...

मैं- और ये यहाँ अकेले आती है या किसी के साथ...

लड़की- वैसे तो अकेली आती है...मसाज लेने...कभी-2 हमारे आदमी के साथ सेक्स मसाज भी लेती है...और कभी-2 किसी के साथ आती है...

मैं- आज का क्या...अकेली या साथ मे..??

लड़की- वो तो आने पर ही पता चल पायगा...आप वेट करे ..वो आती ही होगी...

हम लोग वही साइड मे छिप कर बैठ गये और उनका वेट करने लगे...

करीब 8 बजे ही रिसेप्षन पर बैठी लड़की ने हमे इशारे से एक औरत को दिखाया...

वो औरत मस्त बॉडी की मालकिन थी...पर मुझे समझ नही आया कि वो लड़की हमे इसको क्यो दिखा रही थी...क्योकि ये तो अकरम की मोम नही थी...

उस औरत ने लड़की से कुछ बात की और फिर अंदर निकल गई...

उसके जाते ही हम लड़की के पास गये और पूछा...

मैं- क्या बोल रही थी..??

लड़की- यही कि सबनम आ गई...

मैं(चारो तरफ देख कर)- कहाँ है..??

लड़की- अरे यहाँ-वहाँ क्या देख रहे हो..वो जो अंदर गई...वही है सबनम...

मैं- क्या ..?? नही...वो सबनम नही है...मैं जानता हूँ उनको...

लड़की- अरे सर..यही है..मैं महीनो से इनको जानती हूँ....

मैं- क्या...???

लड़की- जी सर...मैं सच बोल रही हूँ...और आज ये यहाँ अकेली आई है मसाज लेने...सेक्षुयल मसाज...

मैने अपने आदमी के साथ साइड मे आ गया.....

मैं- ये क्या चक्कर है..सबनम के नाम से ये औरत आती है...क्यो...?? पता करना होगा...

स- पर करेंगे कैसे...पकड़ ले...??

मैं- नही..अभी नही...एक काम करना...ये यहाँ से निकले तो इसका पीछा करना ..कुछ पता चल ही जाएगा...

स- ठीक है...तो बाहर ही रुकते है..

मैं- ओके..तुम रूको...मैं इसे देखता हूँ..

स- अब क्या चल रहा है माइंड मे??

मैं- यार जब यहाँ आए है तो मस्ती ही कर ले...उसकी बॉडी मस्त है..थोड़ा मज़ा कर लूँ...

स- तुझे मसाज करना आता है क्या...

मैं- नही..पर सेक्षुयल सेटिस्फॅक्षन देना अच्छे से आता है...

स- ओके..जो भी करना..ध्यान से ओके..

मैं- ओके...

रिसेप्षन पर जा कर...

मैं- एक काम करो...आज इस औरत को मसाज मैं दूँगा...

लड़की- आपको भेज तो दुगी..बट आप कर पाएगे...

मैं- तुम बता दो..मैं ट्राइ कर लूँगा...और नही हुआ तो फिर किसी और को भेज देना ..ओके...

लड़की- ओके सर...मैं इंतज़ाम करती हूँ...

थोड़ी देर बाद लड़की ने मुझे मसाज के कुछ टिप्स दिए और उस रूम के बाहर तक छोड़ दिया...

लड़की इंतज़ाम कर के चली गई और मेरा आदमी बाहर निगरानी रखने लगा...और मैं रेडी हो गया उस औरत को मैसेज देने...साक्शुअल मसाज.......
रूम मे आकर मैने देखा कि वहाँ कोई नही है...मैं कुछ सोचता उसके पहले ही बाथरूम का दरवाज़ा खुला और वो औरत मेरे सामने आ गई...

उसने ड्रेस चेंज कर ली थी..सिर्फ़ एक गाउन पहने हुए थी....

(यहाँ मैं उस औरत को लेडी लिख रहा हूँ...)

लेडी- तो आज तुम हो..??

मैं- जी मॅम..

लेडी- वो कहाँ है जो हमेशा मेरा मसाज करता था ....

मैं- आक्च्युयली मॅम ...वो बीमार है...

लेडी- ओह्ह..वैसे तुम अच्छा मैसेज कर लेते हो ना...??

मैं- जी मॅम...

लेडी- जानते हो मुझे किस तरह का मैसेज पसंद है...

मैं- जी नही...पर मेरे हाथो का कमाल देख कर आप खुश हो जायगी...

लेडी- हाथो का..बस...

मैं(मुस्कुरा कर)- जैसा आप कहे..वैसा ही कमाल दिखा दूँगा...

लेडी- ह्म्म..चलो..देखते है तुम क्या करते हो...पर याद रखना...मैं ना बोलू तो मतलब ना...ओके

मैं- जी मॅम..अब आप लेट जाइए...

उसने मसाज टेबल पर लेट कर अपना गाउन खोल दिया और उल्टी लेट गई....


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

मेरा लंड तो उसकी उभरी हुई गान्ड देख कर ही फडक उठा...और मैं एक तक उसकी गान्ड देखता रहा...

लेडी- ये लो..न्ड टवल डाल दो...

मैने उसके हाथो से गाउन लिया और एक टवल से उसकी गान्ड ढकने लगा...जब मैं टवल डाल रहा था तो उसकी गान्ड ही देख रहा था..

उसने भी ये नोटीस कर लिया और बोली...

लेडी- अब देख लिया हो तो काम शुरू करो..

मैं- जी..जी मॅम...

मैने टवल डाला और दो बॉटल ले आया...

मैं- मॅम..आयिल ऑर लोशन...

लेडी- मैं लोशन यूज़ करती हूँ...आगे से याद रखना...

मैं- जी..(मन मे- साली..मुझे यहा जॉब थोड़े ना करनी है जो याद रखू...बस तुझे चोदने आया हूँ...और चोद कर ही जाउन्गा...देखती जा बस)

मैने थोड़ा सा लोशन उसकी पीठ पर फैलाया और फिर अपने हाथो मे भी लगा लिया...

फिर मैने हथेलियों को पीठ पर घूमाते हुए पूरी पीठ पर लोशन लगा दिया...

मैने धीरे-2 से अपनी हथेलियों से उसकी पीठ पर दवाब बनाते हुए उसकी मालिश शुरू कर दी...

लेडी- उम्म्म...काफ़ी हार्ड हाथ है...

मैं- (चुप रहा)

मैने थोड़ी देर तक पीठ को सहलाया और फिर प्रेशर बढ़ा कर पीठ को मसल्ने लगा...जिससे उसके मुँह से आह निकल गई...

लेडी- आहह...अच्छा कर रहे हो...फीलिंग गुड...

मैं- मॅम अभी तो शुरुआत है...यू विल फील बेटर...

लेडी- ह्म्म..कॅरी ऑन...आहह..

मैने दोनो हाथ कंधे के पास ले जा कर ज़ोर से दबा दिया....

मैं- अरे यू ओके मॅम...

लेडी- उउंम..तुम्हारे हाथ बहुत कड़क है...पहले वाले से ज़्यादा...

मैं- आपको कैसा लगा..

लेडी- बहुत अच्छे...उउंम..

मैने पीठ सहलाते हुए उसकी बॉडी पर झुक गया था...

अब उसकी बॉडी पर मेरे कड़क हाथ घूम रहे थे..साथ मे उसकी साइड पर मेरी बॉडी टच कर रही थी और उपेर से मेरी गरम साँसे उसकी पीठ पर टकरा रही थी..

वो औरत एक साथ इतने टच की वजह से गरम फील कर रही थी...

वैसे भी मर्द का टच औरत को गरम कर ही देता है....

मैने फिर नीचे जाने का फ़ैसला किया और लोशन लेकर उसके पैरो की मालिश करने लगा...

मैं धीरे- धीरे पैरो के उपेर आ रहा था...और फिर मैं जाघो पर आ गया...

क्या मोटी और गोरी जाघे थी...मैं तो जाघ देख कर सोचने लगा कि कितना मज़ा आएगा...जब मैं इसे कुतिया बना का चोदुगा और हमारी जाघे ...आपस मे थाप देगी...

मैं मसाज करते हुए उसकी बॉडी पर झुका रहा ताकि उसे मेरी गरम सांसो का अहसास मिलता रहे...

मैं जानता था कि वो अब गरम होने लगी थी पर अभी लंड खाने लायक नही हुई थी...

मैं जाघो को मसाज करते हुए उसकी चूत के पास तक अपनी उंगलिया ले जा रहा था...बस उंगली से चूत का टच नही करवाया...

ज़ाघो को मसल्ने के बाद मैने उसकी कमर को मसलना शुरू कर दिया...

वो तो बस आँखे बंद किए हुए मस्ती मे आहे भर रही थी...

फिर मैने उसकी गान्ड पर पड़ा टवल हटाया तो उसे अहसास हो गया और उसने चौंक कर आँखे खोल दी...
मैं- मॅम अब आपके बट्स को मसाज करता हूँ...आपको मज़ा आएगा...

वो सेक्षुयल मसाज की आदि थी इसलिए उसने हाँ मे सिर हिला दिया..और लेट गई..

मैने ढेर सारा लोशन उसकी गान्ड पर डाला..जो बहते हुए उसकी चूत तक जाने लगा...

मैने फिर उसकी गान्ड को लोशन से गीला कर दिया और एक उंगली उसकी गान्ड की दरार मे फिरा दी...

लेडी- आहह...

अब उसकी सिसकी..उसकी गरम हो रही बॉडी के बारे मे बता रही थी...

मैने फिर दोनो हाथो से उसकी गान्ड को मसलना शुरू कर दिया...

मैं पूरे जोश मे कस कर उसकी गान्ड को मसले जा रहा था और वो मस्त हो कर आवज़े कर रही थी...

लेडी- आहह..आहह..ऐसे ही...उउंम...

थोड़ी देर तक गान्ड मसालने के बाद मैं रुक गया..मैने देखा की अब उसकी छूट ने पानी बहाना शुरू कर दिया था...

पर मैं उसे इतना गरम करना चाहता था कि वो खुद कहे कि बस अब फाड़ दो...तभी मैं उसे दबा के चोदुगा...

मैने फिर उसको पलटने का बोला..और जैसे ही वो पलटी...तो.मेरे लंड ने फिर से झटका मार दिया...

मैं- नाइस बूब्स.....मॅम

लेडी- थॅंक्स...

मैं- यही से शुरू करते है...

लेडी- ओके..

मैं उसके सिर की तरफ गया और अपने हाथ आगे करके उसके बूब्स को सहलाने लगा...
लेडी- ऐसे ही...लोशन नही लगाना...

मैं- हाँ मॅम...आप बस देखती जाइए ..आज आपकी ऐसी मसाज करूगा कि आप खुश हो जायगी...

लेडी- अभी तक अच्छा किया...आगे देखते है...पर लोशन तो लगा लो..

मैने - मॅम पहले बिना लोशन के आपके बॉडी पार्ट्स को रिलॅक्स करूगा..फिर लोशन ...

लेडी- मतलब..??

मैं- मॅम..बूब्स आंड पुसी..दोनो सेनुयल पार्ट्स है...इन्हे मसल के नही बल्कि प्यार से मसाज देना चाहिए...और हाँ इसके लिए कड़क हाथ यूज़ नही करने चाहिए...

लेडी- तो फिर...क्या उसे करोगे..

मैं- अभी बताता हूँ..

मैने साइड मे आया और उसके बूब्स पर झुक कर उसके निप्पल के जीभ से रगड़ने लगा....
उसकी तो मस्ती मे आँखे बंद हो गई और वो बस सिसकने लगी...

लेडी- उउंम...उउंम..एस्स...उउंम..

मैने बारी-2 उसके दोनो निप्पलो को जीभ से मसाज दिया और फिर उसके एक निप्पल को होंठो मे फसा कर खींचा...

लेडी- ओह्ह..ओह्ह..आहह..गॉड...उउंम

ऐसा ही मैने दूसरे निप्पल के साथ किया...

जब मुझे लगा कि वो मस्त हो चुकी है तो मैने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत के दाने पर रख दिया और दाना सहलाने लगा..
लेडी- अया...उउफ्फ..यस...आहह...

मैने जोरो से उसका दाना रगड़ रहा था और वो मस्त हो कर आँखे बंद किए हुए सिसक रही थी...

मैं- यू लाइक इट मॅम..ह्म्म

लेडी- यस..एस्स..आहह..ऊ..ऊहह..

मैने फिर उसकी चूत पर हाथ फिराया ..जो कि पूरी गीली हो चुकी थी और कुछ देर तक चूत की फान्को को को सहलाता रहा...


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

फिर मैने चूत से हाथ हटाया और खड़ा हो गया...

मेरे खड़े होते ही उसने आँखे खोल दी और ऐसे देखने लगी...जैसे बोल रही हो कि क्यो रुक गये...

पर मैं चाहता था कि वो खुद मुझसे कहे कि लंड डालो...इसलिए मैने फिर लोशन लिया और उसके बूब्स और पेट पर डाल दिया...और ढेर सारा चूत पर भी...

मैने फिर उसके बूब्स को दबाते हुए लोशन से मसाज की और फिर पेट पर आ गया...

पहले मैने पेट की मसाज की और फिर उंगली से उसकी नाभि की मसाज करने लगा...

नाभि पर उंगली लगते ही उसकी सिसकी निकल गई...

मैने फिर से उसके उपेर झुक गया और अपनी साँसे उसकी नाभि पर छोड़ने लगा...साथ ही साथ ..अपना हाथ उसके पेट पर घूमता रहा...

फिर मैने जीभ को नाभि मे घुमाया कि वो ज़ोर से सिसक उठी...

लेडी- ओह्ह गॉड...आअहह...

मैने अपना काम चालू रखा...और थोड़ी देर तक उसकी सिसकी निकलती रही...

फिर मैं उसके साइड मे बैठ गया और हाथ बढ़ा कर उसकी चूत को लोशन से मसाज करने लगा...

लेडी- उउंम..उउंम..गुड...ऐसे ही...

मैं एक हाथ से चूत के होंठो को रगड़ रहा था और साथ मे उसके निप्पल को जीभ से चाट रहा था...

लेडी- उफ़फ्फ़..ये क्या..कर रहे...आहह..

मैं- ये आपके सेक्षुयल डिज़ाइर को बढ़ाने के लिए है...आओके हर्मोन्स को बॅलेन्स करने मे भी ये अच्छा है...इस तरह के मसाज मे सेनुयल पार्ट्स को मुँह और उंगलियों से सॉफ्ट मैसेज देना होता है..

लेडी- ह्म्म..अच्छा है...करते रहो...आअहह...

मैं थोड़ी देर चूत मसलता रहा और फिर मैने एक उंगली उसकी चूत मे डाल दी...

चूत तो गीली थी ही तो उंगली सट से अंदर चली गई...

उंगली चूत मे जाते ही उसकी आँखे खुल गई और उसने इशारे से कहा कि ये क्यो किया...
मैं- मॅम...इससे आपके इन्नर पार्ट की स्ट्रचिंग होगी...जो इम्पोर्टेंट होता है...इससे आपको लव मेकिंग के टाइम ज़्यादा मज़ा आएगा...

लेडी- सच मे...पर पहले किसी ने ऐसा नही बोला...

मैं- मॅम ..अपनी- 2 टेक्निक होती है...आपको कैसा लगा...

लेडी- उउंम..वेरी गुड..आहह..

मैने उंगली को अंदर तक घुसा दिया और आगे पीछे करने लगा...साथ मे उसके निप्पल भी चूस्ता रहा....

वो भी अब पूरी गरम ही गई थी और अपनी टांगे फैला कर उंगली को छूट के अंदर फील करने लगी...
लेडी- उउंम..आहह...गुड..एस्स..एस्स..

मैं- फीलिंग गुड मॅम...??

लेडी- येस्स ..येस्स्स...ऊहह..

मैं- तेज करू मॅम...

लेडी- यस..फास्ट...फास्ट...ऊहह..ऊहह...

मैने तेज़ी से उंगली से चूत को चोदता रहा और उसके निपल्स को भी बारी-2 चूस्ता रहा...

लेडी- आहब..अश्ह..आहह..एस्स..उउफ्फ..श..ओह...

ऐसी आवाज़ो के साथ वो झड गई....

थोड़ी देर बाद मैने अपना हाथ रोका तो मेरा हाथ चूत से निकलते पानी से तर हो गया..जो बता रहा था कि अब चूत को लंड चाहिए...पर अभी तक उसने बोला नही था...

मैने अपने हाथ को आगे करके उसके बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया...उसका चूत रस उसके बूब्स पर लग गया था...

मैं- मॅम ...बूब्स को मुँह से मसाज दूं...

लेडी- उम्म्म..यस...तुम अच्छा कर रहे हो...करते रहो...

मैने फिर बारी- 2 उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया ....और चूस-2 कर बूब्स को लाल कर दिया...

मैं- मॅम...अब आपकी पुसी की बारी...

लेडी- यस...करो ना..

और उसने अपने पैर फैला कर चूत खोल दी...

मैने उसके पैरो के साइड गया और उसकी चूत को को होंठो मे दबा कर खीच दिया...

लेडी- ऊहह...माइ....क्या...आहह .....आहह

थोड़ी देर तक चूत के दाने को होंठो से मसल्ने के बार मैने चूत पर जीभ फिराई और चूत चाटना शुरू कर दिया...

मैं- सस्स्रररुउउप्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प...

लेडी- आहह...यस...कम ऑन...उउंम...

मैं- सस्रररुउउप्प...उउंम्म..सस्स्रररुउउप्प्प..आहह..

लेडी- ऊहह...यस...एस्स..उउफ़फ्फ़....

थोड़ी देर बाद मैने चूत मे जीभ घुसा दी और जीभ से उसे चोदने लगा...
मैं- उउंम..उउंम..उउंम..

लेडी- ओह...ओह...य्र्स..एस्स...सक इट...यस...एस्स...

मैं- उउंम..उउंम..उउंम..उऊँ..उउंम..

लेडी- अंदर तक...यस...डीपर...सक..इट..एस्स..

और एक बार फिर से उसकी चूत मेरी जीभ के हमलो से झड़ने लगी....

लेडी- ऊहह...येस्स...कोँमिंग..ओह्ह..ऊ...ओह्ह..

मैने चूत को मुँह मे भर लिया और चूत रस पीने लगा...

मैं- उउंम..उउंम..सस्ररूउगग...सस्ररूउगग...

लेडी- एस्स...सक ..सक..सक..ओह्ह..ऊहह..एस्स..

चूत रस पीने के बाद मैं खड़ा हो गया और बोला....

मैं- कैसा लगा मॅम...पसंद आया...

लेडी- ह्म्म..पर काम पूरा करो...

मैं- अब क्या बचा...हॅंड मसाज भी हो गया आंड माउथ मसाज भी...

लेडी- अब लंड मसाज बाकी है...

मैं(मुस्कुरा कर)- ह्म्म..

वो तो गरम थी ही..मेरा लंड भी पेंट फाड़ने की तैयारी मे था...

लेडी उठी और मेरी तरफ पलट के झुक गई और मेरा लंड बाहर निकाल लिया..

लेडी- ओह माइ...सॉलिड है...

और उसने लंड के सुपाडे को मुँह मे भर लिया....
मैं- इससे भी एक खास मसाज होती है...

लेडी- आहह...अच्छा और वो कैसे...

मैं- आप शुरू हो जाओ...फिर दिखाता हूँ...

लेडी- ह्म्म..सस्रररुउउप्प....गुड...मज़ा आएगा...

मैं- ह्म्म..आज ऐसा मज़ा दूँगा कि मुझे भूल नही पाएगी...

लेडी- ऐसा हुआ तो तुम मेरे...सस्ररुउउप्प्प...

मैं- ह्म्म...तो चूसो.....तैयार करो..फिर मज़ा लो...

और उसने अपनी चूत फटवाने के लिए लंड को मुँह मे भर कर आगे- पीछे करना शुरू कर दिया ....और लंड को चुदाई के लिए तैयार करने लगी....


RE: चूतो का समुंदर - sexstories - 06-06-2017

थोड़ी देर तक उस लेडी ने बड़े मस्त तरीके से लंड चूसा....उसकी लंड चुसाइ देख कर सॉफ पता चल रहा था कि वो एक एक्सपर्ट खिलाड़ी है....

जब उसने लंड चूस कर तैयार कर दिया तो मैने उसे रोक दिया...

मैं- मॅम ...आज आपको लंड से स्पेशल मैसेज दूँगा....खास तरह का...

लेडी- और ख़ासियत है क्या..??

मैं- आप बस देखती जाओ...आपकी बॉडी की पूरी मासपेशी मूव होगी और आपकी बॉडी की जकड़न दूर हो जायगी...

लेडी- ह्म्म..तो फिर देर किस बात की...

मैने भी जल्दी से उसकी चूत की तरफ जाकर पोज़िशन ली और उसकी टांगे खोल कर लंड सेट किया और एक धक्के मे ही आधा लंड अंदर डाल दिया...

उसे भी कोई तकलीफ़ नही हुई...एक तो चुदि हुई छूट और उपेर से लोशन की मालिश से चूत चिकनी हो गई थी...

मैने फिर से टांगे पकड़ कर दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड अंदर चला गया....


इस धक्के पर उसके मुँह से आ निकल गई...

लेडी- आअहह...लंबा है...उउंम्म..

मैं- आपकी चूत भी गहरी है मॅम ...

लेडी(मुस्कुरा कर)- ह्म्म..अब ड्रिलिंग शुरू करो...

उसका इशारा मिलते ही मैने उसकी जाघे पकड़ी और तेज़ी से चुदाई शुरू कर दी...

लेडी- आ..आहह..आहह..उउंम..आआ..

मैं- लाइक इट मॅम...ह्म्म..

लेडी- यप...फक...फक्क...आहह...

मैं- यस..टेक इट...यह...

मैं थोड़ी देर तक उसे तेज़ी से चोदता रहा और फिर उसकी जाघो को पकड़ कर उसे टेबल के किनारे खीच लिया और उसकी टाँगो को हवा मे उठा कर उसको तेज़ी से चोदने लगा...
लेडी- आहह...फक मॅम...फक..हार्डर...यस...येस्स..

मैं- यस बेबी...टेक इट...यह...यस..यस..येस्स...

मैं काफ़ी देर से एक्शिटेड था इसी वजह से ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था ...जिससे टेबल भी उसकी गान्ड के साथ आगे-पीछे हो रही थी.....

थोड़ी देर चोदने के बाद मैं फिर से रुक गया और उसे खीचकर नीचे खड़ा किया और झुका कर एक झटके मे लंड को चूत मे डाल दिया...

लेडी- आहह...इतनी जल्दी मे क्यो..आहह

मैं- ऐसे पोज़ चेंज करते हुए चुदाइ करने से मज़ा बढ़ जाता है और आपकी बॉडी को ज़्यादा मूव्मेंट मिलेगा...गुड फॉर सेक्स..

लेडी- ह्म्म..करते रहो...उम्म...

मैने जल्दी से उसके हाथो को पकड़ा और तेज़ी से लंड पेलने लगा...

अब चुदाई का मज़ा बढ़ रहा था..मेरी जाघे उसकी मोटी जाघो का चुंबन करने लगी और आवाज़े बढ़ने लगी...

लेडी- यस...फक मी हार्ड...डीपर ...यस..येस...आअहह...

मैं- ये ले...यह...टेक इट बेबी...हियर वी गो...

मैं आन हार्ड फक्किंग किए जा रहा था और वो आवाज़े करती हुई झड़ने लगी...

लेडी- येस मॅन...फक..फक.फक..ऊहह...

मैं- यह...यीहह...

लेडी- ओह..माइ...ओह...फीलिंग गॉइड...कोँमिंग...आहह...कोँमिननन्ज्ग....

और वो झड गई...उसके झड़ने के बाद भी मैं उसे दम से चोदता रहा....

फिर मैने उसे छोड़ा और टेबल पर लिटा दिया...

लेडी- अब मेरी बारी....सवारी करनी है मुझे...

मैं- ओके...आ जाओ फिर...

मैं टेबल पर लेट गया और वो घुटनो के बल मेरे लंड को चूत मे ले कर बैठ गई और गान्ड घुमाने लगी....

लेडी- यू आर सो गुड...

मैं- ह्म..अब सवारी शुरू करो...

और फिर वो उछल- उछल के लंड चूत मे खाने लगी...
लेडी- यस..यस..यस...आह..आहह..

मैं- यह बेबी...जंप..जंप...

लेडी- यस..यस..यस..आअहह..यस...

मैं- हार्डर बेबी....हार्डर...जंप..यह....

वो पूरी मस्ती मे गान्ड उछाल कर चुदवा रही थी..थोड़ी देर बार वो थकने लगी और मेरे उपेर झुक गई...

मैने उसके बूस को चूसना शुरू कर दिया और साथ मे नीचे से धक्के मारने लगा...
लेडी- येस्स..सक इट मॅन..उउंम..आहह ....यस..यस...येस्स ...

मैं- उम्म..उउंम..उउंम.आ..उउंम..

लेडी- फक मी...यस...यस..ओह्ह..ओह्ह.ओह्ह..

ऐसे ही थोड़ी देर तक उसे अपने लंड की सवारी करवाता रहा और फिर जब मुझे लगा कि मैं झड़ने के करीब हूँ तो मैने उसे वापस टेबल पर लिटा दिया ..

फिर मैं भी उसके पीछे लेट गया और मैने उसे अपने पास खीचा और लंड को चूत मे डाल दिया....

लेडी ने भी अपनी एक टाँग को पकड़ कर हवा मे उठा लिया और फिर मैने दमदार चुदाई शुरू कर दी....
लेडी- आआहब ...आहह ...फक..यस..आहह..

मैं- यस..येस..टेक इट...यहह...

लेडी-यस...फक..फक युवर बिच...येस्स..ओह्ह..कमिंग...कमिंग...

मैं- येस...मी टू....सीममूँग..बेबी...यह..यह...

और हम दोनो साथ मे झड़ने लगे और चुदाई का संग्राम समाप्त हो गया...

झड़ने के बाद वो लेट गई..और मैने हमारे कामरस से सने हुए लंड को उसके मुँह के पास ले गया ...

उसने बिना देरी किए मेरे लंड को मुँह मे भर के चूसना शुरू किया और सॉफ कर दिया...

लेडी- उम्म...यू आर सो गुड ..मीट मी अगेन...

मैं- ओके...पर यहाँ नही...आप नो. दे दो...हम कहीं और मिलेगे....

लेडी- ह्म्म..ये लो...कॉल मे...ओके

फिर वो रेडी हुई और निकल गई....

मैं वही बैठ के रेस्ट करने लगा....

उसके जाते ही रिसेप्षन वाली लड़की रूम मे आ गई...

लड़की- कैसे है सर...ओह...वेरी गुड..

मैं- क्या..

लड़की- आपका...वो...

मैं- ओह्ह..आर..एक मिनट...

मैने जल्दी से टवल लंड पर डाल लिया...

लड़की- रहने दो ना...

मैं- क्यो...लेना है क्या...

लड़की(शरमा कर)- ड्यूटी पर नही होती तो ले भी लेती...

मैं- तो घर चल के ले लो...

लड़की- ह्म्म..आप चलेगे मेरे घर...

मौन- हाँ क्यो नही...तुम रेडी हो तो मैं भी...

लड़की- ओके...15 मिनट बाद चलते है....

मैं- ओके...


This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


Indian hot comics Velamma Velamma aur uski Saheli Hindi maiचुत चाटल्याने काय होतेnithya ram actress sexbabaWWW RAVINA KA CHUT DANA APNA VIRYA PIYA MUT COMmummy ki chudai papa se jhuth bol kar ki uncle se sexstories.comfamily andaru kalisi denginchuबस मे गान्डु को दबाया विडियो vodka pila kar chudaiunderwear me hole tha aur chaudaiAshna Zaveri Sex Baba Fake सेक्शी जानबर बाली कहानीThe Picture Of Kasuti Jindigikinaukri ke liye chudai yum exbiiచెల్లి అందాలు పూకుbraurjr.xxx.www.bhabhi pisssssmamee k chodiyee train m sex storypenzpromstroy.ru iyer bhai ne babitaji ko gusse me kutte ki tarha chodsActress nidhi bhanusali ass imagescollection of bemgali actreess sexbabaBhaiya ka khayal main rakhungi love storyपानी निकलने लगे क्सक्सक्सmaa so rhi thi beta ne choda fir ma jaag ge hindi sex khanisxei स्टोरी मराठी झोपडीपेशाब घर मे मैने एक लडके की गांड मारीsex monny roy ki nagi picvelamma episode 89 young, dumbxxx video boy jharanetv serial actress sexbababbhai ne behan ki aisi chudai ki k blood ni rokaXxxxx new poto kawl gral maDeepika padukone sex babaBedrum bikhre bal sex xxxmami ko bistar me chodaगाँव का राजा पार्ट--7 sex storieचोद भड़वे बुर मेरीRadhika Apte sex baba photoindian tv actress nude by sexbabakeerthi suresh sexbabaTamil actor rithika singh xxx 51 image.commom kamuta marthi momमराठीSex story-कॉलेजभावाची गांड झवलीचुदक्कड़ घोड़ियाँDaastan chudai momswomen peshab peticot utta ke xxxరాయ్ లక్ష్మి.NUDE.SEXBABA.CObehan tel petticoat knot sex kahanifuckkk chudaiii pronनातेवाईक सेक्सी कथाचप्पल का बेड सेक्स दिखाओKalki Koechlin sexbabamaa bani biwi sali bani nai maa yum storymarathi antarvasana sex storieshttps://www.sexbaba.net/Thread-shriya-saran-nude-on-bed-showing-her-boobs-pussy-fakeKamapisachi ileana sexbabaमाझ्या बारिक पुच्चीत मोठा लंड गेलाAnjali abrol ke HD ningi photos xxxxxx.bhai.bahan.rep.kahani.hindiSexbaba.com sirf bhabhi story लड़ फुडे वेदोPad kaise gand me chipkayeapne nange jism ki taraf lalchati nangi hot auratmaa ko dukan me randi banayawww,xxxHDpapa 2019trumpland episode 1 from kirtuSolahwa sawan sexbabaहीरोइन बनने के चक्कर में 20 लोगों से चुदाई करवा ली कहानीsexkahanayaलिंग की गंध से khus hokar chudvai xxx nonveg कहानीचूत मँ लड घुसेर दियाFamily main mohabbat aur sex antarvasna storystan pilati ladki sex storiesbhai bahan ka rep rkhcha bandan ke din kya hindi sex historylambi chudai story page 100 Didi ne mujhe chappal chatte hue dekh liyakaska choda bur phat gaya meraPankhuri sharma nangi photo sex baba comदादी ने गाँड मरायीchudai ki kahani bra saree sungnaSasur bhau saxi stori new choti bahu stori 10 inchTV actress xxx sex baba imagesसंध्या सेक्स स्टोरीबहिणीला उलटे झवले