Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - Printable Version

+- Sex Baba (//penzpromstroy.ru)
+-- Forum: Indian Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-indian-stories)
+--- Forum: Hindi Sex Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-hindi-sex-stories)
+--- Thread: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई (/Thread-desi-sex-kahani-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%88)

Pages: 1 2 3


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

इतना कह कर उन्होंने सिगरेट जलायी और एक कश ले कर अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिये और सारा धुआँ मेरे मुँह में छोड़ दिया। मेरे दोस्तों जो सिगरेट के शौकीन हैं, मेरे कहने से एक बार ऐसे सिगरेट पी कर जरूर देखें, वादा करता हूँ की आपका लंड एकदम उबाल खा जायेगा। मैंने कस कर मीना चाची की एक चूँची जो मेरी हाथेली में थी बहुत ही बे-दर्दी से मसल दिया। मीना चाची भी चिहुँक उठी, और बोली, “तुम बड़े वोह हो जी… मेरी मस्त जवानी इतनी बुरी तरह से मसल कर रख दी।”



मैंने भी कहा, “मीना रानी आज तुम्हारी चूचियाँ कुछ ज्यादा ही उभार लिये हुए हैं, तुमने क्या जादू करा है कि सुबह से लेकर शाम तक तुम्हारी चूँची एक दम इतनी बड़ी हो गयी।”



मीना चाची शर्माते हुए बोली कि “मैं आज तुमको उन चूचियों का मज़ा देना चाहती हूँ जो मेरी शादी के समय थी। इसी लिये मैंने आज इस टाइट माइक्रो ब्रा में अपनी चूचियाँ कसी है ताकि मेरी चूचियाँ उसमें समायें नहीं और फूट-फूट के बाहर निकल आने को तरसें।” मीना चाची बोली, “मेरी चूचियाँ कब से तड़प रही हैं तुम्हारे होंठों से चुसाने के लिये।”



मैंने भी बिना देर करे हुए अपने हाथ पीछे ले जा कर मीना चाची की माइक्रो ब्रा के हुक खोल दिये। ब्रा के हुक खुलते ही मीना चाची कि चूचियाँ एक दम स्प्रिंग की तरह उछली और मचल कर ब्रा की कैद से बाहर आ गयी। मीना चाची ने अपने भूरे रंग के निप्पलों को आज रूज़ लगा कर एक दम गुलाबी बनाया हुआ था और मैंने बेसब्री से उन पिंक निप्पलों को अपने मुँह में ले लिया और लम्बे-लम्बे चुस्से मारने लगा। रूज़ लगे होने के कारण मीना चाची के निप्पल एक दम चैरी की तरह मीठे थे। मीना चाची की तो सितकारी ही निकली जा रही थी और मेरी तो ऐसी इच्छा हो रही थी कि मीना चाची की चूत का जूस इन निप्पलों से निकले और मैं पी जाऊँ।



मीना चाची मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबाती हुई सितकारियाँ भर रही थी और बोल रही थी कि “डार्लिंग! पी ले मेरे जिस्म का नशा। आज तो जी खोल के अपनी जवानी का नशा पिलाऊँगी तुझे। अरे मादरचोद चूस ले मेरे निप्पलों को…!” और चाची ने अपने हाथों से मेरी पैंटी उतार दी जिससे मेरा लौड़ा मीना चाची के पेट पर टक्कर मारने लगा।



मीना चाची लंड को कस कर अपने हाथों से दबा रही थी और बोली, “वाह मेरे बहन के लौड़े! अपनी दुल्हन से मिलने के लिये चिकना बन कर आया है। आज देखती हूँ कि किसकी माँ चुदती है, मेरी चूत की या तेरी।” मीना चाची ने मेरे बाल पकड़ कर अपनी चूचियों पर से मेरा सर उठाया और बोलीं, ”डार्लिंग पहले एक मीठा सा चोदा लगा दे, मेरी चूत इस समय धड़क रही है, नहीं तो जल कर खाक हो जायगी। बाद में आराम से चूसाते हुए और चाटते हुए एक दूसरे को चोदेंगे।”



मेरा भी बुरा हाल था। सुबह की चुदाई के बाद तो मैं भी तड़प रहा था मीना चाची को चोदने के लिये। मैंने उनको अपनी गोदी में उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया और मीना चाची की टाँगें फैला कर जी-स्ट्रिंग उतारी। वाह क्या नज़ारा था! मीना चाची ने अपनी चूत के लिप्स भी रूज़ लगा कर गुलाबी करे हुए थे। मैंने कहा, “मीना थोड़ा सा और तड़प ले मेरी जान… अभी तो तेरी बूर के लिप्स मुझे इनवाइट कर रहे हैं चूसने के लिये…” और बोलते हुए मैंने अपने होंठ मीना चाची की बूर के होंठों से चिपका कर जीभ चूत में घूसेड़ दी।



मीना चाची बोलती रहीं कि, “डार्लिंग मैं अपनी चूत का पहला पानी तेरे लंड पर झाड़ना चाहती हूँ। मादरचोद बाद में चाट लियो मेरी बूर। अभी तो अपने गन्ने से मेरी चूत को चोद दे। जालिम कितना और तड़पायेगा अपनी मीना को।”



मैंने देखा की मीना चाची की चूत से उनका थोड़ा-थोड़ा मदन रस रिसना चालू हो गया था और अगर मैं ज्यादा उनकी चूत चूसता तो वो वहीं पर अपना सारा माल निकाल देतीं। मैंने उनकी चूत पर से मुँह हटा लिया और मीना चाची के ऊपर चढ़ कर उनकी मोटी-मोटी चूचियों पर अपने चूतड़ रखे और अपना लंड मीना चाची के सामने लहराते हुए बोला, “मेरी जान! जरा अपनी चूँची के निप्पल से मेरी गाँड मारो और मेरे लंड को अपने होंठों का प्यार दो। 


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

मीना चाची ने झट से मेरा लौड़ा अपने होंठों में ले लिया और दोनो हाथों से अपनी चूँची पकड़ कर कभी एक निप्पल तो कभी दूसरा निप्पल मेरी गाँड के छेद पर रगड़ने लगी और मैं धीरे-धीरे मीना चाची का मुँह चोद रहा था और बोला, “मेरी जान! आज तो लंड की पहली धार तुम्हारे मुँह में ही उतारूँगा। ज़रा तबियत से चूस। मेरी प्यारी जान… झड़ने के बाद तू लंड के खड़े होने की चिंता मत कर… आज तो जम के तेरे साथ सुहाग रात मनानी है। मैं तो आज पूरी रात चोदूँगा।”



फिर धीरे से मैंने अपने शॉट की स्पीड बढ़ा दी और हुमच-हुमच के मीना चाची के मुँह में लंड पेलने लगा। एक शॉट में पूरा जड़ तक उनके गले तक उतार देता और उसी क्षण खींच के बाहर निकाल लेता और इस से पहले कि चाची सम्भलें, दोबारा लंड उनके गले तक उतार देता। मीना चाची भी पीछे नहीं थी। वाकय में ऐसे चूस रही थी जैसे सदियों से लंड चूसने के लिये तरस रही हों। मैं पाँच मिनट तक उनके मुँह को ऐसे ही चोदता रहा और आखिर में अपना पूरा लंड उनके गले में फंसा कर बलबला कर झड़ गया। मीना चाची के गले में पूर लंड फंसा होने के कारण मेरी पूरी धार सीधी उनके गले में उतर रही थी और वोह हरामजादी चाची भी बिना नुकुर-पुकुर किये मेरा रस पी रही थीं।



पूरा रस निकलने के बाद जब मैंने अपना लंड उनके मुँह से निकालना चाहा तो उन्होंने मेरे चूत्तड़ पकड़ कर अपने मुँह पर दबा लिये और मेरे झड़े हुए लंड की दोबारा से चूसाई चालू कर दी। मैं तो इस नशीली चूसाई से पागल हो गया। झड़ कर दोबारा चुसवाने में जो मज़ा आ रहा था उसका वर्णन करना बड़ा मुश्किल है। मेरा साला लंड भी मादरचोद हो गया था। पाँच मिनट की चूसाई में ही साला फिर से तैयार हो गया था। मैंने कहा, “मीना आ जाओ… अब तुम्हारी चूत रानी बजाता हूँ!”



वोह थोड़ा सा लंड अपने मुँह से निकाल के बोली, “थोड़ा सा और ठहर डार्लिंग, अभी थोड़ा और चूस के लोहे की तरह बना दूँ, फिर जम के मेरी चूत बजाना!”



ये बोलकर उन्होंने मेरा पूरा लंड मुँह के बाहर निकाला और सिर्फ़ मेरे लंड के सुपाड़े को और मूतने वाले छेद को अपनी जीभ में लपेट-लपेट कर जो मज़ा देना चालू किया वो अभी तक का सबसे गुदगुदाने वाला मज़ा था। मैं मस्ती में आ के अपने चूत्तड़ों के नीचे दबी हुई उनकी मोटी-मोटी चूचियों को बड़ी बुरी तरह से मसलने लगा। करीब दो तीन मिनट ऐसे करने के बाद मेरा लंड वाकय में दोबारा फटने की कगार पे आ गया था। मीना चाची इसे भाँप चूकी थीं। इसी लिये उन्होंने जीभ फेरना बंद करा और बोली, “अब आजा डार्लिंग! अब मेरी चूत खोल दे इस लौड़े से!”



मैं मीना चाची के उपर से हट कर उनकी जाँघों के बीच आ गया और उन्होंने भी अपनी जाँघें पूरी खोल दीं थी और अपनी उंगली से अपनी चूत के लिप्स खोल दिये थे जिससे उनका रस में डूबा हुआ गुलाबी छेद दिख रहा था। मीना चाची बोलीं, “देख ले डार्लिंग! अपनी पूरी खोल के दे रही हूँ, बाद में मत कहना कि मीना चाची ने खोल के चुदवाई नहीं!”



मैंने आगे बढ़ कर अपने लंड का सुपाड़ा मीना चाची की चूत के खुले हुए लिप्स के बीच में रख दिया और हाथ से पकड़ कर आराम से उनके गुलाबी छेद पर अपना सुपाड़ा रगड़ने लगा और मीना चाची से पूछा कि “आज तुम्हारी चूत हलाल करूँ कि झटका चोदूँ?”



मीना चाची बोलीं, “हलाल तो बहुत हो चुकी डार्लिंग! आज तो झटका चुदाई कर दो और माँ चोद दो मेरी चूत की!”



मैंने घुटने के बल हो कर मीना चाची की दोनों टाँगें अपने कँधे पर रख कर उन्हें फैला दिया और अपनी गाँड का पूरा जोर लगा कर एक करारा सा झटका मारा जिससे मेरा पूरा साढ़े आठ इंच लम्बा लौड़ा मीना चाची की चूत में समा गया। मीना चाची क्षण भर के लिये तो चीखीं और फिर बड़बड़ाने लगीं, “मादरचोद! आखिर तूने मेरी चूत की माँ चोद ही डाली। अरे भोसड़ी वाले मैंने यह थोड़ी बोला था कि अपना पूरा गन्ना मेरी चूत में एक झटके से उतार देना। बहन के लौड़े! आज मुझे वाकय में लग रहा है के मेरी असली सुहाग रात तो आज है। इतना दर्द तो मुझे पहली सुहाग रात को भी नहीं हुआ था। डार्लिंग क्या लौड़ा दिया है! मेरी तो चूत आज वाकय में चूत बन गयी। डार्लिंग तूने आज मुझे धन्य कर दिया। मैं तो तेरी गुलाम हो गयी। मादरचोद! तू मेरा हसबैंड बन जा आज से। ले मेरी चूत चोद ले… जितनी चोदनी है!” 



मैं तो बस लगातार दनादन उनकी चूत में अपने लौड़े के धक्के दिये जा रहा था। जब भी मेरा धक्क लगता तो मेरी जाँघें मीना चाची के चूत्तड़ों और जाँघों से लग कर थप-थप की आवाज़ पैदा कर रही थीं। करीब आठ-दस मिनट के ज़ोरदार धक्कों के बाद मीना चाची ने किलकारी मारते हुए मेरे लंड पर अपना पानी फेंक दिया। मैंने भी मीना चाची की टाँगें अपने कँधों से उतार कर नीचे कर दीं और उन्हें चौड़ा कर के मीना चाची के ऊपर लेट कर कसके उनको अपनी बाहों में भर लिया और अपने होंठ उन के रसीले होंठों पर एक बार फिर से जमा कर उनकी जीभ को चूसने लगा। बड़े आराम से मैं अपने चूत्तड़ उछाल-उछाल के मीना चाची की चूत में अपना लौड़ा पेल रहा था। मेरी डार्लिंग चाची ने भी अपने दोनों हाथ कस कर मेरे चूत्तड़ों पर दबाय हुए थे और जब मैं अपना लंड बाहर खींचता तब वोह अपने दोनों हाथों से मेरे चूत्तड़ दबा देती जिससे कि जल्दी से फिर मेरा लंड उनकी चूत में समा जाये।


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

करीब पँद्रह-बीस मिनट तक ऐसे ही चुदाई करने के बाद मीना चाची बोली, “तुझे एक नया आसन बताती हूँ। उसमे मर्द का लंड औरत की चूत में पूरा अंदर तक जाता है!”



इतना कह कर मीना चाची ने मुझे अपने ऊपर से उतरने के लिये कहा और मेरे समने घुटने के बल एक कुत्तिया की तरह हो कर अपने चूत्तड़ मेरी तरफ कर दिये और बोली, “ले बहन के लौड़े! अब तू कुत्ता बन। मैं अपनी चूत उभार के देती हूँ और तू उसमें अपना मस्त गन्ना उतार और फिर कस-कस कर मेरे चूत्तड़ों पर धक्के मारते हुए तबला बजा!”



इतना कह कर चाची ने अपनी गाँड उपर की और उठा दी और चूचियों को बिस्तर पर टिका दिया और अपना पेट नीचे करके अपनी जाँघों के बीच में से मुस्कुराती हुई चूत खोल दी। मीना चाची के चूत्तड़ चौड़े होने के कारण उनका मस्त भूरे रंग का गाँड का छेद दिख रहा था जिसको देख कर अन्दाज़ा हो रहा था कि मीना चाची ने अभी तक गुदा-संभोग का लुत्फ नहीं उठाया है। दोस्तों इस समय वो नज़ारा दिख रहा था कि मैं अपने आप को रोकने में नाकाम था। मैने मीना चाची की रिस रही बूर में लंड थोड़ा सा घिसा और धक्का मार कर पूरा लंड उनकी चूत में झटके से उतार दिया। वाह क्या मज़ा आया! जैसे ही मैंने अपनी जाँघों से मीना चाची के फूली हुई चूत्तड़ों पर जम के धका दिया तो मक्खन की तरह मेरा लंड मीना चाची की उभरी हुई चूत में घुसा और मेरे धक्के के दबाव से मीना चाची के चूत्तड़ स्पंज की तरह दब कर फैल गये और फैल कर और चौड़े हो गये और बाद में स्पंज की ही तरह फिर से फूल कर अपनी शेप में आ गये जिससे मुझे मीना चाची के चूत्तड़ों का धक्का महसूस हुआ। मुझे इस आसन में मीना चाची की चूत लेने में बहुत मज़ा आ रहा था और मैं और जोश के साथ चूत बजाने लगा। जोश में आकर मैंने अपनी एक उँगली अपने थूक से गीली की और इससे पहले कि वोह कुछ समझ पातीं, मैंने अपनी उँगली मीना चाची की गाँड में घुसा दी।



वो एक दम चिहुँक उठी और बड़-बड़ाई, “क्या कर रहा है मादरचोद! मेरी चूत तो अपने लंड से भर दी अब क्या मेरी गाँड अपनी उँगली से भरेगा क्या? आज पहली बार किसी मर्द ने मेरी गाँड का छेद छेड़ा है। चल थोड़ा मेरी गाँड में अपनी उँगली चला दे!”



वाकय में बहुत ही टाइट गाँड का छेद था। उँगली गीली होने के बावजूद बड़ी कसी-कसी उनकी गाँड में घुस रही थी। करीब आठ-दस मिनट तक कुत्ता चुदाई में मीना चाची दो बार अपनी चूत का पानी निकाल चूकी थी और मेरे हर शॉट का जम कर जवाब अपने चूत्तड़ों के धक्के से दे रही थी और बड़-बड़ाते हुए कह रही थी की, “मेरे जानू आज तो ज़िंदगी का असली मज़ा आ गया। बहन के लौड़े जब तेरा मूसल जैसा लंड पूरा मेरे अंदर घुस कर मेरी बच्चेदानी पर लगता है तो मैं तो बस गनगना जाती हूँ। बहनचोद! तू मेरा हसबैंड क्यों नहीं बना? तुझसे तो इतना चुदवाती कि तू हमेशा मस्त रहता। मादरचोद तेरे से चुदवाकर मेरी चूत को पसीना आ जाता है। तेरी तो जिस से शादी होगी उसकी तो सुहाग रात वाले दिन माँ चुद जायेगी। ज़िन्दगी भर चोदना भूल जायेगी। चोद मेरे लंड, चोद, बहनचोद!”



मीना चाची बड़बड़ाती रही और मैंने अपने धक्के चलू रखे। कुछ देर बाद मेरे लंड का पानी बहुत उबाल खा चुका था और मीना चाची की मस्त चूत में अपनी मस्ती निकालने के लिये बेकरार था। मैंने मीना चाची को कहा कि “रानी अब तुम सीधी हो, मैं तुम्हारी चूचियों पर पसर कर तुम्हारा मुँह चूसते हुए झड़ना चाहता हूँ!”



मीना चाची मेरा लंड निकाल के फोरन सीधी हो गयी और मैंने भी बिना वक्त गवाये अपना लंड पूरा चूत में घुसेड़ कर उनके ऊपर लेट गया और मीना चाची कि दोनों चूचियाँ अपने हाथों में पकड़ कर अपने होंठ उनके रसीले होंठों पर रख कर और चूसते हुए दनादन उनकी चूत में शॉट लगाये और जब मेरा लंड झड़ा, उस समय तो मैंने इतनी जोर की शॉट मारा कि मीना चाची ने भी दर्द के मारे अपनी गाँड एक फुट हवा में उछाल दी, जैसे कह रही हो ले मादरचोद! भर मेरी चूत को! मीना चाची ने मेरा पूरा माल अपनी चूत में सोख लिया और कसके मुझे अपने बदन से चिपका लिया और बुरी तरह मेरा मुँह चूसने लगी। मुझे तो इस चुदाई में सुबह से ज्यादा मज़ा आया था और इतनी देर चोदने के बाद मीना चाची के गुदाज़ बदन पर लेटना बहुत ही अच्छा लग रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने उनकी चूत से अपना लंड निकाला तो मीना चाची टपाक से उठ बैठीं और मेरा लंड चूसने लगी और अच्छी तरह से चूस कर पूरा लंड साफ कर दिया।



मीना चाची ने आगे बढ़कर दो सिगरेट जलाईं और बोली, “सुनील डार्लिंग! आज से तू सिर्फ मेरा हसबैंड है। तेरा चाचा तो बस नाम का मेरा हसबैंड है। मैं सिर्फ तेरी गुलाम बन कर रहुँगी। तूने मुझे जीवन का वो सुख दिया है जिसके लिये मैं पिछले इक्कीस साल से तरसी हूँ। बस मुझे दिन में एक बार जरूर चोद दिया कर। देख मेरी चूत अभी तक तेरे धक्कों से हिली हुई है। आज मुझे मालूम पड़ा असली मर्द क्या होता है। डार्लिंग देख तो सही मैं तेरे लंड से किस-किस को खुश करवाती हूँ!” 



मैंने भी सोचा मीना चाची इस समय चुदवा कर पूरी तरह मस्त है, क्यों ना अपने दिल की बात कह दूँ। मैंने बड़े प्यार से मीना चाची का चेहरा अपने हाथ से अपनी तरफ घुमाया और हिम्मत करके बोल डाला कि “मीना देखो आज के बाद तुम हमेशा मेरी रहोगी। मैं हर रोज़ तुम्हारी चूत की ऐसी चुदाई करूँगा कि तुम्हें रात में चाचा से चुदवाने कि इच्छा ही नहीं होगी पर तुम मेरा एक काम करवा दो डार्लिंग! ज़िंदगी भर तुम्हारा गुलाम बन कर रहूँगा!”



मीना चाची बोलीं, “बोल शरमाता क्यों है? अब तो मैं तेरी पत्नी हो गयी, अब तो तू दिल खोल के बोल जो भी बोलना है। अगर तू मेरी गाँड मारना चाहता है तो डार्लिंग मैं उसके लिये भी तैयार हूँ। अपने इस प्यारे लवर को नहीं दूँगी तो और किस को दूँगी। अगर कुँवारी चूत ना दे सकी तो क्या, अपनी कुँवारी गाँड तो दे ही सकती हूँ!”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

मैंने कहा, “नहीं मीना बात असल में ये है कि कल मैं तुम्हारी चुदाई देखने के बाद अँजाने में ही सोनिया दीदी के कमरे में चला गया था और वहाँ पर उनके बदन को मैंने खूब चूसा और चाटा था और बाद में उनकी गाँड खूब सूँघी और चाटी थी। मीना! जो उनकी ताज़ी चूत की खुशबू आ रही थी वो मैं बता नहीं सकता। मैं सोनिया दीदी के साथ चुदाई करना चाहता हूँ!”



मीना चाची थोड़ी सी संजिदा हो गयी और बोली, “सुनील तू क्या कह रहा है? तू एक माँ से उसकी बेटी चुदवाने के लिये कह रहा है। मुझे मालूम है कि वोह इतनी सुंदर दिखती है कि कॉलोनी के कईं लड़के उसकी तरफ ऐसे देखते है जैसे वहीं सड़क पर लिटा कर चोद डालेंगे!”



मैंने कहा, “चाची तुम ही ने तो कहा था कि अगर तुम्हें मालूम होता कि तुम्हारी शादी ऐसे गाँडू से होगी तो तुम शादी से पहले जम कर चुदवाती। क्या मालूम सोनिया दीदी को भी तुम्हारी तरह इस आग में ना जलना पड़े। घर की बात है… घर में ही रहेगी और अगर सोनिया दीदी से मेरे शारिरिक संबंध बन जाते है तो हम तीनों दिन भर चुदाई का मज़ा उठा सकते है। घर की बात घर में ही रहेगी और किसी को मालूम भी नहीं पड़ेगा। चाचा तो सुबह आफिस चले जाते हैं और रात को नौ-दस बजे आते हैं और एक बार सोनिया दीदी ने मुझ से चुदवा लिया तो वोह भी ठंडी रहेगी क्योंकि उनकी चूत में भी कीड़े रेंगने तो चालू हो ही गये होंगे, तो क्या पता किससे जा कर चुदवा ले!”



मीना चाची मेरे होंठों को प्यार से चूमते हुए बोली, “सुनील तूने बात तो बहुत सही कही है और मैं नहीं चाहती कि सोनिया भी मेरी तरह इसी आग में जले। चल तू चिंता मत कर उसे वापस आने दे। मैं मौका देख कर उसे तैयार कर लुँगी!” 



बातें करते और सिगरेट पीते हुए काफी देर हो चुकी थी और इस दौरान मीना चाची बारबार अपने हाथ से मेरा लंड रगड़ते हुए अपनी चूचियाँ मेरे ऊपर घिस रही थीं और सोनिया की चूत मिलने की खबर से मेरा लंड फिर से तन कर मैदान में आ गया था। मीना चाची ने तो सोचा भी नहीं था कि इतनी जल्दी मेरा लंड फिर से तैयार हो जायेगा। इस बार मीना चाची ने कहा कि वोह अपने तरीके से मुझे चोदेंगी, और आराम से एक सिगरेट जला कर मुझे नीचे लिटा कर अपनी दोनो टाँगें चौड़ी कर के मेरे लंड के उपर खड़ी हो गयीं और धीरे-धीरे अपने घुटनों के बल बैठने लगीं। जब उनकी चूत मेरे लंड तक पहुँची तब उन्होंने एक हाथ बड़ा कर मेरा लंड पकड़ा और चूत के मुँहाने पर घिसने लगी, और थोड़ी देर घिसने के बाद गपाक से अपनी जाँघें चौड़ी कर के मेरे लंड पर बैठ गयीं और उछल-उछल कर मुझे चोदने लगीं। मुझे तो इस आसन में बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने लेटे हुए अपने हाथ आगे बढ़ा कर उनके फूले हुए मस्त गुबारे जो मदमस्त हो कर झूल रहे थे, पकड़ कर मसलने चलू कर दिये। मीना चाची ने मुझे करीब आधा घँटा तक इस आसन में चोदा और खूब अपनी चूत का पानी निकाला। लेखक सुनिल जैन हैं।



हमने उस रात दो बार और संभोग करा और पस्त हो कर एक दूसरे की बाहों में सो गये। हफ़्ते भर तक, जब तक सोनिया वापस नहीं आयी हम लोग दिन भर नंगे पड़े रहते थे और एक दूसरे को जी भर के भोगते थे। इस दौरान मीना चाची ने मुझे कई नये आसन और चोदने के तरीके बताय। हमने ब्लू फ़िल्म भी देखी और उसमें देख-देख कर हम भी उनकी नकल करते हुए एक दूसरे को चोदते थे। सोनिया के वापस आने के एक दिन पहले मीना चाची को अपने भाई के घर जाना पड़ा।



जाने से पहले मुझे समझा के गयीं कि “देख कल सुबह सोनिया आ जायेगी और मैं परसों से पहले नहीं आ पाऊँगी। अपने मस्ताने पर काबू रखना और यह मत सोचना कि मैंने सोनिया को चोदने कि इजाज़त दे दी है तो तू उसे अकेले में पा कर चोद लेगा। मैं बड़े तरीके से उसे समझा कर तेरे साथ चुदवाऊँगी। डार्लिंग मज़ा चुदाई में तब आता है जब मर्द और औरत मिल के संभोग करें!”



इतना समझा कर मीना चाची चली गयीं। अगले दिन सुबह ही सोनिया को आना था। मैं ड्राइवर के साथ कार में उसे कॉलेज से दस बजे जाकर ले आया। अबकी बार सोनिया को देखने का मेरा नज़रिया ही कुछ और था। मैं रास्ते भर उसे अपनी आँखों से नंगा करता रहा, और सोनिया मुझे अपनी ट्रिप के बारे में बताती जा रही थी। उसे क्या मालूम था कि उसकी माँ और मेरे बीच में क्या संबंध बन चूके थे जिस के कारण मुझे उसके बदन की कुँवारी नशीली शराब पीने को मिलने वाली थी।



घर आ कर सोनिया बोली, “सुनील मैं तो नहा धो कर एक कोक पीयूँगी और सोऊँगी। मैं इतने नहा कर आती हूँ, तुम मेरे लिये एक गिलास में कोक और बर्फ निकाल दो!”



मैंने कहा, “कोई बात नहीं दीदी आराम से नहा लो!”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

मेरे दिमाग में तो सिर्फ़ सोनिया को चोदने का नज़ारा घूम रहा था। एका एक मुझे एक आइडिया सुझा जो मैंने एक किताब में पढ़ा था। सोचा क्यों ना ट्राई मार के देखूँ। यही सोच के मैं चुप-चाप मीना चाची के कमरे में गया और नींद की चार-पाँच टेबलेट ला कर सोनिया की कोक में मिला दी। मुझे मीना चाची ने कल ही बताया था कि जब कईं बार वोह रात को चुदाई के लिये बहुत परेशान हो जाती थीं और सो नहीं पाती थीं तो वोह नींद की गोली लेकर सो जाती थीं। इतने में सोनिया भी नहा-धो कर बाहर आ गयी थी। मुझे आज तक पता नहीं चल पाया है कि लड़कियाँ और औरतें, बहन की लौड़ियाँ इतने सैक्सी कपड़े क्यों पहनती हैं कि जिससे मर्द बे-काबू हो जाये। क्या हर औरत मन ही मन यह चाहती है कि कोई उसे चोदे? सोनिया ने भी ऐसी नाइटी पहनी हुई थी जो फ़्रंट ओपेन थी और जिस से सिर्फ उसके चूत्तड़ और आधी जाँघें छिप रही थी और स्लीवलेस होने के कारण उसकी साफ चिकनी बगलें दिख रही थीं।



नाइटी का कपड़ा इतना मोटा नहीं था, जिसके कारण उसकी छाती पर उठ रही नोकों से मालूम पड़ रहा था कि उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी, और जब वोह चौंकड़ी मार कर मेरे सामने पलंग पर बैठी तो मेरा तो बुरा हाल हो गया। उसकी चिकनी जाँघें और पैंटी में कसे हुए उसके चूत्तड़ और चूत की मछलियों को देख कर मेरा लंड तन गया। मैंने बड़ी मुश्किल से अपने ऊपर चद्दर डाल कर खुद को शरमिन्दा होने से बचाया। कोक पीते समय सोनिया ने बताया कि अबकी बार उसे ट्रिप में बहुत मज़ा आया और उसने अपनी सहेलियों के साथ खूब मस्ती करी। थोड़ी देर में वोह बोली, “सुनील मुझे बहुत जोर से नींद आ रही है, मैं तो अपने कमरे में सोने जा रही हूँ!”



मैंने करीब आधा घंटा वेट करा और अपने कमरे में बिस्तर पर लेट कर अपने लंड को मीना चाची के हाई हील के सैंडल से सहलाता रहा। उसके बाद मैं उठा और सोनिया के कमरे कि तरफ गया। सोनिया ए.सी. चला के आराम से दरवाज़ा बंद करके सो रही थी। मैंने चुप-चाप दरवाज़ा खोला और कमरे में घुस गया। सोनिया बड़े आराम से बिस्तर पे पीठ के बल सो रही थी और उसकी नाइटी जो पहले से ही छोटी थी, और उठ कर उसकी नाभी तक चढ़ गयी थी, जिससे कमर के नीचे का सब कुछ दिख रहा था। उसकी पैंटी में छुपी हुई चूत के उभार साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। मेरा तो मादरचोद लंड साला हरामी ये देख कर ही खड़ा हो गया।



मैंने सोनिया के पास जा कर उसके कँधे पकड़ कर थोड़ा जोर से हिलाया और बोला, “दीदी देखो आपकी सहेली का फोन आया है!”



सोनिया को कुछ फरक नहीं पड़ा। वोह तो बस बे-खबर हो कर सोती रही। मैंने फिर भी अपने को पक्का करने के लिये फिर से उसे जोर से आवाज़ दी और हिलाया पर उसको नींद की गोली के कारण कोई असर नहीं हुआ। मैंने सबसे पहले अपने कपड़े उतारे और पूरा नंगा हो कर सोनिया की नाइटी के आगे के बटन खोलने लगा और एक-एक करके सारे बटन खोल दिये। दोस्तों, उस समय मेरे हाथ काँप रहे थे क्योंकि आज मैं इतनी हिम्मत करके सोनिया का गोरा दूधिया बदन देखने जा रहा था जिसकी पैंटी और ब्रा सूंघ-सूंघ कर खूब मुठ मारा करता था। सोनिया एक दम दूध की तरह गोरी थी और आज से पहले मैं बहुत तड़पा था उसका नंगा बदन देखने के लिये।



नाइटी के सारे बटन खुलते ही उसके मस्त खिलौने नंगे हो गये और मैंने देखा कि सोनिया के निप्पल भूरे नहीं बल्कि पिंक से थे। सोनिया अब सिर्फ मेरे समने एक पैंटी में लेट कर बे-खबर सो रही थी। मैंने झुक के अपने होंठ खोल के सोनिया के गुलाबी निप्पल अपने होंठों में दबा लिये और उसकी जवान, अभी तक अनछूई मस्त बत्तीस साईज़ की चूँची अपने हाथ में भर ली। मीना चाची की बड़ी-बड़ी गदरायी हुई चूचियों को दबाने के बाद जब मैंने सोनिया की चूचियाँ दबाईं, तब मालूम पड़ा कि साली लौंडिया कि चूँची क्या चीज़ होती है। ऐसा लग रहा था जैसे किसी सख्त अनार को पकड़ लिया हो। दूसरा हाथ मैंने सोनिया की पैंटी में डाल दिया और उसकी बूर को अपने हाथों से फील करने लगा। सोनिया की चूत पर मेरा हाथ टच होते ही मैं तो ऐसा गनगनाया कि मैंने सोनिया के मस्त कच्चे अनार छोड़ कर दोनों हाथों से उसकी पैंटी उतारने लगा।



माँ कसम दोस्तों! क्या साली कुँवारी चूत थी मेरी आँखों के सामने। झूठ नहीं बोलूँगा, इच्छा तो यह करी कि उसकी टाँगें खोल के अपना लौड़ा सरका दूँ उसकी कसी चूत में, पर मीना चाची की इन्सट्रक्शन याद आ गयी। सोनिया की चूत कुँवारी होने के कारण उसकी बूर के लिप्स अभी तक खुले नहीं थे, बल्कि बड़े कायदे से एक लाईन में थे और उसके उसने भी मीना चाची की तरह अपनी चूत से झाँटें साफ कर रखी थीं। मेरा तो लौड़ा बुरी तरह से अकड़ गया था। मैं भी बिना समय गँवाये मौके का पूरा लाभ उठाना चाहता था और मैं पूरा नंगा सोनिया के ऊपर चढ़ गया। मेरा लंड एकदम सोनिया की चिकनी मखमली चूत पर लग गया था। मैंने मारे मस्ती के सोनिया के पूरे नंगे बदन को अपनी बाहों में कस कर भर लिया और उसके नरम रस भरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और तबियत से उन्हें चूसने लगा। सोनिया की चूचियाँ इतनी सख्त थीं कि मेरी छाती में उसके निप्पल चुभ रहे थे और वो कसे हुए अनार जो मेरे सीने से लग कर थोड़े से दब गये थे, बहुत ही प्यारा सुख दे रहे थे। मेरा बदन तो मारे मस्ती के काँप रहा था, और मैंने अपने आप को थोड़ा सम्भालने के लिये एक सिगरेट जलाई और उसके ऊपर अपना लंड घिसने लगा।


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

शुरू में तो मेरी यह हालत थी कि बस अभी रस निकला, पर बड़ा कँट्रोल करने के बाद मैं अब बड़े आराम से उसकी चिकनी मखमली चूत पर अपना लंड घिस रहा था। दोस्तों! इतना मज़ा आ रहा था कि कलपना करना भी मुशकिल है। सिगरेट खतम होने के बाद मैंने अपने मुँह में उसकी चूँची भर ली और जोर-जोर से चूसना चालू कर दिया। चूचियों का टेस्ट इतना नशीला था कि इतनी देर से रोका हुआ मेरे लंड का लावा पूरा सोनिया के पेट पर निकल गया और मैं भी परवाह किये बिना सोनिया कि तन्नाई हुई चूचियाँ चुसने में लगा रहा। दोस्तों! मैंने किताबों में सिर्फ पढ़ा था कि जवान चूँची चूसने से लंड तन्ना जाता है पर मैंने तो उस समय खुद अनुभव किया कि मादरचोद मुश्किल से तीन या चार मिनट में फिर से गन्ना बन गया। मैंने उठ कर कपड़े से सोनिया का पेट साफ करा और एक हाथ से अपना लंड पकड़ कर सोनिया के होंठों पर घिसने लगा। क्या सनसनाहट हो रही थी कि मेरा लंड और कस गया।



करीब पाँच-दस मिनट बाद मैंने सोनिया कि टाँगें खोलीं और उसकी जाँघों को चूसता हुआ अपनी जीभ उसकी कुँवारी बूर पर ले गया। मैंने भी अपनी जीभ की धार सोनिया के बूर की दरार पर खूब घीसी। बाद में जब मस्ती बढ़ गयी तब मैंने अपने होंठ पूरे चौड़े किये और सोनिया की मस्तानी चूत अपने मुँह में भर ली और चूसाई चालू कर दी। क्या मादक सुगँध आ रही थी। मैं तो जन्नत में था। करीब आधा घंटा बूर का मज़ा अपनी ज़ुबां से लूटने के बाद मैं उसकी खुली टाँगों के बीच बैठ गया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़ कर दूसरे हाथ से अपना सुपाड़ा सोनिया की चूत के लिप्स खोल कर घिसने लगा। थोड़ी ही देर में लौड़ा इतना उबाल खा गया कि इससे पहले मैं रोक पाता सोनिया के खुले लिप्स के उपर ही मेरा लंड झड़ गया। मैंने करीब दो घँटे सोनिया के शरीर के साथ जी भर के खेला, और बाद में फिर से उसे पैंटी पहना कर और नाइटी ढँग से बंद कर के मैं बाहर आ गया और टी.वी. देखने लग गया।



सोनिया करीब शाम को पाँच बजे उठी और उन ही कपड़ों में मेरे पास आ कर बैठ गयी और बोली “सुनील शरीर बहुत दुख रहा है!”



मैने कहा, “कोई नहीं दीदी थोड़ा सा सुस्ता लो अभी आप ट्रिप से आयी हो इसके लिये थकान ज्यादा हो गयी है!”



सोनिया वहीं पर मेरी जाँघों का सहारा ले कर लेट गयी और सुस्ताने लगी। थोड़ी देर बाद वो उठी और फ़्रैश होने के लिये चली गयी। शाम के साढ़े सात बज चुके थे। मैं मीना चाची के कमरे से व्हिस्की की बोत्तल ले आया और अपने लिये एक पैग बनाया और टी. वी. देखने लगा। इतने में सोनिया बाहर आयी और मुझे व्हिस्की पीते देख बोली, “सुनील तुम कब से पीने लग गये, मैं पापा-मम्मी से तुम्हारी शिकायत कर दूँगी।”



मैंने कहा, “सोनिया दीदी आपकी मम्मी को मालूम है। मैं कभी-कभी उनके साथ छुप कर पी लेता हूँ।” मैंने सोनिया को नहीं बताया कि उसकी मम्मी ने ही मुझे हफ़ते भर पहले पीना सिखाया है। और मेरी प्यारी दीदी आप क्या मेरी शिकायत करोगी!



“सच में? रियली…?” तब सोनिया बड़े ही शरारती मूड में मुझसे बोली, “एक शर्त है! तुम्हें मुझे भी टेस्ट करानी पड़ेगी।”



मुझे तो जैसे मन माँगी मुराद मिल गयी। मैंने कहा “चलो आप बैठो। मैं आपके लिये एक पैग बना कर लाता हूँ।”



मैंने अंदर जा कर तीन पैग के बराबर एक पैग बनाया और बाहर आ कर सोनिया को दे दिया। सोनिया एक दम मेरे बगल में बैठी और पहला घूँट उसने ऐसे पीया जैसे कोई कोका कोला हो। पूरा आधा ग्लास एक झटके में पी गयी। फिर बोली, “क्या सुनील यह तो बहुत स्ट्राँग है!”



मैंने कहा, “कोई नहीं, आराम से एक-एक घूँट भर के पियो… तब आपको मज़ा आयेगा!”



टी.वी. पर रोमाँटिक फिल्म चल रही थी। मैं मीना चाची के रूम से जा कर सिगरेट ले कर आ गया। सोनिया पर अब खुमारी चढ़नी चालू हो गयी थी। मैंने जब अपने लिये एक सिगरेट जलाई तो वो बोली, “सुनील ये तुम्हें को क्या हो गया है, पहले शराब, फिर सिगरेट!”



मैंने कहा, “सोनिया दीदी शराब का मज़ा दुगना हो जाता है स्मोक करने से!”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

उसने मेरे हाथों से सिगरेट छीन कर एक जोरदार कश लगाया। पहली बार पीने के कारण उसको खाँसी लग गयी। मैं एकदम घबरा उठा और उसकी पीठ सहलाने लगा और पेट के ऊपर हाथ ले जा कर उसे पीछे आराम से सोफे पर बैठाने की कोशिश करने लगा। नाइटी का कपड़ा चिकना होने के कारण मेरे हाथ फिसल गये और उसकी पूरी लैफ्ट साइड की चूँची मेरे हाथ में आ गयी। सोनिया ने उसका कुछ बूरा नहीं माना और मैं भी उसकी चूँची दबाये हुए सोफे पर पीछे खींच लाया और बोला, “सोनिया दीदी! ऐसे थोड़ी पी जाती है! देखो मैं बताता हूँ कि कश लिया जाता है!”



सोनिया शायद खाँसी से थोड़ा घबरा गयी थी। इस कारण वो मेरी बाहों का सहारा ले कर मेरे आगोश में बैठ गयी। पहले तो मैंने उसे उसका पैग दिया और बोला, “लो एक घूँट लगा लो, थोड़ा सा आराम मिलेगा और फिर एक कश लगाओ।”



दो-तीन बार कश लगाने के बाद सोनिया को मज़ा आने लगा और बोली, “सुनील मुझे एक पैग और दो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है!”



मैंने फिर से पहले जैसा पैग बना कर सोनिया को दे दिया। अब वो पैग और सिगरेट तो ऐसे पी रही थी जैसे कब से उसकी आदत हो और अब वो थोड़ा मस्ती में भी आ गयी थी। अचानक उसने मुझसे पूछा, “सुनील! ये लंड क्या कॉक… आय मीन… पेनिस किसको कहते है?”



मैं तो सोनिया के मुँह से लंड सुन कर हक्का बक्का रह गया। मैंने कहा, “आप ये मुझसे क्यों पूछ रही हो?”



सोनिया बोली, “इसलिये पूछ रही हूँ कि मुझे हिंदी के वर्ड नहीं पता बस कॉक दिक पेनिस वगैरह ही पता है! मैंने पहले कभी इन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मेरी सहेली संजीदा ने मुझे बताया है कि अपनी पुस्सी में कॉक लेने में बड़ा मज़ा आता है। वो अपनी पुस्सी में अपने नौकर का कॉक खूब लेती है। उसका नौकर इसे लंड बोलता है! बताओ ना सुनील ये पेनिस को ही लंड कहते हैं ना? तुम्हारे पास भी तो होगा, मैं देखना चाहती हूँ!”



मुझे सोनिया के इस बात पर हँसी आ गयी। सोनिया काफी पढ़ाकू लडकी थी और हमेशा फर्स्ट आती थी। मैंने कहा, “आप सहेलियाँ आपस में ऐसे बातें करती हो…?”



तो वो एकदम बोली, “सुनील तुम भी एक दम अनाड़ी हो। मैंने बताया तो था सुबह कि अब की बार ट्रिप पर बहुत मज़ा आया। अबकी पहली बार हम सब ने इस तरह की बातें करी और पता है सुनील? हम चारों को एक रूम मिला था और संजीदा इतनी बदमाश है… उसी ने हम सबको यह सिखाया है। वो ही रात को हमारे सारे कपड़े उतार देती और फिर कहती थी कि एक-एक करके उसके ऊपर अपना बदन घिसो। मैं सारी सहेलियों में सबसे सुंदर हूँ तो उसने मुझे अपने नीचे लिटा लिया और बोली- सोनिया तुझे तो नंगा देख कर ही किसी का भी लंड झड़ जायेगा, अब तू चुपचाप पड़ी रह और उसने मेरी पुस्सी पर अपना मुँह लगा दिया और अपनी जीभ से चाटने लगी। सुनील बहुत मज़ा आया था। सबसे सुंदर होने के कारण रोज़ तीनों मिल कर मेरे ऊपर चढ़ती थीं और मुझे चूसती थीं। आज मैं जब से सो कर उठी हूँ मेरे पूरे बदन में फिर से वैसी ही बेचैनी हो रही है जो मुझे तब होती थी जब मेरी सहेलियाँ मेरे साथ अपना बदन घिसती थीं।”



मैंने भी सोचा कि मौका अच्छा है और सोनिया को बोला कि, “मैं आपको अपना लंड दिखाऊँगा तो मुझे क्या मिलेगा?”



सोनिया फट से बोल पड़ी, “जो तुम लेना चाहो।”



मैने कहा, “जो मैं बोलूँगा आपको मेरी बात माननी पड़ेगी और जैसे-जैसे मैं कहूँ वैसे ही आपको करना पड़ेगा। बोलो तैयार हो तो मैं अपना लंड दिखाऊँ।”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

सोनिया तो एकदम उतावली हो रही थी। मैंने उसे अपने सामने खड़ा करा और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिये और अपने दोनों हाथ उसकी पैंटी में डाल कर उसके मस्त चूत्तड़ों को दबाने लगा। सोनिया ने भी अपना मुँह खोल दिया था और मैं बड़े आराम से उसकी जीभ चूसने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने अपने हाथ उसकी पैंटी पर से हटाये और उसकी नाइटी खोल दी और उसको सिर्फ पैंटी पहने रहने दिया। मैंने भी उसको छोड़ के अपने बदन पर अंडरवीयर के अलावा सारे कपड़े उतार दिये। सोनिया को शराब के नशे में होश भी नहीं था कि मैं उसको नंगा कर चुका हूँ। बाद में मैंने उसकी पैंटी उतार दी और उसकी दरार पर अपना हाथ फेरने लगा। जैसे ही मैंने उसकी दरार पर हाथ फेरा तो सोनिया का थोड़ा सा नशा टूटा और वोह बोली, “क्या सुनील तुमने मुझे तो नंगा कर दिया पर अभी तक अपना लंड नहीं दिखाया। यह बात गलत है!”



मैंने जल्दी से अपना अंडरवीयर उतारा और अपना मोटा तगड़ा तंदुरूस्त लंड उसके हाथों में दे दिया। सोनिया को तो मानो लकवा मार गया। वो बोली, “सुनील यह इतना सख्त बड़ा और मोटा कैसे हो गया!” 



तब मैंने सोनिया को बड़े प्यार से अपनी जाँघों पर बिठाया और उसकी पुश्त चूचियों को अपने हाथों में भर कर बोला, “मेरी प्यारी दीदी! य़े तो आपको नंगा देख कर इतना बड़ा हो गया है! आपको पता है पुस्सी में को चूत कहते हैं और चूत में जब लंड जाता है तो उसे चुदाई कहते हैं! मर्दों को जब चूत नहीं मिलती और बहुत जोश में होते हैं तो वो अपने हाथ से अपने लंड को कसकर पकड़ लेते हुए आगे-पीछे करते हैं, जिसे मुठ मारना कहते हैं। इस तरह औरते भी जब मस्ती में होती हैं तो वोह अपनी जाँघें चौड़ी करके अपनी उँगली पर थूक लगा कर अपनी चूत के दाने को खूब मसल-मसल के अपनी आग ठंडी करती हैं। कईं औरतें अपनी चूत में गाजर, केला य बैंगन डाल कर अपनी प्यास बुझाती हैं!”



सोनिया हंसते हुए बोली, “सुनील मैं बच्ची नहीं हूँ तुमसे दो साल बड़ी हूँ और सैक्स, फकिंग और मैस्टरबेशन के बारे में जानती हूँ… बस ये हिंदी के वर्ड्स मेरे लिये नये हैं… मैं खुद भी कईं बार मैस्टरबेट करती हूँ… मेरा पूछने का मतलब ये था कि इतना बड़ा और मोटा लंड इतनी छोटी इतनी छोटी कंट... ऑय मीन चूत... ऑय मीन चूत में कैसे जायेगा। संजीदा तो कह रही थी कि लंड सिर्फ़ पाँच-छे इंच लम्बा होता है और करीब एक डेढ़ इंच मोटा होता है!”



मैंने कहा, “आप अभी यह मत सोचो, समय आने पर आप बड़े प्यार से अपने अंदर ले लोगी, और तरसोगी कि और मिल जाये। पर अभी आप वक्त मत खराब करो। अभी आप इसे लॉलीपॉप की तरह अपने मुँह में लेकर चूसो और जब तक मेरा जूस नहीं निकल जाता, आप इसे चूसती रहना और मेरा पूरा जूस पी जाना और मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दो। मैं भी आपकी कुँवारी चूत का पानी पीना चाहता हूँ।”



सोनिया को मुँह में लेने में थोड़ी सी तकलीफ हुई क्योंकि मेरा लंड मोटा था और अभी उसका मुँह छोटा था पर धीरे-धीरे सरकाने पर वो बड़े आराम से अपना मुँह ऊपर नीचे करते हुए चूसने लगी। मैंने भी सोनिया के दोनों चूत्तड़ अपने हाथों में ले लिये और उनको मसलते हुए उसकी ताज़ी जवान खुशबूदार चूत पर अपने होंठ चिपका दिये और सोनिया की तरह मैं भी उसकी चूत तबियत से चूसने लगा। करीब आधा घँटा एक दूसरे की चूसाई के बाद मेरा लंड अपनी धार उसके ताजे मुँह में देने को तैयार था और इधर सोनिया का भी मस्ती के मारे बुरा हाल था। वो अब आगे-पीछे होते हुए मेरे मुँह पर अपनी बूर जोर से घिस रही थी। मैंने उसका सिर अपने हाथ ले जा कर लंड पर दबा दिया और पिचकारी छोड़ दी। सोनिया ने भी लंड बाहर नहीं निकाला और मेरा पूरा जूस पी गयी। मैंने भी अपनी जीभ की स्पीड और बूर की चूसाई तेज़ कर दी और तभी सोनिया ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाला और जोर से किलकारी मारते हुए मेरे मुँह में अपना जूस निकाल दिया। हम दोनों थोड़ी देर इस अवस्था में पढ़े रहे और फिर बाद में नंगे ही एक दूसरे की बाहों में सोफे पर बैठ गये और स्मोक करने लगे।



मैंने बड़े प्यार से सोनिया का चेहरा उठा कर पूछा, “कैसा लगा अपने छोटे भाई का लंड और चूसाई? मज़ा आया कि नहीं?”



वोह शरमाते हुए बोली, “सुनील तुम बड़े बदमाश हो, पर सच में इतना आनंद तो मैंने आज तक महसूस ही नहीं किया। संजीदा और बाकी सहेलियाँ भी जब चूसती थीं और अपना बदन घिसती थीं तब भी इतना मज़ा नहीं आता था। सुनील मैं तो अब रोज़ चूसूँगी और अपनी तुमसे चुसवाऊँगी!”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

मैंने भी अंजान बनते हुए कहा, “क्या सोनिया दीदी?”



तो वो बोली, “धत्त सुनील! तुम्हारा लंड और अपनी चूत!”



सोनिया मेरे आगोश में लेट कर बड़े ही प्यार से मेरे लंड से खेल रही थी जो अब फिर से खड़ा हो गया था। सोनिया बोली, “सुनील तुम मेरी चूत में नहीं डालोगे क्या...? मेरी बहुत इच्छा हो रही है कि लेकर तो देखूँ कैसा लगता है। साली कुत्तिया संजीदा अपनी चूत के पपौटे दिखा-दिखा कर बहुत चिढ़ाती थी औ कहती थी कि देखो चुदा कर मेरी चूत तुम सबसे सुंदर है। अब मैं भी उसे चिढ़ाऊँगी कि देख साली रन्डी... तू तो सिर्फ पाँच-छः इंच वाले से चूदाती है। मैं तो अपने कज़न सुनील का साढ़े-आठ इंच का लंड लेती हूँ अपनी चूत में।” फिर बोली, “सुनील तुमने किसी को चोदा है पहले?”



तब मैंने उसे सच-सच बताना ठीक समझा और बोला, “सोनिया दीदी! मैं मन ही मन में आपको और आपकी मम्मी से बहुत प्यार करता हूँ और रात को आप दोनो के ख्वाब देख कर मुठ मारा करता था...” और फिर मैंने उसे पूरी कहानी बता दी।



सोनिया बड़े आश्चर्य के साथ बोली, “क्या??? सुनील तुम मम्मी को चोदते हो? मैं नहीं मानती।”



तब मैंने कहा, “चलो ठीक है, कल जब आपकी मम्मी घर पर आयेंगी और मुझे जब अंदर बूलायेंगी तब आप बालकोनी से देखना... आपकी मम्मी कितने प्यार से मुझसे चुदवाती है। हमने तो प्लैन भी बनाया है कि आपकी मम्मी आपके साथ मेरी चुदाई करवायेंगी।”



सोनिया इतना सब सुन कर थोड़ी सी गरम हो गयी थी और अपनी चूत उसने मेरी टाँगों पर घिसनी चालू कर दी थी। मैंने कहा, “सोनिया दीदी! मैं आपको बड़े प्यार से चाची के प्लैन वाले दिन ही भोगना चाहता हूँ। इस लिये आज सिर्फ एक दूसरे की चूसाई करेंगे...” और इतना कह कर फिर से हम लोग ६९ के आसन में हो कर एक दूसरे को चूसने लगे। उस रात हम दोनों एक ही कमरे में एक दूसरे को बाहों में भर कर सोये। अगली सुबह मुझे मीना चाची को लेने जाना था तो मैं सोती हुई नंगी सोनिया को प्यारी से पप्पी दे कर मीना चाची को लाने के लिये एयरपोर्ट चला गया।



कार में बैठते ही मीना चाची ने मुझे किस करा और बोली, “सुनील मैं तो बूरी तरह से मचल रही हूँ चुदाई के लिये। सोनिया जब तक सो कर उठेगी तब तक तू मेरी जम कर चुदाई कर दे।”



मैंने कहा, “मीना डार्लिंग! मैं भी तो तड़प रहा हूँ तुम्हें चोदने के लिये और तुम अब सोनिया की चिंता छोड़ दो!” और मैंने मीना चाची को सारी कहानी बता दी।



मीना चाची ने आगे बढ़ कर मुझे किस कर लिया और बोली, “मैं तो सोनिया के साथ तेरी चुदाई कल करवाऊँगी। आज तो तू दिन भर सिर्फ मुझे चोद कस कर। मेरा तो पूरा बदन तरस रहा है तेरे हाथों से मसलवाने के लिये।” 



हम जब घर पहुँचे तो सोनिया उठ गयी थी। थोड़ी देर इधर-उधर की बातें करने के बाद मीना चाची बोलीं, “सोनिया देख मैं सुनील के साथ सोने जा रही हूँ, तो कोई भी फोन या कोई घर पर आये तो उसे मना कर देना और मुझे डिस्टर्ब मत करना।”


RE: Desi Sex Kahani चाची की चुदाई - sexstories - 09-16-2017

सोनिया मेरी तरफ देख कर मुस्कराई और समझ गयी कि उसकी मम्मी कमरे में जा कर मुझसे चुदवायेंगी। मीना चाची ने उसे देख लिया और बोली “सोनिया बेटा! मुझे सुनील ने सब बता दिया है। तू घबरा मत... कल मैं तुझे ज़िंदगी का वो सुख दिलवाऊँगी जिसकी तूने कल्पना भी नहीं करी होगी।”



इतना बोल कर मीना चाची ने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मैंने उनको। फिर हम दोनों कमरे में घुस गये और घुसते ही एक दूसरे पर ऐसे टूट पड़े जैसे कितने दिनों के भूखे हों। मैं मीना चाची को अपनी बाहों में भर कर बुरी तरह से मसलते हुए चूस रहा था और मीना चाची मेरी पैंट खोल रही थी। मैंने देखा कि सोनिया बालकोनी में खड़ी हो कर हम दोनों को देख रही थी। इस ख्याल से कि सोनिया अपनी मम्मी को मुझ से चुदाते हुए देखेगी, मेरा लंड कुछ ज्यादा ही अकड़ गया और मैंने मीना चाची के कँधे दबा कर उन्हें वहीं बिस्तर पर बिठा दिया और सिर को पकड़ कर अपना लंड मीना चाची के मुँह में उतार दिया और सोनिया को देखते हुए मीना चाची का मुँह चोदने लगा और अपना पूरा लंड उनके मुँह में फँसा कर झड़ गया।



फिर मैंने मीना चाची कि साड़ी, ब्लाऊज़, पेटीकोट उतारे और सोनिया को दिखाते हुए उनकी चूचियाँ ब्रा के ऊपर से पहले खूब मसलीं और बाद में उनकी ब्रा उतार के उनके दोनों निप्पल अपनी उँगलियों के बीच में मसले। मीना चाची तो सितकार उठी और बोली, “मादरचोद इतना क्यों भड़का रहा है मेरी चूत की आग? पहले से ही चूत में आग भड़की हुई है।”



मैंने मीना चाची को खड़ी कर के उनके चूत्तड़ बालकोनी की तरफ कर दिये ताकि सोनिया आराम से देख सके। मीना चाची के हाई हील सैण्डलों में कसे पैर जमीन पर थे और मैंने उन्हें चूचियों के सहारे बिस्तर पर टिका दिया जिससे उनकी चूत और गाँड के छेद खुल कर सामने आ गये। मैंने सोनिया की तरफ़ देखते हुए मीना चाची की चूत और गाँड के छेद पर उँगली फेरनी चालू कर दी और एक हाथ से अपना लंड सहलाने लगा। उसके बाद मैने झुक कर मीना चाची के सैण्डलों में कसे पैर चाटने लगा और फिर धीरे-धीरे उनकी टाँगों और जाँघों को चाटते हुए ऊपर बढ़ा और फिर उनकी उभरी हुई चूत को अपनी जीभ से चटना शुरू कर दिया जिससे मीना चाची की सितकारियाँ निकलनी चलू हो गयी और वोह अपनी गाँड के धक्के मेरे मुँह पर देने लगी।



मीना चाची की चूत अपने मुँह में झड़वाने के बाद मैंने खड़े-खड़े ही अपना लंड सोनिया को दिखाते हुए मीना चाची की चूत पर रखा और झुक कर उनकी मदमस्त लटकती हुई चूचियों को पकड़ कर मसलते हुए जोर से धक्का मारा जिससे मेरा पूरा लंड मीना चाची की चूत में समा गया। मीना चाची इस पोज़ में अपने चूत्तड़ मटकाती हुई मेरा लंड ले रही थी और मैं भी पूरे जोश में उनकी चूत चोद रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड निकाल कर मीना चाची की टाँगें फैला कर बिस्तर पर लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ कर दना-दन चोदने लगा। करीब आधा घँटा चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़े और मीना चाची ने अपनी जाँघें बंद करके मेरा लंड अपनी चूत में ही रहने दिया और बोली, “डार्लिंग! ऐसे ही मेरे ऊपर सो जा ताकि जब तेरा दोबारा खड़ा हो तो बिना वक्त गंवाये मुझे चोदना चलू कर देना। मेरी चूत को इतनी ठंडक मिली है कि मैं तो एक सिगरेट पी कर सोऊँगी।”



मैं तो मस्ती में था और मीना चाची कि गुदाज़ चूचियों पर लेट कर सुस्ताने लगा। दिन भर हम दोनों ने जी भर के एक दूसरे के साथ चुदाई की और अपने बदन की हवस को पूरा शाँत की।



शाम को मीना चाची बिस्तर पर सिर्फ हाई हील वाले काले और चमचमाते सैण्डल पहने, नंगी पसरे हुए ड्रिंक पी रही थीं और मैं अपने होंठ और जीभ उनके सैण्डलों और पैरों पर फिरा रहा था। मुझे उनके सैण्डलों और पैरों की महक और टेस्ट बहुत अच्छा और उत्तेजक लग रहा था, जिसकी वजह से मेरा लौड़ा तन कर सीधा खड़ा था। मीना चाची बोली, “डार्लिंग अब और चूदाई नहीं करेंगे ताकि तेरा लंड कल सोनिया की चूत के लिये एकदम तैयार और बे-करार रहे। मैं चाहती हूँ कि जब उसे तेरा लंड मिले तो एक दम ताज़ा और मस्त मिले। कल दिन में सोनिया के साथ अपना हनीमून मना लेना।”



मैंने उनकी सैण्डल चाटते हुए कहा, “मीना चाची! दिदी मेरे लिये एकदम तैयार कर देना और हनीमून मैं उनके साथ मॉडर्न ड्रैस में मनाऊँगा।”


This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


choti bachi ke sath me 2ladke chod rahenapptol sex store hindichutad maa k fadeTamil actress nude fuck fake in sex bababhnupriya nude sex baba com.anushapa xxx photos comhindi incent kahaniya mera chipku beta chudai kahaniकांदा घातला पुच्चीत X VIDEOXxx hart bosdi se balad nikale tamanna sexbabaShilpa Shetty saxbaba.netMeri adhuri pyas or bhaijan sex storyeesha rebba xxx wallpapers downloadराज शर्मा हिंदी कहानिया पेज 5. हिंदी मनीषा कोइराला गांड मरवाने वालीकितना chodega अपनीsadisuda बहन को chudai kahaniPados ka buda hindi hot read storysaumya tandon fucking nude sex baba Fuk dungi thaka es dhobara na saari hana fone rakha sa video video downlod downlodmummy ne uncle se lalach main chudwayabhai na bhean or patni ko jua m har kr dosto se chudai krvaix-ossip sasur kameena aur bahu nageemaEk haseena ki majburi complete storiesIlleana d cruz nude cock fuck sexbabanandoi ji se maa. ni chudaiHambistar hue actar sex videoShalini pandey nude sex babasouth actoress fakes singers sexbaba.compandian stores serial nudeSexbaba.net चुतो का समंदरpahad jaisi chuchi dabane laga rajsharma storysex story gandu shohar cuckoldsex story maa ne bete ko transprent bra panty pahen k seduce kiyaಕಾಲೇಜು ಹುಡುಗಿಯ sex StoryNanad ki trainingXxx full hd jabardasti bibijiDiva mirza xxx nude sex Baba.netkachchi kaliyon ka intejam hindi sex kahaniyalund muh laar halak taksexi nashili gand ki photos pujakihindi sex baba photosbhand baba ke sath sex sex storyChhotu baba ka sexy videos xxxwhife paraya mard say chudai may intrest kiya karuxxxprongand xxx hd videothokathoki storyChallo moushi xnxx comTaapsee pannu XXX photo Babanadan bahan ki god me baithakar chudai ki kahaniyaaरंगीली चुदाई का मज़ा 7velaama ki gaand marihttps://forumperm.ru/Thread-south-actress-nude-fakes-hot-collection?page=87securatetelugusexbur me kela dalkar rahne ki sazaSchool me mini skirt pehene ki saza xxxदीदीसोते हुए hIt xxxhot storeys like mom ki tabiyatmastram ki mast chudai ki khani hindi me big letar meSex story yong bhabi chaciAntervasnahd.comrachna banarjee in sexbaba.comritupurna sengupta tv actress sex baba xxx imagebahu sasurji sex nind me hd video keralaBari didi ko rat ma park ma lun dekhayasexbaba tweenkal chut photoxxx bf video 8page auratActress radhika pandit fake photosभाभी कि गान्ड मे दाने वाला कोन्डम लगाया कहानीbhuthi butha seks bdonaked images of marathi taraka sexbabaapni chuchi ke darshan karane lagi sex babaswara Bhaskar chut imagesAntervasnacom. 2015.sexbaba.indian girls fuck by hish indianboy friendssMeri adhuri pyas or bhaijan sex storysex story chidai ki halo diyaungli v daliBin bulaya mehmaan k saath chudai uske gaaoon meGov ki Ritu fat gandMaa ki phooly kasi gaand me ras daalanewsexstory com marathi sex stories E0 A4 B5 E0 A4 BF E0 A4 A7 E0 A4 B5 E0 A4 BE E0 A4 B5 E0 A4 B9 Emaa aur chachi ku ek seat choda story. xxxBollywood actresses sakshi malik ki nahi chut photoHoTFAkzसुरुती हसन Chut saxy chuchekhujner ki xxx nahati hui ka video hindisasur kamina bahu nagina sex storieperm fist time sex marathi