Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - Printable Version

+- Sex Baba (//penzpromstroy.ru)
+-- Forum: Indian Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-indian-stories)
+--- Forum: Hindi Sex Stories (//penzpromstroy.ru/Forum-hindi-sex-stories)
+--- Thread: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ (/Thread-holi-sex-stories-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%81)

Pages: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

होली ने मेरी खोली पार्ट--3

कामुक-कहानियाँ

गतान्क से आगे...................

मीना की चूत को जीभ से चाटते ही रमेश का लंड मेरी चड्डी पर चोट करने लगा. मैने मीना को चटवाते देखा तो मेरा मॅन भी चाटने को करने लगा. तभी उसने मेरे निपल को मीसा तो मैं मज़े से भर उसकी गोद मैं उचकी तो वह अपनी बहन की चूत से जीभ हटा मेरी चूचियों को दबा मुझसे बोला,

"हाए अभी नही ज़रा सुनीता तुम अपनी चटाओ"

"चाटो." मैं मस्ती से भर मीना की तरह चूत चटवाने को तैय्यार हुई. तभी मीना अपनी चाती गयी चूत को उंगली से खोलकर देखती बोली,

"हाए रमेश भाय्या मेरा पानी तो निकल गया."

"तुम्हारी सहेली की नयी चूत चाटूँगा तो मेरा पानी निकलेगा." और मेरी कमर मैं हाथ से दबाकर उठाया. अब मेरी गोरी गोरी चूचियाँ एकदम लाल थी. तभी मीना मुझे बाँहो मैं भर अपने बदन से चिपकाती बोली,

"चटवाने मैं चुदवाने से ज़्यादा मज़ा आता है. चताओ."

"अच्छा मीना चटवा दो अपने भयया से."

"भयया सहेली की चाटो."

"मैं तो तैय्यार हूँ. कहो मस्ती से चटाये. इसकी चाट'ते मेरा निकलेगा. हाए इसकी तो खूब गोरी गोरी होगी." और बेताबी के साथ लंड उच्छालते हुवे पोज़ बदला. अब वह बिस्तर पर पेट के बल लेटा था. उसका लंड गद्दे मैं दबा था और चूतड़ ऊपर था. तभी मीना ने कहा,

"अपनी चटवाउ क्या?"

"हां मीना अपनी चटवओ तो सुनीता को और मज़ा आएगा." तब मीना ने हमको रमेश के सामने डॉगी स्टाइल मैं होने को कहा. मैं जन्नत की सैर कर रही थी. मज़ा पाकर तड़प गयी थी. मेरी कोशिश थी कि मैं मीना से ज़्यादा मज़ा लूँ. उसकी बात सुन मैने कहा,

"चड्डी उतार दूं मीना?"

"तुम अपना चूतड़ सामने करो, भाय्या चड्डी हटाकर चाट लेंगे. अभी तो यह हमलोगो का ब्रेकफास्ट है. केवल चूत मैं लंड घुस्वकार कच कच चुदवाने मैं मज़ा नही आता. हमलोग अभी कुँवारी लौंडिया हैं. असली मज़ा तो इन्ही सब मैं आता है. जैसे बताया है वैसे करो."

"अच्छा." और मैं रमेश के सामने चौपाया(डॉगी पोज़िशन) मैं आई तो रमेश ने पीछे से मेरा स्कर्ट उठाकर मेरे चूतड़ पर हाथ फेरा तो हमको बड़ा मज़ा आया. मेरी चूत इस पोज़ मैं चड्डी के नीचे कसी थी. मीना ने खड़े खड़े चटाइया था पर मुझे निहुरकर चाटने को कह रही थी. अभी रमेश चूतड़ पर हाथ फेर रहा था. मीना ने मेरे मुँह के सामने अपनी चूत की और बोली,

"सुनीता पेट को गद्दे मैं दबाकर पीछे से चूतड़ उभार दो. तुम्हारी भाय्या चाटेंगे तुम मेरी चूत चाटो और हाथ से मेरी चूचियाँ दबाओ फिर देखना कितना मज़ा आता है."

इस पोज़ मैं मीना की साँवली चूत पूरी तरह से दिख रही थी. उसकी चूत मेरी चूत से बड़ी थी. दरार खुली हुई थी. मीना की चूत देख मैने सोचा कि मेरा तो सब कुच्छ इससे अच्छा है. अगर मेरे साथ रमेश को ज़्यादा मज़ा आया तो वह मीना से ज़्यादा हमको प्यार करेगा. मैने चूचियों को गद्दे मैं दबा पीछे से चूतड़ उभारा और मुँह को मीना की चूत के पास ला प्यार से जीभ को उसकी चूत पर चलाया तो मीना अपनी चूत को हाथ से खोलती बोली,

"चूत के अंदर तक जीभ डालकर तब तक चाटना जब तक भाय्या तुम्हारी चट'ते रहें. मज़ा लेना सीख लो तभी जवानी का मज़ा पओगि." मीना की चूत पर जीभ लगाने मैं सचमुच हमको काफ़ी मज़ा आया. तभी रमेश नीचे कसी चड्डी की चूत पर उंगली चला हमे मज़े के सागर मैं ले जाते बोला,

"तुम्हारी चड्डी बड़ी कसी है. फड़कर चाट लें?"


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

"हाए फाड़ दीजिए ना." मैं मीना की झरी चूत के फैले दरार मैं जीभ चलाती दोनो हाथों से मर्द की तरह उसके गदराए अनारो को दबाती वासना से भर बोली. तभी रमेश ने दोनो हाथों को चड्डी के इधर उधर लगा ज़ोर्से खींचा तो मेरी पुरानी चड्डी एक झटके मैं ही छार्र से फॅट गयी. उसे पूरी तरह अलग कर मेरी गदराई हसीन गुलाबी चूत को नंगी कर उंगली को दरार मैं चलाता बोला,

"ज़रा सा चूतड़ उठाओ." नंगी चूत को रमेश की उंगलियों से सहलवाने मैं इतना मज़ा आया कि मेरे अंदर जो थोड़ी बहुत झिझक थी, वह भी ख़तम हो गयी. मैने चूतड़ उठाया तो वह बोला,

"ज़रा मीना की चूत चाटना और चूची दबाना बंद करो." मैं चूची से हाथ अलग कर चूत से जीभ निकाली तो उसने मेरी चूत को उंगलकी से कुरेदते पूचछा,

"अब ज़्यादा मज़ा आ रहा है कि मीना की चाट'ते हुवे?"

"जी अब कम आ रहा है."

"ठीक है तुम मीना की चाटो." मैं फिर मीना की चूत चाट'ते हुवे उसकी चूचियाँ दबाने लगी तो रमेश से नंगी चूत सहलवाने मैं ग़ज़ब का मज़ा आने लगा. अभी रमेश ने मेरी चाटना शुरू नही किया था पर उंगली से ही हल्का पानी बाहर आया तो वह मेरी फटी चड्डी से मेरी चूत को पोछ्ते पूरी चूत को सहलाता अपनी बहन से बोला,

"मीना इसकी अभी चुदी नही है."

"हां भाय्या मेरी सहेली को तुम ही चोद्कर जवान करना. अब तो शर्मा भी नही रही है."

"ठीक है रानी इसको भी तेरी तरह जवान कर देंगे. वैसे चोदने लायक पूरी गदराई चूत है. क्यूँ सुनीता कितने साल की हो?"

"जी चौदह की."

"बड़ी मस्त हो. बोलो इसका मज़ा हमसे लोगि या शादी के बाद अपने पति से?"

"हाए आपसे." मैं मीना की चूत से मुँह अलग कर बोली.

"मीना तुम्हारी सहेली की चूत टाइट है. तुम अकेले मैं इसको तैय्यार करना. हमे बहुत पसंद है तुम्हारी सहेली."

"हां राजा यह तो पड़ोस की ही है. भाय्या इसे तो तुम जानते ही हो."

"हां पर आज पहली बार मिल रहा हूँ." और इसके साथ मेरी मस्त गुलाबी फांको को चुटकी मैं दबाकर मसला तो मैं अपने आप कमर उभारती बोली,

"हाए रमेश अच्छा लग रहा है. ऐसे ही करो." तभी आगे से मीना चूत को उचकाती बोली,

"आ रहा है ना जन्नत का मज़ा?"

"हां हाए."


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

"सुनीता. इसी तरह शरमाना नही, जिसको मेरे भाय्या चोद देते हैं वह मेरे भाय्या की दीवानी हो जाती है. अभी तो शुरुआत है आगे देखना. मैं तो भाय्या से खूब चुदवाति हूँ. रोज़ रात मैं भाय्या के कमरे मैं ही सोती हूँ. तुम्हारे लिए भी बड़ा अच्छा मौका है. घर खाली है जब चाहो भाय्या को बुलाकर डलवा लो. फिर जब मम्मी पापा आ जाएँ तो मेरे घर आ जाना."

मीना की बातों से हमे अपने बदन का लाजवाब मज़ा मिल रहा था. वह अभी तक मेरी गदराई 14 साल की चूत को सहला रहा था. मैं चूचियाँ दबाती सहेली की चूत चटाई का मज़ा ले रही थी. बाहर होली का हुरदांग मचा था और घर मैं जवानी का. तभी मेरी फाँक को उंगली से कुरेदते रमेश ने पूचछा,

"सच बताओ हमारे साथ चूत का मज़ा आ रहा है."

"जी हाए बहुत आ रहा है. हाए नही शरमाएँगे, हमको भी मीना की तरह चोदिये.

"अभी मीना और तुमको चोद्कर चले जाएँगे. तुम खा पीकर घर पर रहना तो तुमको अकेले मज़ा लेना सिखाएँगे. चूत तुम्हारी बड़ी मस्त है. जितना चुद्वओगि उतना ही मज़ा पओगि." फिर वह अपनी बहन से बोला,

"मीना तुमको ऐतराज़ ना हो तो दोपहर को अकेले तुम्हारी सहेली को चोद दें."

"नही भाय्या कहो तो अभी चले जाएँ."

"ठीक है जाओ. आज मैं तुम्हारी इस गदराई कुँवारी सहेली को जी भरकर रंग खिला दूँ." और झुककर मेरी गदराई गोरी गोरी चूत को जीभ से लापर लापर चाटने लगा. हमको अब तक का सबसे हसीन मज़ा चटवाने मैं आया. वह चूत की दरारों को फैला रानो के बीच मुँह डाल जीभ को दरार और गुलाबी छेद पर चला रहा था. मेरी आँखें बंद हो गयी. करीब 10 मिनिट तक मेरी चूत को इसी तरह से चाट'ता रहा और जब अलग हुवा तो मीना नही थी. उसका लंड अभी भी उसी तरह खड़ा था. मस्ती के आलम मैं मीना कब कमरे से चली गयी इसका पता ही नहा चला. मैं घबराई तो वह मेरे उभारों को हाथ से थपथपाते बोला,

"मीना को हटा दिया है अब अकेले मज़ा लो. उसके रहने से तुम्हारा मज़ा किरकिरा हो जाता. पहली बार चुदोगि तो पूरा मज़ा आराम से लो. हाए तुम्हारी चूत और चूचियाँ मीना से अच्छी हैं अब तुम्ही को पेला करेंगे." अब मुझे मीना से जलन होने लगी. चूत चटकार पूरी तरह मस्त कर हमे अपना दीवाना कर दिया था. रमेश ने चाट कर मज़े के साथ जो मेरी चूत को अपनी बहन मीना की चूत से हसीन और लाजवाब बताया तो उस'से मैं पूरी तरह अपनी जवानी का मज़ा उसे देने को तैय्यर थी. मन मैं यही था कि अभी ऊपरी खेल खेल रहा है तो इतना मज़ा आ रहा है, जब लंड पेलकर चूत चोदेगा तो कितना मज़ा आएगा. वैसे मीना की चूत चाटने और उसकी सेब सी बड़ी बड़ी चूचियाँ दबाने मैं मज़ा आया था पर उसका अपने भाई को मेरे पास अकेले छ्चोड़कर चला जाना बड़ा ही अच्छा लग रहा था. इस समय मेरी चाटी गयी चूत झंझणा रही थी. रमेश ने जीभ को चूत के गुलाबी छेद मैं डालकर चाटा था उससे मैं बुरी तरह उत्तेजित हो गयी थी. उसके लंड ने इतने पर भी पानी नही फेंका था. उसने चड्डी फाड़कर मज़ा लिया था. शर्ट खुली थी और दोनो अमरूद तने थे. वह मेरी गोल गोल छ्होटी छ्होटी चूचियों को कसकर दबाते हुवे बोला,

"सच बताना मेरे साथ होली का मज़ा आ रहा है या नही?"

"जी बहुत मज़ा आ रहा है."

कहानी अभी बाकी है मेरे दोस्त..........................क्रमशः.......................


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

होली ने मेरी खोली पार्ट--4

कामुक-कहानियाँ

गतान्क से आगे...................

"तभी तो मीना को हटा दिया. वो होती तो कहती पहले मेरी चोदो. पिच्छली होली से उसे चोद रहा हूँ पर अभी भी उसका मन नही भरा. रोज़ रात मैं दो तीन बार चुदवाति है. अब उसे कम चोदा करेंगे. बस तभी जब तुम्हारी नही मिलेगी. कितनी काली सी बेकार चूत है उसकी. हाए तुम्हारी चूत तो देखते ही पागल हो गया हूँ. ऐसी रोज मिले तो बस चौबीस घंटे डाले पड़े रहे. काश मेरी बहन की ऐसी होती." उसने एक हाथ से आगे से फटी चड्डी की नंगी चूत को सहलाते कहा तो मैं बोली,

"मेरी चूत तो आपकी ही है. इसे चोदिये ना."

"बर्दाश्त नही कर पओगि रानी चूत फट जाएगी. इतनी हसीन चूत को जल्दी मैं खराब ना करवाओ. रात मैं तुम अपने ही घर मैं सोना तो आकर रात मैं चोदेन्गे. जितना चुद्वओगि उतना ही मज़ा पओगि और चूत भी जवान होगी. अगर तुम्हारी भी मीना की तरह होती तो अभी चोद्कर खराब कर देता. हाए काश मीना की भी ऐसी ही होती."

"हाए रमेश मेरी भी तुम्हारी है."

"हां रानी पर मीना तो मेरी बहन है, हमेशा घर मैं ही रहती है. जब चाहा चोद लिया पर जब तुम्हारे मम्मी पापा आ जाएँगे तो कैसे होगा."

"हो जाएगा. दिन मैं आपके घर आ जाया करूँगी और रात मैं आप पीछे वाले दरवाज़े से आ जाया करिएगा."

"हां यह ठीक रहेगा. मीना की देखी है."

"हां."

"मीना की तुम्हारी जैसी जानदार फाँक नही हैं. चोदने मैं फांके ही सूपदे से रगड़ खाती हैं तो लड़कियों को मज़ा आता है. मम्मी पापा तो कई दिन बाद आएँगे."

"जी." अब हमे बैठाकर एक हाथ से चूची के उठे उठे निपल और दूसरे हाथ से लहसुन(क्लाइटॉरिस) मीसवाते हुवे उसके लंड को झटका खाते देखने मैं ऐसा मज़ा आ रहा था कि मैं रमेश की दीवानी हो गयी. उसे मैं मीना से ज़्यादा पसंद थी.

"सुनीता."

"जी."

"मीना की चूत काली है."

"जी पर आप तो उसे खूब चोद्ते हैं. पिच्छले साल होली से बराबर चोद रहे हैं."

"होली मैं मस्त था. रंग लगाया और मंन किया तो पटककर चोद दिया. तब से साली रोज़ चुदवा रही है. तुम्हारे आगे तो वह एकदम बेकार है. बोलो जमकर चुद्वओगि हमसे?" और उंगली को एक इंच बैठे बैठे गप से डाला तो उंगली घुसने मैं और मज़ा आया.

"जी चुदवाउन्गि."

"जैसे मज़ा दे वैसे लेना. फिर उंगली से पेलकर फैलाओ. बाद मैं तेल लगाकर इससे पेलेंगे तो खूब मज़ा पओगि." वह अपना लंड दिखाता बोला. गरम चूत को उंगली से खुद्वाने मैं ग़ज़ब का मज़ा आ रहा था. 8-10 बार चूत मैं आधी उंगली को उसी तरह सामने बैठकर पेला और फिर बोला,

:मीना पूच्छे तो बताना नही कि तुमको खूब मज़ा देने के बाद चोदा है. उसकी तो मैं चूची दबाकर फ़ौरन डाल पेलता हूँ."

"नही बताउन्गि."


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

"बता दोगि तो हमसे इसी तरह करने के लिए कहेगी. तुम्हारी कुँवारी गोरी अनचुड़ी गुलाबी फाँक वाली है इसलिए खूब प्यार से पेलेंगे ताकि खराब ना हो. चोदने के भी अलग अलग तरीके होते हैं. हर बार पेल्वओगि तो हम नये नये तरीके से पेलेंगे. देखना जब तक मम्मी पापा आएँगे, तुम्हारी चूचियों को डबल करके चूत को सयानी कर देंगे. पेलवने के बाद और खूबसूरत लगने लगोगी. तुम्हे खूब मज़ा देने के लिए ही मीना को भगा दिया है. जाओ पेशाब करके सब कपड़े उतार कर पूरी नंगी होकर थोडा सा तेल लेकर आओ. कोकनट आयिल लाना."

उसने सटाक से चूत से उंगली बाहर निकाली तो आने वाला मज़ा किरकिरा हो गया. मैं मज़े से झारी तो कई बार थी पर इस खेल मैं नयी थी इसलिए मज़ा कम नही हुवा. मैं फ़ौरन कमरे से बाहर गयी, टपाक से शर्ट उतारी और फटी चड्डी को खिसका एक तरफ फेंका और पेशाब करने बैठी. चाटी गयी और उंगली से धीरे धीरे पेली गयी चूत का तो हुलिया ही बदल गया था. दोनो दरारे लाल थी. पेशाब करते हुवे पहली बार चुदवाने वाले छेद मैं फैलाव नज़र आया. रमेश की मस्त हरकतों से होली के दिन मेरी चूचियाँ और चूत दोनो खिल उठी थी. हमने उसके मोटे और लंबे लंड को देखा था पर परवाह नही थी की जब पेलेगा तो चूत फटेगी या रहेगी. वैसे तेल लगाकर पेलने की बात कर मान मैं और मस्ती भर दी थी. सच तो यह था कि बिना चुडवाए ही इतना मज़ा आया था कि दुबारा उसे घर बुलाने को तैय्यार थी. मीना तो अपनी सड़ियल चूत चटाकर खिसक गयी थी.

पेशाब कर पूरी नंगी हो तेल लेकर कमरे मैं वापस आई तो वह मुझे पूरी नंगी देख तड़प उठा और उसका तना लंड झटके खाने लगा. मैं खुद चुद्वने के लिए तेल लेकर आई थी जिससे उसे बड़ा मज़ा आया. वह पास आ मेरी मस्ताइ खरबूजे की फाँक सी चुदसी चूत को उंगलकी से दबाता बोला,

"ठीक से पेशाब कर लिया है ना?"

"जी" नंगे होने का तो मज़ा ही निराला था.

"अब आएगा मज़ा."

"जी पर किसी को पता ना चले." मैं चूत मैं उंगली का मज़ा लेते बोली तो उसने कहा,

"नही चलेगा. अभी तुम कुँवारी हो अगर सीधे पेल दिया तो फॅट जाएगी और फिर चुदवाने का मज़ा भी नही आएगा. पेशाब ना करा हो तो ठीक से कर लो. एक बार चोद्ते हुवे मीना ने मूत दिया था. सारा मज़ा खराब हो गया था." रमेश की इस बात से और मज़ा आया. मेरी दोनो आँखें मज़े से खुल नही रही थी. मैं चूत को उचकाती बोली,

"कर लिया है."

"तू आराम से चित होकर लेटो." मैं फ़ौरन तकिये पर सर रख टाँग फैलाकर लेटी. उस समय चूत चुदास से भरी थी. गरम गरम साँसे बाहर आ रही थी. दो बार झड़ी थी पर मस्ती बरकरार थी. लेटने के साथ ही उसने लंड को मेरी चूत पर रखा और दोनो चूचियों को दबाता बोला,

"मीना को यह बात ना बताना कि तुमको हमने इस तरह से मज़ा दिया है. तुम्हारी चूत अच्छी है इसलिए खूब प्यार करने के बाद ही चोद्कर सयानी करेंगे." चूत पर तना मोटा लंड का गरम सूपड़ा लगवाकर चूचियों को डबवाने मैं नया मज़ा था. मैं मस्ती से बोली,

"उसे कुच्छ नही बताएँगे. आप बराबर मेरे पास आया करिए."

"जितना हमसे चुड़वावगी उतनी ही खूबसूरती आएगी." और झुककर बाकी चूची को रसगुल्ले की तरह मुँह मैं ले जो चूसा तो मैं मज़े से भर सिसकार उठी. उसने एक बार चूस्कर चूची को मुँह से बाहर कर दिया. मैं इस मज़े से बेकरार होकर बोली,

"हाए बड़ा मज़ा आया. ऐसे ही करिए."

"चूचियाँ पिलाओगी तो तुम्हारी भी मीना की तरह जल्दी बड़ी होंगी." और चूत पर सूपदे को नीचे कर लगाया.

"बहुत अच्छा लग रहा है. बड़ी कर दीजिए मेरी भी." तब वह दोनो गोल गोल खड़े निपल वाली चूचियों को दोनो हाथ से सहलाता बोला,


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

"पहले चूत का छेद बड़ा करवा लो. एक बार इससे रंग लगवा लो फिर चूस्कर खूब प्यार से तेल लगाकर पेलेंगे. जब तुम्हारी जैसे खूबसूरत लड़की चुद्वने को तैय्यार हो तो मीना को क्यूँ चोदे. देखो जैसे मीना ने अपनी चूत हाथ से फैलाकर चटाई थी उसी तरह अपनी फैलाओ तो अपने रंग से इसे नहला दे." मैने फ़ौरन हाथ से चूत के फाँक खोली तो वह मेरी टाँगो के बीच घुटने के बल बैठ एक हाथ से लंड पकड़ गरम सूपदे को चूत की फाँक मैं चलाने लगा. मुझे मज़ा आया. 8-10 बार सूपदे को चूत पर रगड़ने के बाद बोला,

"मज़ा आ रहा है?"

"जी… हाअए आआहह."

"ऐसे ही फैलाए रहना बस निकलने ही वाला है." उसने सूपदे को 5-10 बार चूत पर रगड़ा ही था कि गरम गरम पानी दरार मैं आया. उसका लंड फलफाला कर झड़ने लगा. गरम पानी पाते ही मैं हाए आअहह करने लगी. वह सूपड़ा दबाकर 2 मिनिट तक झाड़ता रहा. मेरी चूत लपलपा गयी पर लंड से निकले पानी ने बड़ा मज़ा दिया. झड़ने के बाद उंगली को छेद पर लगा अंदर किया तो लंड के पानी की वजह से पूरी उंगली सॅट से अंदर चली गयी. जब पूरी उंगली अंदर गयी तो मैं मज़े से टाँगो को अपने आप उठाती चूत को उभरती बोली,

"हाए रमेश बड़ा मज़ा आ रहा है. उंगली से खूब करो." रमेश उंगली से चूत को चोद्ता बोला,

"इस तरह फैलवा लोगि तो लंड जाने मैं दर्द नही होगा. इतने प्यार से बिना फाडे कौन चोद्ता तुमको."

"हाए आप सच कह रहे हैं." छूट मैं सक्क सक्क अंदर बाहर आ जा रही उंगली बड़ा मज़ा दे रही थी. हमको चुदवाने सा मज़ा आ रहा था. वह उंगली को पूरी की पूरी तेज़ी के साथ पेलता ध्यान से मेरी फैल रही चूत को देख रहा था. ज्यूँ ज्यूँ वह सतसतत् चूत मैं उंगली डालने निकालने की रफ़्तार इनक्रीस कर रहा था त्यु त्यु मैं होली के रंगीन मज़े मैं खोती अपना तनमन उसके हवाले करती जा रही थी. मैं शायद फिर पानी निकालने वाली थी की उसने एक साथ दो उंगली अंदर कर दी. मैं कस्कि तो वह निपल को चुटकी दे बोला,

"फटेगी नही." अब दो उंगली से चूत को चुदवाने मैं और मज़ा आ रहा था. लगा कि दूसरी उंगली से चूत फ़ौरन पानी फेंकेगी. तभी वह बोला,

"पानी निकला?"

"जी हाए और चूसिए."

"ज़्यादा चुसावगी तो बड़ी बड़ी हो जाएँगी."

"होने दीजिए. हमको पूरा मज़ा लेना है."

"चूचियाँ तो मीना भी खूब पिलाती है पर उसकी चूत मैं ज़रा भी मज़ा नही है. अब जिस दिन तुम नही चुद्वओगि, उसी दिन उसकी चोदेन्गे."

"हम रोज़ चुद्वयेन्गे. घर खाली है, रोज़ आइए. रात मैं मेरे घर पर ही रहिएगा."

"पहले आगे के छेद का मज़ा देंगे फिर तुम्हारी गांद भी मारेंगे. मीना अब गांद भी खूब मरवाती है." उसने गांद के छेद पर उंगली लगाई. फिर रमेश ने तेल की बॉटल मुझे दे कहा,

"लो लंड पर और अपनी चूत पर तेल लगाओ फिर इससे पेल्वाकर जन्नत का मज़ा लो." मैने उठकर उसके लंड पर हाथ से तेल लगाया और उंगली से अपनी चूत पर लगाकर फिर चित्त लेट गयी. उसने गांद के नीचे तकिया लगाकर चूत को उभारा और दोनो टाँगो के बीच बैठ सूपदे को छेद पर लगा दोनो चूचियों को पकड़ ज़ोर से पेला. मैं एक आहह के साथ सूपदे को चूत मैं दबा लिया. ऐसा लगा कि चूत फॅट गयी हो. वह धक्के मारकर पेलने लगा और मैं मस्ती मैं आआहह सस्स्स्सिईइ करने लगी.

एंड्स


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

बुरा न मानो होली है --1

ये घटना बस इस होली की है. 6 साल के बाद मै होली मे अपने घर पर था. मेरी उम्र 19 साल की है. मै अपने शहर से बहुत दूर एक कौलेज मे तकनीकि की पढाइ कर रहा हु. हडताल होने के कारण कौलेज एक महीने के लीये बन्द हो गया था.

सारे त्योहारो मे मुझे ये होली का उत्सव बिलकुल पसन्द नहीं है. मै ने पहले कभी भी होली नही खेला. पिछले 6 साल मै ने होस्तेल मे ही बिताया. मेरे अलाबा घर मे मेरे बाबुजी और मां है. मेरी छोती बहन का विवाह पिछले साल हो गया था. कुछ कारण् बस मेरी बहन रेनु होली मे घर नही आ पायी. लेकिन उसके जगह पर हमांरे दादाजी होली से कुछ दिन पहले हमांरे पास हुमसे मिलने आ गये थे. दादा कि उम्र करीब 61-62 साल है, लेकिन इस उम्र मे भी वे खुब हट्टे कटःठे दिखते थे. उनके बाल सफेद होने लगे थे लेकिन सर पर पुरे घने बाल थे. दादा चश्मा भी नही पहनते थे. मेरे बाबुजी की उम्र करीब 40-41 साल की होगी और मां कि उम्र 34-35 साल की. मां कहती है कि उसकी शादी 14 वे साल मे ही हो गयी थी और साल बितते बितते मै पैदा हो गया था. मेरे जनम के 2 साल बाद रेनु पैदा हुयी .

अब जरा मां के बारे मे बताउ. वो गाव मे पैदा हुयी और पली बढी. पांच भाइ बहन मे वो सब्से छोटी थी. खुब गोरा दमकता हुआ रंग. 5’5” लम्बी, चौडे कन्धे, खुब उभरी हुयी छाती, उथा हुआ स्तन और मस्त, गोल गोल भरे हुये नितम्ब. जब मै 14 साल क हूआ और मर्द और औरत के रिस्ते के बारे मे समझने लगा तो जिसके बारे मे सोचते ही लौडा खडा हो जाता था वो मेरी मां मांलती ही है. मैने कई बार मांलती के बारे मे सोच सोच कर हत्तु मांरा होगा. लेकिन ना तो कभी मांलती का चुची दबाने का मौका मिला ना ही कभी उसको अपना लौडा ही दिखा पाया. इस डर से क़ि अगर घर मे रहा तो जरुर एक दिन मुझसे पाप हो जायेगा, 8 वी क्लास के बाद मै जिद्द कर होस्तेल मे चला गया. मां को पता नहीं चल पाया कि इकलौते बेटे क लौडा मां कि बुर के लीये तरपता है. छुट्टियो मे आता था तो चोरी छिपे मांलती की जवानी का मज़ा लेता था और करीब करीब रोज रात को हत्तू मांरता था. मै हमेशा ये ध्यान रखता था कि मां को कभी भी मेरे उपर शक ना हो. और मां को शक नही हुआ. वो कभी कभी प्यार से गालो पर थपकी लगाती थी तो बहुत अछा लगता था. मुझे याद नही कि पिछले 4-5 सालो मे उसने कभी मुझे गले लगाया हो.

अब इस होली कि बात करे. मां सुबह से नास्ता, खाना बनाने मे व्यस्त थी. करीब 9 बजे हुम सब यानी, मै, बाबुजी और ददाजी ने नास्त किया और फिर मां ने भी हुम लोगों के साथ चाय पिया. 10-10.30 बजे बाबुजी के दोस्तो का ग्रूप आया . मै छत के उपर चला गया. मैने देखा कि कुछ लोगों ने मां को भी रंग लगाया. दो लोगों ने तो मां की चुत्तरो को दबाया, कुछ देर तो मां ने मजा लिया और फिर मां छटक कर वहा से हट गयी. सब लोग बाबुजी को लेकर बाहर चले गये . दादाजी अपने कमरे मे जाकर बैठ गये.

फिर आधे घंटे के बाद औरतो का हुजुम आया. करीब 30 औरते थी. हर उम्र की. सभी एक दुसरे के साथ खुब जमकर होली खेलने लगे. मुझे बहुत अछा लगा जब मैने देखा कि औरते एक दुसरे का चुची मसल मसल कर मजा ले रही है..कुछ औरते तो साया उठा उठा कर रंग लगा रही थी. एक ने त0 हद्द ही कर दी. उसने ने अपना हाथ दूसरी औरत के साया के अन्दर डाल कर बूर को मसला. कुछ औरतो ने मेरी मां मांलती को भी खुब मसला और उनकी चुची दबाइ. फिर सब कुछ खा पीकर बाहर चली गयी. उन औरतो ने मां को भी अपने साथ बाहर ले जाना चाहा लेकिन मां उनके साथ नही गई. उनके जाने के बाद मां ने दरवाजा बन्द किया . वो पुरी तरह से भींन्ग गई थी. मां ने बाहर खडे खडे ही अपना साडी उतार दिया. गीला होने के कारण साया और ब्लौज दोनो मां के बदन से चिपक गया था. कसी कसी जांघे, खुब उभरी हुई छाती और गोरे रंग पर लाल और हरा रंग मां को बहुत ही मस्त बना रहा था. ऐसी मस्तानी हालत मे मां को देख कर मेरा लौडा टाइट हो गया. मैने सोचा, आज अछा मौका है. होली के बहाने आज मां को बाहों मे लेकर मसलने का. मैने सोचा कि रंग लगाते लगाते आज चुची भी मसल दुंगा. यही सोचते सोचते मै नीचे आने लगा. जब मै आधी सीढी तक आया तो मुझे आवाज सुनाइ पडी,

ददाजी मां से पुछ रहे थे, “ विनोद कहाँ गया...” ”मांलुम नही, लगता है, अपने बाप के साथ बाहर चला गया है.” मां ने जबाब दिया.

मां को नही मांलुम था कि मै छत पर हूं और अब उनकी बाते सुन भी रहा हूं और देख भी रहा हूं. मैने देखा मांलती अपने ससुर के सामने गरदन झुकाये खडी है. दादाजी, मां के बदन को घूर रहे थे. तभी दादाजी ने मां के गालो को सहलाते हुये कहा,

“मेरे साथ होली नही खेलोगी?”

मै तो ये सुन कर दंग रह गया. एक ससुर अपनी बहु से होली खेलने को बेताब था. मैने सोचा, मां ददाजी को धक्का देकर वहा से हट् जायेगी लेकिन साली ने अपना चेहरा उपर उठाया और मुस्कुरा कर कहा,

“ मैने कब मना किया है ? “


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

कहकर मां वहां से हट गई . दादाजी भी कमरे के अन्दर गये और फिर दोनो अपने अपने हाथों में रंग लेकर वापस वही पर आ गये . दादाजी ने पहले दोनो हाथों से मां की दोनो गालों पर खुब मसल मसल कर रंग लगाया और उसी समय मां भी उनके गालो और छती पर रंग रगडने लगी. दादाजी ने दुबारा हाथ मे रंग लिया और इस बार मां की गोल गोल बडी बडी चुचीओ पर रंग लगाते हुये चुचीओ को दबाने लगे. मां भी सिसकारती मांरती हूई दादा के शरीर पर रंग लगा रही थी. कुछ देर तक चुचीओ को मसलने के बाद दादाजी ने मां को अपनी बाहों मे कस लीया और चुमने लगे. मुझे लगा मां गुस्सा करेगी और दादा को डांटेगी लेकिन मैंने देखा क़ि मां भी दादा के पाव पर पाव चढा कर चुमने मे मदद कर रही है. चुम्मा लेते लेते दादा का हाथ मां की पीठ को सहला रहा था और हाथ धीरे धीरे मां कि सुडौल नितम्बो की ओर बढ रहा था . वे दोनो एक दुसरे को जम कर चुम रहे थे जैसे पति, पत्नि हो. अब दादा मां कि चुत्तरो को दोनो हाथो से खुब कस कस कर मसल रहे थे और यह देख कर मेर लौडा पैंट से बाहर आने को तडप रहा था. क़हां तो मै यह सोच कर नीचे आ रहा था कि मै मां की मस्त गुदाज बौडी का मजा लुंगा और कहां मुझसे पहले इस हरामी दादा ने रंडी का मजा लेना शुरु कर दिया. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था. मन तो कर रहा था कि मै दोनो के सामने जाकर् खडा हो जाऊँ. लेकीन तभी मुझे दादा कि आवाज सुनाई पडी.

“ रानी, पिचकारी से रंग डालुं ?”

दादा ने मां को अपने से चिपका लिया था. मां का पिछबारा दादा से सटा था और मुझे मां का सामने का मांल दीख रहा था. दादा का एक हाथ चुची को मसल रहा था और दुसरा हाथ मां के पेरु को सहला रहा था.

“अब भी कुछ पुछने की जरुरत है क्या..”

मां का इतना कहना था कि दादा ने एक झट्के मे साया के नाडे को खोल डाला और हाथ से धकेल कर साया को नीचे जांघो से नीचे गिरा दिया. मै अवाक था मां के बूर को देखकर . मां ने पैरो से ठेल कर साया को अलग कर दिया और दादा का हाथ लेकर अपनी बूर पर सहलाने लगी. बूर पर बाल थे जो बूर को ढक रखा था. दादाजी की अंगुली बूर को कुरेद रही थी और मां अपनी हाथो से ब्लाउज का बटन खोल रही थी. दादा ने मां के हाथ को अलग हट्या और फटा फट सारे बटन को खोल दिया और ब्लाउज को बाहर नीकाल दिया. अब मां पूरी तरह से नंगी थी. मैने जैसा सोचा था चूची उससे भी बडी बडी और सुडौल थी. दादा आराम से नंगी जबानी का मजा ले रहे थे. मां ने 2-3 मिनट दादा को चुची और चूत मसलने दिया फिर वो अलग हुई और वही फ्ल्लोर पर मेरी तरफ पाव रखकर लेट् गई. मेरा मन कर रहा था और जाकर चूत मे लौडा पेल दू. तभी दादा ने अपना धोती और कुर्ता उतारा और मां के चेहरे के पास बैठ गये. मां ने लन्ड को हाथ मे लेकर मसला और कहा,

“पिचकारी तो दिखता अछ्छा है लेकिन देखे इसमे रंग कितना है...” लन्ड को दबाते हुये कहा,

“देर मत करो, वे आ जायेंगे तो फिर रंग नही डाल पाओगे.”

और फिर, दादा पाव के बीच बैठ कर लन्ड को चूत पर दबाया और तीसरे धक्के मे पुरा लौडा बूर के अन्दर चला गया. क़रीब 10 मिनट् तक मां को खुब जोर जोर से धक्का लगा कद चोदा. उस रन्डी को भी चुदाई का खुब मजा आ रहा था तभी तो साली जोर जोर से सिसकारी मांर मांर कर और चुत्तर उछाल उछाल कर दादा के लंड के धक्के का बराबर जबाब दे रही थी. उन दोनो की चुदाई देखकर मुझे विशवास हो गया था कि मां और दादाजी पहले भी कई बार चुदाई कर चुके है...

”क्या राजा, इस बहु का बूर कैसा है, मजा आया कि नही ?” मां ने कमर उछालते हुये पूछा.

“मेरी प्यारी बहू, बहुत प्यारी चूत है और चूची तो बस, इतनी मस्त चुची पहले कभी नही दबाई.”

दादाजी ने चुची को मसलते हुये पेलना जारी रख्हा और कहा,

“रानी, तुम नही जानती, तुम जबसे घर मे दुल्हन बन कर आई, मै हजारो बार तुम्हारे चूत और चुची का सोच सोच कर लंड को हिला हिला कर तुम्हारा नाम ले ले कर पानी गिराता हूं. “

दादा ने चोदना रोक कर मां कि चुची को मसला और रस से भरे ओंठों को कुछ देर तक चूसा. फिर चुदाई सुरू की और कहा,

“ मुझे नही मांलुम था कि एक बार बोलने पर ही तुम अपना चूत दे दोगी.., नही तो मै तुम्हे पहले ही सैकडो बार चोद चुका होता.”

मुझे बिस्वास नही हुआ कि मां दादा से पहली बार चूद रही है. दादा ने एक बार कहा और हरामजादी बिना कोई नखरा किये चुदाने के लिये नंगी हो गयी और दादा कह रहे है कि आज पहली बार ही मां को चोद रहे हैं. लेकिन तब मां ने जो कहा वो सुनकर मुझे बिसवास हो गया कि मां पहली बार ही दादा से मरवा रही है.

मां ने कहा, “ राजा, मै कोई रंडी नहीं हूं. आज होली है, तुमने मुझे रंग लगाना चाहा, मैने लगाने दिया, तुमने चुची और चूत मसला, मैने मना नहीं किया, तुम्ने मुझे चूमां और मैने भी तुमको चुमां और तुम चोदना चाह्ते थे, पिचकारी दालना चाहते थे तो मेरी चूत ने पिचकारी अन्दर ले लीया. तुम्हारी जगह कोइ और भी ये चाहता तो मै उस से भी चूदवाती. चाहे वो राजा हो या नौकर . होली के दिन मेरा मांल, मेरी चूत, मेरी जवानी सब के लिये खुली है........”


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

मां ने दादा को अपनी बांहो और जांघो मे कस कर बांधा और फिर कहा,

मां ने दादा को अपनी बांहो और जांघो मे कस कर बांधा और फिर कहा,

“आज जितना चोदना है, चोद लो, फिर अगली होली का इंतजार करना पडेगा मेरी नंगी जवानी का दर्शन करने के लिये.”

मां की बात सुनकर मै आशचर्य था कि होली के दिन कोई भी उसे चोद सकता था..लेकिन यह जान कद मै भी खुश हो गया. कोई भी मे तो मै भी आता हूं. आज जैसे भी हो, मां को चोदुंगा ही. ये सोच कर मै खुश था और उधर दादाजी ने मां की चूत मे पिचकारी मांर दी. बुर से मलाई जैसा गाढा दादाजी का रस बाहर नीकल रहा था और दादाजी खुब प्यार से मां को चुम रहे थे.

क़ुछ देर बाद दोनो उठ गये .

“कैसी रही होली...” मां ने पुछा. “ आप पहले होली पर हमांरे साथ क्यो नही रहे. मैने 12 साल पहले होली के दिन सबके लिये अपना खजाना खोल दिया था. “

मां ने दादा के लौडा को सहलाया और कहा, “ अभी भी लौडे मे बहुत दम है, किसी कुमांरी छोकडी का भी चूत एक धक्के मे फाड सकता है.”

मां ने झुक कर लौडे को चुमां और फिर कहा, “अब आप बाहर जाईये और एक घंटे के बाद आईयेगा. मै नही चाहती कि विनोद या उसके बाप को पता चले कि मै आप से चुद्वाई हूं. “

मां वहीं नंगी खडी रही और दादाजी को कपडे पहनते देखती रही. धोती और कुर्ता पहनने के बाद दादा ने फिर मां को बांहो मे कसकर दबाया और गालो और होंठो को चुमां. कुछ चुम्मा चाटी के बाद मां ने दादा को अलग किया और कहा,

“अभी बाहर जाओ, बाद मे मौका मिलेगा तो फिर से चोद लेना लेकिन आज ही, कल से मै आप्की वही पुरानी बहु रहुंगी.”

दादा ने चुची दबाते हुये मां को दुबारा चुमां और बाहर चले गये. मै सोचने लगा कि क्य करु.? मै छत पर चला गया और वहा से देखा दादा घर से दूर जा रहे थे और आस पास मेरे पिताजी का कोई नामो निशान नही था. मैने लौडा को पैंट के अन्दर किया और धीरे धीरे नीचे आया. मां बरामदे मे नही थी. मै बिना कोइ आवाज किये अपने कमरे मे चला गया और वहा से झांका. इधर उधर देखने के बाद मुझे लगा की मां किचन मे हैं. मैने हाथ मे रंग लिया और चुपके से किचन मे घुसा. मां को देखकर दिल बाग बाग हो गया. वो अभी भी नंग धरंग खडी थी. वो मेरी तरफ पीठ करके पुआ बेल रही थी. मां की सुदौल और भरी भरी मांसल चुत्तर को देख कर मेरा लौदा पैंट फाड कर बाहर निकलना चाहता था.

कोई मौका दिये बिना मैने दोनो हाथो को मां कि बांहो से नीचे आगे बढा कर उनकी गालो पर खुब जोर जोर से रंग लगाते हुये कहा,

“मां, होली है.” और फिर दोनो हाथो को एक साथ नीचे लाकर मां कि गुदाज और बडे बडे चुचिओ को मसलने लगा.

“ओह्ह....तु कब आया....दरवाजा तो बन्द है....छोड ना बेटा...क्या कर रहा है... मां के साथ ऐसे होली नही खेलते......ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह...इतना जोर जोर से मत मसल....अह्ह्ह्ह्ह...छोड दे .....अब हो गया...”

लेकिन मै ऐसा मौका कहां छोडने बाला था. मै मां की चुत्तडों को अपने पेरु से खुब दबा कर रख्हा और चूची को मसलता रहा...मां बार बार मुझे हटने के लिये बोल रही थी और बीच बीच मे सिसकारी भी मांर रही थी..खास कर जुब मै घूंडी को जोरो से मसलता था. मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था. मै लंड को पैंट से बाहर नीकालना चाहता था. मै कस कर एक हाथ से चुची को दबाये रख्हा और दूसरा हाथ पीछे लाकर पैंट का बटन खोला और नीचे गीरा दिया. मेरा लौडा पूरा टन टना गया था. मैने एक हाथ से लंड को मां के चुत्तर के बीच दबाया और दूसरा हाथ बढा कर चूत को मसलने लगा.

“नही बेटा, बूर को मत छुओ...ये पाप है....”

लौडा को चुत्तर के बीच मे दबाये रख्खा और आगे से बूर मे बीच बाली अंगुली घुशेर दी. करीब 15-20 मिनट पहले दादा चोद कर गये थे और चूत गीली थी. मेरा मन गन –गना गया था, मां की नंगी जवानी को छु कर. मुझे लगा कि इसी तरह अगर मै मां को रगडता रहा तो बिना चोदे ही झड जाउंगा और फिर मां मुझे कभी चोदने नही देगी. यही सोच कर मैने चूत से अंगुली बाहर निकाली और पीछे से ही कमर से पकर कर मां को उथा लिया.

“ओह्ह...क्या मस्त मांल है....चल रंडी, अब तुझे जम कर चोदुंगा ...बहुत मजा आयेगा मेरी रानी तुझे चोदने मे. “

ये कहते हुये मै मां को दोनो हाथो से उठा कर बेड पर पटक दिया और उसकी दोनो पैरो को फैला कर मैने लौडा बूर के छेद पर रख्खा और खुब जोर से धक्का मांरा.

“आउच..जरा धीरे .....” मां ने हौले से कहा.

मैने जोर का धक्का लगाया और कहा,

“ओह्ह्ह्ह....मां, तु नही जानती, आज मै कितना खुश हुं. ..” मै धक्का लगाता रहा और खुब प्यार से मां की रस से भरी ऑंठो को चूमां.

“मां, जब से मेरा लौडा खडा होना शुरु हुआ चार साल पहले तो तबसे बस सिर्फ तुम्हे ही चोदने का मन करता है. हजारों बार तेरी चूत और चुची का ध्यान कर मैने लौडा हिलाया है और पानी गिराया है..हर रात सपने मे तुम्हे चोदता हुं. ..ले रानी आज पूरा मजा मांरने दे...”


RE: Holi sex stories-होली की सेक्सी कहानियाँ - sexstories - 11-01-2017

मैने मां की चुचीओ को दोनो हाथो मे कस कर दबा कर रख्खा और दना दन चुदाई करने लगा. मां आंख़ बन्द कर चुदाई का मजा ले रही थी. वो कमर और चुत्तर हिला हिला कर लंड को चुदाई मे मदद दे रही थी.

“साली, आंख खोल और देख, तेरा बेटा कैसा चुदाई कर रहा है. ...रंडी, खोलना आंख....”

मां ने आंखे खोली. उसकी आंखो मे कोई ‘भाव’ नही था. ऐसा भी नही लग रहा था की वो मुझसे नाराज है...ना ही ये पता चल रहा था कि वो बेटे के लंड का मजा ले रही है..लेकिन मै पुरा मजा लेकर चोद रहा था...

“ साली, तु नही जानती....तेरे बूर के चक्कर मे मै रन्डीओ के पास जाने लगा और ऐसी ऐसी रंडी की तलाश करता था जो तुम्हारी जैसी लगती हो...लेकिन अब तक जितनी भी बुर चोदी सब की सब ढीली ढाली थी...लेकिन आज मस्त, कसी हुई बूर चोदने को मिली है...ले रंडी तु भी मजा ले...”

और उसके बाद बिना कोइ बात कीये मै मां को चोदता रहा और वो भी कमर उछाल उछाल कर चुदवाती रही. कुछ देर के बाद मां ने सिसकारी मांरनी शुरु की और मुझे उसकी सिस्कारी सुनकर और भी मजा आने लगा. मैने धक्के क स्पीड् और दम बढा दिया और खुब दम लगा कर चोदने लगा..

मां जोर जोर से सिसकारी मांरने लगी.

“रंडी, कुतिया जैसा क्यो चिल्ला रही है, कोई सुन लेगा तो....”

“तो सुनने दो....लोगो को पता तो चले कि एक कुतिया कैसे अपने बेटे से मरवाती है....मांर दे, फाड् दे इस बूर को....मांदरचोद, मां कि बूर इतनी ही प्यारी है तो हरामी पहले क्यो नही पटक कर चोद डाला...अगर तु हर पिछली होली मे यहा रहता और मुझे चोदने के लिये बोलता तो मै ऐसे ही बूर चीयार कर तेरा लौडा अन्दर ले लेती....चोद बेटा ..चोद ले....लेकीन देख तेरा बाप और दादा कभी भी आ सकते है... जल्दी से बूर मे पानी भर दे.”

“ ले मां, तु भी क्या याद रखेगी कि किसी रन्डी बाज ने तुझे चोदा था...ले कुतिया, बन्द कर ले मेरा लौडा अपनी बूर मे.” मै अब चुची को मसल मसल कर, कभी मां कि मस्त जांघो को सहला सहला कर धक्के पर धक्का लगाये जा रहा था..

“आह्ह्ह्ह्ह...बेटा, ओह्ह्ह्ह्ह..बेटा...अह्ह्ह्ह्ह....मांर राजा....चोद...चोद....”

और मां ने दोनो पाव उपर उठाया और मुझे जोर से अपनी ओर दबाया और मां पस्त हो गयी और हांफने लगी.

“बस बेटा, हो गया....निकाल ले....तुने खुश कर दिया.....”

“मां बोलती रही और मै कुछ देर और धक्का लगाता रहा और फिर मै भी झर गया. मैने दोनो हाथो से चुची को मसलते हुये बहुत देर तक मां की गालो और ओंठो को चुमता रहा. मां भी मेरे बदन को सहलाती रही और मेरी चुम्मा का पुरा जबाब दिया. फिर उसने मुझे अपने बदन से उतरा और कहा,

“बेटा, कपडे पहन ले...सब आने बाले होंगे.”

“फिर कब चोदने दोगी?” मैने चूत को मसलते हुये पुछा.. ”अगले साल, अगर होली पर घर मे मेरे साथ रहोगे !” मां ने हंस कर जवाब दिया. मैने चूत को जोर से मसलते हुये कहा, “ चुप रंडी, नखडा मत कर, मै तो रोज तुझे चोदुंगा.”

“ये रंडी चालू मांल नही है.... तु कालेज जा कर उन चालु रंडीओ को चोदना...” मां कहते कहते नंगी ही किचन मे चली गयी .

मैने पीछे से पकर कर चुत्तर को मसला और कहा,

“मां, तु बहुत मस्त मांल है...तुझे लोग बहुत रुपया देंगे, चल तुझे भी कोठे पर बैठा कर धंधा करवाउंगा. “ मैने मां की गांड में अंगुलि पेली और वो चिहुंक गयी .. मैने कहा, “रंडी बाद मे बनना, चल साली अभी तो कपडा पहन ले...”

“रूम से ला दे ...जो तेरा मन करे.” वो बोली और पुआ तलने लगी.

मै तुरत कमरे से एक साया और ब्लाउज लाकर मां को पहनाया .

“साडी नही पहनाओगे? “ मां ने मेरी गालो को चुमते हुये कहा...

“मां, तु बहुत मस्त मांल है...तुझे लोग बहुत रुपया देंगे, चल तुझे भी कोठे पर बैठा कर धंधा करवाउंगा. “ मैने मां की गांड में अंगुलि पेली और वो चिहुंक गयी .. मैने कहा, “रंडी बाद मे बनना, चल साली अभी तो कपडा पहन ले...”

“रूम से ला दे ...जो तेरा मन करे.” वो बोली और पुआ तलने लगी.

मै तुरत कमरे से एक साया और ब्लाउज लाकर मां को पहनाया .

“साडी नही पहनाओगे? “ मां ने मेरी गालो को चुमते हुये कहा...

“नही रानी, आज से घर मे तुम ऐसी ही रहोगी, बिना साडी के...” ”तेरे दादा के सामने भी ...!” उसने पुछा. “ ठीक है सिर्फ आज भर..कल से फिर साडी भी पहनुंगी.

मां खाना बनाती रही और मै उसके साथ मस्ती करता रहा. .

करीब आधे घंटे के बाद दरवाजे पर दस्तक हुई और मैने दरवाजा खोला. मेरे बाबुजी अकेले थे. मैने दरवाजा बंद किया.

“मां कहाँ है?” बाबुजी ने पुछा... ”पुआ तल रही है...” मैने जवाब दिया.

हम दोनो किचन में आये और मां ने हमें मुस्कुरा कर देखा और हमें 2-2 पुआ खाने को दिया. बाबुजी ने मां को बिना साडी के देखा . मां ने साडी और भी नीचे बांध लिया था. पीछे से चूत्तरों की उठान भी दिखने लगी थी. मां की चिकनी चिकनी कमर और उसके नीचे चूत्तरों की उठान मुझे दुबारा मादक बना रही थी. और मन कर रहा था कि बाबुजी के सामने ही मां को चोद डालूं. मै थोडा आगे बढा और फिर ठिठक गया. साली ने साया इतना नीचे बांध रख्खा था कि साया के उपर से काले –काले झांट की झलक भी दिखने लगी थी. मालती बहुत ही मदमस्त और चूदासी लग रही थी. साया के उपर से झांट देख कर मेरा लौडा टन –टनाने लगा था. मेरा मन मां के साथ और मस्ती मारने का करने लगा था.


This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


pranitha subhash nude pussy naked full naked big boob sexbabaphoto of susmita on sex baba.netMoty lund wale meri chut k haqdar sex storyactor hebah patel sex baba xxx imgesMehreen pirzada gand chudai xxx nude HD picjija didi ki night. pelte dekaमूह खोलो मूतना हैMaa ki phooly kasi gaand me ras daalamaa ne darzi se peticot silwaya kahaniMausi ki rasoi me khaat pe gaand maari rasili kahaniya sexbaba.commahek ki panty rajivladies ko karte time utejit hokar pani chod deti he video.comsexbava.kachchi kaliమొడ్డ లేసింది సెక్స్ స్టోరీస్हीनदीबोलने वाली लडकी शैकशभाभी को देखा बुर रगर रही थीxxx mote kulle ki vodeoyoni se variya bhar aata hai sex k badगोर बीबी और मोटी ब्रा पहनाकर चूत भरवाना www xxn. comपोरन बीबी चुत मे लेंड गीरने वालेsexbaba gaonvery hairy desi babe jyotiBhabi ke tadpata jism hqपुच्चीची मालीशshuag rat sex story with reshmimorgi hd porn syxxxx video beta ke mami ke yar se chupke se chudaiganga nadi me pandit ki chudai kahanihot hindi chuday video maal chatkar rumaal se chut ko saph kiyA bra wali kawww ek ladies kiraya do boli chudti kai aadmi se video comtelugu anchors singers nude fake storiesहिदी मे सेकसी फिलम वोलने वालीpenzpromstroy.ru मांXxx jahawi kapur ki cutमाँ पूर्ण समर्थन बेटे के दौरान सेक्स hd अश्लील कूल्हों डालGay contact no Ludhiana only ju gand detherad sexbaba picDesi tait boobasतिला मी खूप चाटलेmajaaayarani?.comsaas aur betiyan sexbaba.combfxxxx haspitl phull hd jo chleSikh didi ke swalar utari choto bhai n pee chut storyhindi incent kahaniya mera chipku beta chudai kahaniLADKIYO KI CHUT KAB APNI CHUT KI GANDH CHODTI HAIMami and swamiji chut maari sareebha bhi ka boor bada mazedaar Xxx sex video.coKhole aam kai jhadai me dekho xxx videoपरीधी शरमा एकटर सेक्सी इमेजगे मै कैसे Lund डाले सेक्सी स्टोरी दो लडको के बिचfat girls xxx videos.com hindi lugai kaise jhadti hiDHISHA PATNI SEX FUKKING IMAGESfti sadi chut dikhi hindi khanisana sheikh sexbabaWww.kanda.actress.nudes.fake.sex.baba.comwww ek ladies kiraya do boli chudti kai aadmi se video comchuchi Ko hilata dans kiaaactress Ishita ganguly ki full nagni porn sex xxx photosmami ko sex mein dala badli kisaas ki chut or gand fadi 10ike lund se ki kahaniya.com//penzpromstroy.ru/Thread-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82chodankahaniBlouse kholke doodh Piya hot storiessonarika bhadoria nacked.com sex babaBin bulaya mehman story sex babahiba nawab nude sexbaba आईला झवलो मराठि कथा XXX.COMhiba nawab nude sexbaba बेटी ने घोडे से कियासेकसColours tv sexbabaBadi gand Badi chut wali sexy filme Chup Chup Ke sex karne wali filmSex katha भाभीची commummy dost ki mere god me lundGand maravte esekaIndian nude img Old bollywood actress sexbabasexkhani marathi pragneantapni boss ki moti gand miliमै मेरी सास और घोड़ा गाड़ी... चुदाई कहानीभाभी कि गान्ड मे दाने वाला कोन्डम लगाया कहानीButfula.indian.gala.xxx.vodoedebina bonnerjee nude pics sexbaba https://www.sexbaba.net/Thread-keerthi-suresh-south-actress-fake-nude-photos?page=3छोटी मां बडा लड बेटा xxnxsex photo Jijaji chhat par sexxx photoraat ko maa ne kaha meray sath so jao moti gand